जो गेहूँ उगाते हैं- वो उस गेहूँ से बना पिज़्ज़ा क्यूँ नहीं खा सकते? जिनके पैर, एड़ियों की लकीरें उस मेहनत का प्रतीक हैं जिससे इस देश की मिट्टी उपजाऊ बनती है-वो उन पैरों का मसाज क्यूँ नहीं करा सकते?
कौन हैं वो लोग जो किसानों को सिर्फ़ लाचारी, ग़रीबी & मजबूरी में देखना चाहते हैं?