भारत में 99. 99 फीसदी सरकारी अफसर अधिकारी भ्रष्ट रिश्वतखोर और बिकाऊ हैँ,
जो नहीं बिके, उन्हें अच्छी Deal का इंतजार है,🙏
यही सत्य है, बाक़ी सब मिथ्या है,🙏
दिल्ली छावनी परिषद एवं छावनी सार्वजनिक अस्पताल में Maintenance कार्य जेसे (बिजली, प्लंबर, Air Conditioner, तकनीकी मरम्मत आदि) का कार्य करने वाले Contract कर्मचारी पिछले कई महीनों से वेतन वृद्धि से वंचित हैं।
छावनी सार्वजनिक अस्पताल में ठेके पर कार्य करने वाले कर्मचारी Amit Associates Engineers & Contractors के Under कार्य कर रहे हैं।
केंद्र सरकार एवं दिल्ली में लागू Minimum Wages के अनुसार समय-समय पर मजदूरी दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा अभी तक कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी नहीं दी जा रही।
जबकि इसी संस्थान में Housekeeping, Security और अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित वेतन का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली छावनी परिषद के अधिकारी वा JE द्वारा ठेकेदारों से मोटा माल घुस लेकर कर्मचारियों को तनख्वाह समय पर ना देना
कर्मचारियों को Cheque द्वारा तनख्वाह दी जाती है जिस पर महीने की 2 तारीख लिखी होती
परंतु तनख्वाह/Cheque कर्मचारियों को 12 से 15 तक में दिया जाता है
बड़े बड़े IDES, IAS अधिकारी, राजनेता नेताईन लोग आए दिन फीता काटने उद्घाटन करने पहुचे रहते हैं पर किसी ने कभी वहाँ कार्य कर रहे कर्मचारियों की परेशानी पर कोई बात तक नहीं की
Maintenance कर्मचारियों को वेतन वृद्धि से वांछित रखना श्रम कानूनों का उल्लंघन है
Minimum Wages Act, Contract Labour Act तथा श्रम विभाग के नियमों के अनुसार:
• किसी भी कर्मचारी को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान नहीं किया जा सकता।
• वेतन वृद्धि लागू होने पर उसका लाभ कर्मचारियों को समय पर देना अनिवार्य है।
• ठेका कंपनी और विभाग दोनों की जिम्मेदारी होती है कि कर्मचारियों का वेतन नियम अनुसार दिया जाए।
• कई महीनों तक बढ़ा हुआ वेतन रोकना श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।
मैं Delhi Cantonment Board के @ceo_delhi माननीय श्री Robin Baleza, श्रम विभाग एवं रक्षा मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों को उनका बढ़ा हुआ वेतन और बकाया राशि जल्द दिलाई जाए।
@LabourMinistry@DefenceMinIndia@DelhiGovDigital@CMODelhi@gupta_rekha@LtGovDelhi@SpokespersonMoD@rajeshgoelbjp@BansuriSwaraj@RakshaSampada@pdde_wc
🚨 Audio Warning – Abusive Language
हरियाणवी डांसर डिम्पल चौधरी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में कथित तौर पर फोटो खिंचवाने को लेकर विवाद दिखाई देता है,जिसमें डिम्पल चौधरी द्वारा अत्यंत आपत्तिजनक भाषा, गाली-गलौज और अभद्र शब्दों का प्रयोग सुनाई दे रहा है
@Sachingupta
उत्तर प्रदेश में स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान कमर छूने पर हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी ने थाना सासनी (हाथरस) में छेड़छाड़ की FIR कराई है। यह मामला 3 जून का है। अभी आरोपी युवक की पहचान नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश के जिला श्रावस्ती में गाय पिछले 8 दिन से एक ही खेत के लगातार चक्कर लगा रही थी। लोगों ने चमत्कार मानकर पूजा–अर्चना शुरू कर दी। गाय की तरह लोगों ने भी खेत की परिक्रमा शुरू कर दी।
अब पता चला है कि गाय को सर्रा (हाईपोग्लाइसीमिया) नामक बीमारी थी। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही गाय की परिक्रमा बंद हो गई। उसे अब इलाज के लिए भेजा गया है।
कुछ दिन पहले ही UP में लोगों ने इसी तरह चक्कर लगा रहे एक कुत्ते की पूजा शुरू कर दी थी।
अयोध्या में शिव मंदिर पर चला प्रशासन का बुलडोजर,
जिस अयोध्या को आस्था और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताया जाता है,
वहीं अब मंदिरों पर बुलडोजर चलने की खबरें सामने आ रही हैं,
सवाल यह है कि अगर मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर आस्था की रक्षा के बड़े-बड़े दावे किसलिए?
धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले आज इस मुद्दे पर खामोश क्यों हैं?
जनता जवाब मांग रही है, आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
: Credit goes to owner.
महमूद गज़नवी ने सोमनाथ का मन्दिर लूटा।
BJP (ED पार्टी) ने प्रभु श्रीराम का मंदिर लूटा।
3 करोड़ की नजूल जमीन भ्रष्ट ट्रस्ट के चंपत राय ने ख़रीदी 24 करोड़ में प्रभु श्रीराम के नाम पर महालूट।
उत्तर प्रदेश के आगरा में सरकारी स्कूल में कैंप लगाकर बच्चों को एक्सपायरी दवा बांट दी गई। यह दवा पेट के कीड़े मारने वाली Albendazole थी। टोरेंट UNM फाउंडेशन ने यह कैंप लगाया था।
@madanmohansoni
RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के सेंट्रलाइज्ड मॉडल का डीसेंट्रलाइज्ड रहस्य :
पर हम इसके बारे में बात ही क्यों करें? RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) तो भौतिक रूप में भारत में मौजूद ही नहीं है, और उसके बाद भी अगर है, तो निस्संदेह लीगल नहीं है, अवैध है!
एक अवैध संस्था, जो अरबों रुपये के वारे-न्यारे करती रहती है.
परीक्षा का मटीरियल लीक करने वाले अंदर के लोगों को सज़ा देने के बजाय,
भारत ने टेलीग्राम पर बैन लगाकर अपने 15 करोड़ यूज़र्स को सज़ा दी है— जोकि समझ से परे फैसला है।
— पावेल डुरोव, CEO, टेलीग्राम
बिहार में एक दरोगा ने नेता को 40 लाख दिए BPSC परीक्षा पास कराने के लिए बेटे को
बेटा पास हुआ नहीं तो अपने पैसे वापस मांगे तो नेता ने एक चेक दे दिया वो हो गया बाउंस दरोगा ने नेता की रिपोर्ट करवा दी
जज ने दरोगा से पूछा 40 लाख आये कहा से
क्या जज साहब का ये सवाल ठीक है
😀😃🤣🤗😅😄😄
@Khushboo79090@Ceodelhi गरीब आदमी पैदा ही शोषण के लिए हुआ है
एक हकीकत ये भी है कि बड़े ठेकेदार बिल्डर बड़े लेवल के अधिकारियों से लेकर JE AE जेसे अधिकारियों के घर का बिजली बिल से लेकर बच्चों के स्कूलफीस बीवी के लिए न्यू कार NCR जेसे इलाकों में बंगले गिफ्ट देना तक थाम के रखतेहैं
@ceo_delhi@RakshaSampada
दिल्ली छावनी परिषद एवं छावनी सार्वजनिक अस्पताल में Maintenance कार्य जेसे (बिजली, प्लंबर, Air Conditioner, तकनीकी मरम्मत आदि) का कार्य करने वाले Contract कर्मचारी पिछले कई महीनों से वेतन वृद्धि से वंचित हैं।
छावनी सार्वजनिक अस्पताल में ठेके पर कार्य करने वाले कर्मचारी Amit Associates Engineers & Contractors के Under कार्य कर रहे हैं।
केंद्र सरकार एवं दिल्ली में लागू Minimum Wages के अनुसार समय-समय पर मजदूरी दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा अभी तक कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी नहीं दी जा रही।
जबकि इसी संस्थान में Housekeeping, Security और अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित वेतन का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली छावनी परिषद के अधिकारी वा JE द्वारा ठेकेदारों से मोटा माल घुस लेकर कर्मचारियों को तनख्वाह समय पर ना देना
कर्मचारियों को Cheque द्वारा तनख्वाह दी जाती है जिस पर महीने की 2 तारीख लिखी होती
परंतु तनख्वाह/Cheque कर्मचारियों को 12 से 15 तक में दिया जाता है
बड़े बड़े IDES, IAS अधिकारी, राजनेता नेताईन लोग आए दिन फीता काटने उद्घाटन करने पहुचे रहते हैं पर किसी ने कभी वहाँ कार्य कर रहे कर्मचारियों की परेशानी पर कोई बात तक नहीं की
Maintenance कर्मचारियों को वेतन वृद्धि से वांछित रखना श्रम कानूनों का उल्लंघन है
Minimum Wages Act, Contract Labour Act तथा श्रम विभाग के नियमों के अनुसार:
• किसी भी कर्मचारी को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान नहीं किया जा सकता।
• वेतन वृद्धि लागू होने पर उसका लाभ कर्मचारियों को समय पर देना अनिवार्य है।
• ठेका कंपनी और विभाग दोनों की जिम्मेदारी होती है कि कर्मचारियों का वेतन नियम अनुसार दिया जाए।
• कई महीनों तक बढ़ा हुआ वेतन रोकना श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।
मैं Delhi Cantonment Board के @ceo_delhi माननीय श्री Robin Baleza, श्रम विभाग एवं रक्षा मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों को उनका बढ़ा हुआ वेतन और बकाया राशि जल्द दिलाई जाए।
@LabourMinistry@DefenceMinIndia@DelhiGovDigital@CMODelhi@gupta_rekha@LtGovDelhi@SpokespersonMoD@rajeshgoelbjp@BansuriSwaraj@RakshaSampada@pdde_wc
@FamilyManIND jo bade bade adhikari hote h wo apne se chhote level k karmachariyo ko apne aage kuchh samajhte hi nhi h,agr ye chhote karmchari n ho to bade adhikariyo ka Chhota-mota kam v n ho,fir inhe apni mehnat ka vetan dene me aisi truti kyu??
In chhote logo ka apni v jindgi h,
@ceodelhi
गरीब को तो बच्चे की पढ़ाई मार गई,
बेटी की शादी और सगाई मार गई,
किसी को तो रोटी की कमाई मार गई, कपड़े की किसी को सिलाई मार गई,
किसी को मकान की बनवाई मार गई
जो सच सच बोला, तो सच्चाई मार गई,
बाकी कुछ बचा तो मँहगाई मार गई.
#Inflation#मँहगाई_मँहगाई
☕✨ चाय हो या ज़िंदगी...
ना दिखावे का शौक, ना भीड़ में खोने की चाह,
सुकून अपने अंदाज़ में मिलता है, और खुशियाँ छोटी-छोटी बातों में,
सादगी मेरी ताकत है, मुस्कान मेरी पहचान है, और ठहराव मेरी शख्सियत,
लोग दौलत से पहचान बनाते हैं, हम किरदार से याद रखे जाते हैं, ❤️
चेहरे पर हल्की मुस्कान, हाथ में एक कप चाय, और दिल में सुकून...
बस इतनी सी है ज़िंदगी, और यही सबसे खूबसूरत है। ☕🌿
Good Evening Friends.