#यात्री_मन व्याकुल है ! बंधनों से मुक्त होना चाहता है ! परिस्थितियाँ अवरोध उत्पन्न करती प्रतीत भले हो रहीं हों परंतु #यात्री_मन यह भी जानता है कि #यात्री_मन को कोई बांध नहीं सकता है ! जो निर्धारित है वह स्वयं अपना मार्ग प्रशस्त करेगा ! शेष सब माया ही है परंतु कर्म महत्वपूर्ण है !
दिवाली के दिये ख़रीदते वक्त मोल-मोलाई न करें। ध्यान रहे कि आपसे होने वाले दो रुपए से किसी का घर रौशन होता है। इस दिवाली आइए करें दूसरों की ख़ुशियों को रौशन।
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