पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
What are these horrifying visuals coming out of a Delhi police station?
Women journalists being beaten and thrashed for asking questions about the Delhi CM.
And when the police allegedly discovered that one of these journalists was Muslim, the assault intensified.
Is this a democracy - or a police state?
Utterly reprehensible.
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
कल तक सुभाष गर्ग सरकार की गाड़ी के ड्राइवर थे, बजट की गाड़ी उनके दस्तखत से चलती थी, दुनिया के सामने सरकार उन्हें अपना अफसर बताती थी।
आज उन्होंने मीटर देखकर कह दिया कि 7.8% वाली रफ्तार का हिसाब गड़बड़ है।
बस, दिल्ली से फरमान आ गया, ड्राइवर को गाड़ी चलानी ही नहीं आती।
अडानी टीवी में इस समय मातम का माहौल होगा। चैनल को उम्मीद रही होगी कि पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ७.८% ग्रोथ रेट के पक्ष में बोलकर विपक्ष के आरोपों की धज्जियां उड़ाई देंगे लेकिन दांव उल्टा पड़ गया।
आप ज़रा ऐंकर का चेहरा ग़ौर से देखिए। बेचारी के होश उड़े हुए हैं। वह छटपटा रही है। वह बार-बार गर्ग को घेरने की कोशिश कर रही है मगर गर्ग ठंडे दिमाग़ से उसके हर हमले को नाकाम कर रहे हैं।
आज तो अडानी टीवी के सीईओ की नौकरी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री की ऐसी भद्द पिटवा दी है कि महामानव जहां भी होंगे पसीने पोंछ रहे होंगे और अडानी को बुरा-बुरा कह रहे होंगे।
𝟕.𝟖% 𝐆𝐃𝐏 𝐆𝐫𝐨𝐰𝐭𝐡 𝐢𝐧 𝐅𝐮𝐝𝐠𝐞𝐝 𝐃𝐚𝐭𝐚, 𝟐.𝟔% 𝐢𝐧 𝐑𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲
Former Finance Secretary in the Modi Govt, Subhash Chandra Garg, has exposed how the Modi government has fudged GDP figures.
As per Garg, the government deliberately revised last year's GDP numbers downward to artificially inflate this year's growth rate. If the figures had not been fudged, 𝐫𝐞𝐚𝐥 𝐆𝐃𝐏 𝐠𝐫𝐨𝐰𝐭𝐡 𝐰𝐨𝐮𝐥𝐝 𝐛𝐞 𝐨𝐧𝐥𝐲 𝟐.𝟔%, 𝐧𝐨𝐭 𝟕.𝟖%.
This isn't speculation. The Modi government's own fudged data is exposing the government's lie.
Garg's warning says it all:
"Recognise the reality of the Indian economic situation that 𝐭𝐡𝐞𝐫𝐞 𝐢𝐬 𝐧𝐨 𝐫𝐞𝐚𝐥 𝐠𝐫𝐨𝐰𝐭𝐡."
While the Modi government is celebrating fudged figures of 7.8%, it is hiding the real economic distress of the country.
I explain analytical base of my conclusion that GDP growth in Q1 in 2026-27 in current price is 2.6% and in real terms close to 0. There are still messier distortions in sectoral performance with manufacturing and consumption witnessing negative growth. https://t.co/pvsjXlAdcq
“7.8% की ग्रोथ रेट वैसा ही मज़ाक़ है कि अगर जेफ़ बेज़ोस और एलन मस्क किसी स्टेडियम में आ जाएं, तो उस स्टेडियम में मौजूद लोगों की औसत आय बढ़कर 1 बिलियन डॉलर हो जाएगी।”
- प्रो. अरुण कुमार, अर्थशास्त्री
मोदी सरकार में फाइनेंस सेक्रेटरी रहे सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि मोदी सरकार GDP के आंकड़ों में घालमेल कर रही है.
पिछले साल के GDP के आंकड़े कम कर दिए, ताकि इस साल बेहतर ग्रोथ दिखाई जा सके.
अगर ये घपलेबाजी न की होती तो असल में GDP ग्रोथ सिर्फ 2.6% रहती.
जी हां... सिर्फ 2.6% GDP ग्रोथ.
मतलब साफ है कि मोदी की छवि बचाने के लिए देश को झूठे आंकड़े दिखाए जा रहे हैं.
असल में हालात बहुत खराब हैं, जो कि सोशल मीडिया पर दिखता भी है.
लोग नौकरियों के लिए लाठी खा रहे हैं. कारोबार बर्बाद है. शेयर मार्केट बैठा हुआ है. विदेशी निवेशक अपना पैसे लेकर निकल चुके हैं.
यहां तक कि मोदी भी फर्जी आंकड़े देने के साथ हिदायत दे रहे हैं कि सोना ना खरीदो, विदेश ना जाओ.
मतलब वो असल बात जानते हैं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की बैंड बजा दी है.
फर्जी आंकड़ों से ख़बरों को मैनेज किया जा सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत को कैसे नकारा जा सकता है.
देश से मोहब्बत करने वाले लोग BJP की देशविरोधी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहते हैं, ताकि देश में एक सेक्युलर और जनहित की सरकार बनाई जा सके।
AIMIM में रहने के बाद मुझे लगा कि हम बात तो BJP और उसकी विचारधारा से लड़ने की करते हैं, लेकिन जमीन पर उनसे लड़ रहे हैं जो BJP के खिलाफ हैं।
इसलिए मैंने फैसला लिया कि अगर हम सच्चे देशभक्त हैं और ईमानदारी से BJP को सत्ता से हटाना चाहते हैं, तो कांग्रेस के साथ आना होगा जो मजबूती के साथ BJP से लड़ रही है।
: @syedasimwaqar जी
📍 दिल्ली