मर्जर नहीं, ये तो स्कूल का मर्डर है।
बच्चों को शिक्षा से दूर करना, सबसे बड़ी भूल है। 📚❌
हमारे गांव के बच्चों का हक़ मत छीनों।
#JusticeForSchoolsChildren की ये आवाज़ हर कोने तक पहुंचनी चाहिए!
✊ अब नहीं रुकेंगे – पोस्ट करो, रीपोस्ट करो।
शिक्षा की लड़ाई डिजिटल तूफ़ान बन चुकी है।
सर्व शिक्षा अभियान में छोटे बच्चों विशेषकर बच्चियों को घर के पास शिक्षा उपलब्ध करने के उद्देश्य से दूरी के आधार पर प्रत्येक गाँव/मझरे में स्कूल स्थापित किए गए हैं ,संख्या मानक नहीं थी ।इस निर्णय से ग़रीब बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी ।इस निर्णय को बापस लेना चाहिये।
#SaveSchools
@myogiadityanath
माननीय मुख्यमंत्री जी हम सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी सुरक्षित कीजिए
🙏🙏🙏🙏🙏🥹🥹
जब बात सत्य की हो तो शूरवीर मौन नहीं धरते
गीदड़ की भभकियों से सिंह कभी डरा नहीं करते
जब न्याय के पुजारी हो तो फिर से एक न्याय करो
तुम हो राम के भक्त तो उनके पथ का अनुसरण करो
ध्यान दीजिए-
बिल्कुल इसी तरह के केस (Deepa EV vs Union of India) में सुप्रीम कोर्ट पहले ही ये बता चुका है कि केंद्र के नियम सही हैं, और उसे ही माना जाना चाहिए! इसी केस में UP सरकार के आरक्षण नियमों का हवाला दिया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज़ कर दिया था!