#WATCH | Jamui, Bihar: Nandan Yadav, the prime accused in the harassment of a minor girl in Jamui, has been shot in the leg during an encounter with the police.
Bless these two fishermen ♥️🥹 They rescued a helpless baby elephant being swept away by the raging Teesta River in West Bengal, then hugged the little one like their own. What a beautiful moment! Humanity at its finest. 🐘♥️
समाजवादी खेमे में मची मार , अभी और ऐसे ही रंगीन वीडियो देखने को मिलेंगे।
अखिलेश यादव ने कल एटा और कासगंज नेताओं की चुनाव को लेकर बैठक बुलाई.. एटा के कुछ नेताओं की आपस कहासुनी हो गई. अखिलेश यादव का एक वीडियो वायरल है. जिसमे कहते नज़र आ रहें.. ज़ब पैसा हो जाता है. तब ऐसे ही होता. ये पैसे की गर्मी. जाओ जो करना है करो ये पैसे की गर्मी है..
Source @pankajjilive
After 80 year of reservation , show me one Dalit Person who has this much achievement in his career, I will leave twitter.
#ISupportProffesorDoolla#IITB#IITBombay
अब एक नया रोहित वेमुला बनाया जाएगा। उसके टॉपर होने की मनोहर कहानियाँ बाहर आने लगी हैं। यह भी बताया जाएगा कि वो हॉस्टल में न्यूक्लियर पावर्ड जेट इंजन ब्रेकथ्रू के काफी निकट था जो एक बारह वोल्ट की लिथियम-प्लूटोनियम बैटरी से चल सकती थी।
परंतु, ब्राह्मणवादी प्रोफेसर ने टेक्नॉल्जी ले ली और उसे जातिसूचक गालियाँ देते हुए कहा कि क्या अब ‘अपशब्द अपशब्द अपशब्द’ भी पढ़ाई करेंगे? फिर भी साहिल ने हार नहीं मानी और परीक्षा में बैठा।
फिर, प्रोफेसर ने चुपके से उसके फोन में चैटजीपीटी एप्प खोल दिया और फोटो खींच कर अपलोड कर दिया। फिर जा कर उसे पकड़ लिया, बाहर ले गया और पुनः जातिसूचक गालियाँ दी।
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मैं मानता हूँ कि प्रोफेसर के कान में सीसा पिघला कर डाला जाना चाहिए। और मोदी एक्ट की महानतम धारा लगानी चाहिए।
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।