ये है वीर सावरकर जी की काला-पानी सजा के दौरान अंग्रेज़ों की दी हुई पोशाक, जो जूट की बनी है और समुद्री-उमस में चमड़ी को तिल-तिल काटती थी !
जबकि दुसरी और सत्ता पाने के लिए देश का बंटवारा करने वाले "हरामी" महलों में बैठकर भारत में अपनी राजनीतिक दुकानदारी सेट करने की योजनाएं बनाते थे