@raviadi7793 मान्यवर मान्यवर थे उनमे दम था. ..जज्बा था संघर्ष था वो किसी को मारते तो व्यक्ति ख़ुशीख़ुशी प्रसाद की तरह ग्रहण कर लेता ! लेकिन मान्यवर का नाम लेकर तुम्हारी औकात नहीं मारने की न अब तुम्हारी डरपोक मालकिन की औकात रह गयी है किसी को पीटने की ! इसलिए औकात से कम भौको !
@AnilYadavmedia1 8वें नंबर पर आएगी न कि 4थे पर ! अगर साथ न लड़े तब --
1 -भाजपा
2- सपा
3- अपना दल
4- RLD
5- सुहेलदेव पार्टी
6- निषाद पार्टी
7- बसपा
8- कांग्रेस
अगर साथ लड़े तब --
1- सपा
2- भाजपा
3- कांग्रेस
4- अपना दल
5 -बसपा
6- ASP
7- अन्य
@MohitBharatYBP चोरी और बेईमानी भारतीयों के नहीं एक ही जाति में ज्यादा घुसी हुई है उनको हम “चढ़ावा चोर” कहते हैं.! भारत का ऐसा कोई मंदिर नहीं जहां उस चोर प्रजाति ने चोरी न की हो !
@MohitBharatYBP जमींदार नहीं है ये लेकिन कलेजियम अर्थात जुगाड़ वाली जगह में अन्य जनरल वर्ग (राजपूत, लाला, पटेल रेड्डी और अन्य ) का पूरा हक खा जाते हैं !
ये जमींदार नहीं है इसलिए मंदिरो के ट्रस्ट या पुजारी के जगहों पर गैर 52 वर्ग के सवर्ण लोगों को आसपास नहीं भटकने देते उनका पूरा हक खा जाते !
@MohitBharatYBP अन्नदाता अर्थात दानदाता को चढ़ावा चोरों के साथ 😁😁......ओबीसी समाज ठाकुर लाला जैसा नहीं जो 52 नो के इशारे पर नाचे और ठाकुर, लाला एवं अन्य सामान्य जातियों की तरह हमारा भी हक 52 खा ले.! !