सरकार के पास देश की हर समस्या का एक ही मरहम है. वो है वंदे मातरम.
देश में चीनी है कम, बोलो #वंदेमातरम
फूटा मंहगाई का बम, बोलो वंदे मातरम
एथेनॉल से इंजन गया थम, बोलो वंदे मातरम
मिड-डे मील में पानी ज्यादा सब्जी कम, बोलो वंदे मातरम
बच्चे तबेले में पढ़ें और शिक्षा मंत्री बेशर्म, बोलो वंदे मातरम
छात्रों पर चली पैलेट गन पर सर���ार फैलाये ��ूठ और भ्रम, बोलो वंदेमातरम
भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा नौकरियां बहुत कम, बोलो वंदे मातरम
करीब एक हफ्ते से Insta पर ज्यादा सक्रिय हूँ और 👇 ये वायरल हो गया है.
पूरा वीडियो भी ज़रूर देखें। कुछ ऐसी ही लाइन हैं वीडियो के आखिर में भी.
https://t.co/VyS0Ml2XUR
CJP पैसा इकट्ठा करें,
CJP स्कूल ठीक करें,
CJP एक-एक रुपया अपने फॉलोवर्स से लें
सरकार मौज करें,
सरकार स्कूलों में फोटो-वीडियो पर रोक लगाए,
सरकार बजट को खर्च नहीं करें।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल क�� एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने ��नसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
पहले गन्ने से इथेनॉल बनाया। E 20 की नीति बनाकर आम जनता की गाड़ियाँ ख़राब कर दी और आज तक स्वीकार नहीं किया कि, ये नीति ग़लत है।अब जिस गन्ने से चीनी बननी थी उससे इथेनॉल बना दिया।अब महंगी ची��ी आयात कर रहे है।सरकार की इन दोनों ही नीतियों ने जनता का आर्थिक नुक़सान किया है…
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।
इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।
पूरे सत्र “लापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।
सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं।
देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी।
ये वीडियो पाकिस्तान से बाहर रहने वाले पाकिस्तानियों के साथ शूट किया गया है पर ये बात पाकिस्तान में रहने वाले आम पाकिस्तानी के लिए भी सही है। वे भारत की इज़्ज़त करते हैं। वे प्यार मोहब्बत की बात करते हैं। वे साझा विरासत की अहमियत को समझते हैं।
बात वहां बिगड़ती है जहां भारत विरोधी तत्व अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं… और सियासी वजहों/इश्टैब्लिशमेंट के गलियारों से उनको शह मिलती है!
Anyways thank you @DanQayyum for bringing such lovely video ❤️
अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है - यह बेहद चिंताजनक है।
लेकिन उसस�� भी ज्यादा चिंताजनक है राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी की ओर से पसरा सन्नाटा। उल्टा मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही है।
देश को आज भी गलवान के बाद प्रधानमंत्री का वह बयान याद है, जिसमें उन्होंने यह कहकर कि चीन ने हमारी जमीन का एक इंच भी नहीं लिया, भारत को भारी नुकसान पहुंचाया था।
आज भी अपनी छवि बचाने का वही ऑपरेशन जारी है - और देश की सुरक्षा से ऊपर अपनी नकली छवि को प्राथमिकता देने वाला प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” - कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए - गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं।
@AmitShah जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले - और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा।
छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
#ChhatronKiGoonj
बहुत सवाल पूछते हैं कि 70 साल में क्या किया?
70 साल में विपक्षियों के किसी प्रोग्राम में इस तरह की अड़��नें नहीं डालीं।
प्रयागराज में जहां कार्यक्रम हुआ था वहां सीवर का गंदा पानी छुड़वा दिया!
छात्र और युवाओं के समझ में आ रहा है कि फर्क क्या है!
“गुंडे भेजने के बाद एक 15 साल की लड़की को सबके सामने माफ़ी मांगने के लिए मजबूर करना और फिर उस माफ़ी को स्वीकार करना पूरी तरह बकवास है”
@RahulGandhi 🔥🔥🔥🔥
असम में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत का हाथ
यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट के तौर पर @srinivasiyc ने कोरोना के समय मदद की एक अदभुत मिसाल पेश की थी।
अब जबकि @CongressSevadal की ज़िम्मेदारी मिली है तो एक ��ार फिर आपदा के समय उसी तरह सेवा के रंग में नज़र आ रहे हैं श्रीनिवास और कांग्रेस सेवा दल की उनकी टीम।
हर राजनीतिक पार्टी को चाहिए कि वह आपदा पीड़ितों की मदद को आगे आएं क्योंकि आपदा के ऐसे मौक़े पर सरकारी मशीनरी अपनी गति से काम करती है… और सेवा भाव से जुड़ने वाले संगठन अपने समर्पण से।
असम और ओड़िसा जैसे प्रांत की आपदा बड़ी है। मदद का हाथ बढ़ाएँ और मदद का हाथ बढ़ाने वालों का हौसला बढ़ाएँ