@VijayKatheriya7 जिसने उसे भूख़ड़ताल करने के लिए प्रेरित किया और उसके लिए यह मंडप सजाया। उसे भूखे रख कर स्वयं तीन समय पेट भर कर खाते हुए तुम लोगों को लज्जा नहीं आ रही?
@Queen510619151 तुम्हारे लिए तो लायक वोह ही है जो देश, देशवासियों और सेना की आधारभूत आवश्यकताओं को पैसों वाले पेड़ मिलने तक रोक दे और "देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का" बोल कर भारतवासियों में एक दूसरे के लिए घृणा भरते हुए उन का प्रयोग गुप्त यात्रा आयोजन पर करे।
@kshantaram2@Queen510619151 खानदानी गुलामों और उनके मालिको का दर्द सब देशभक्त भारतीय समझते हैं। पहले आतंकी जी पूरे भारत में आराम से घूमते थे और जगह जगह बम विस्फोट कर निर्दोष भारतीयों को मारते थे। कभी एकाध आतंकी मरता था तो एक रात रो लेते थे। अब आतंकी बन फोड़ने से पहले ही पकड़े जाते हैं या मार दिए जाते हैं।
@AtheistApex@sunil68616256@Rational_am@EWSmisnomer@52cooking What so ever suits you is right and what so ever is against your thinking is wrong.
Modern science beleives " everything in this universe is made up of Atoms".
Do you agree or not?
@Iftekha39418001 इसने पता नहीं सरकार की बात मान कर भूख हड़ताल पर क्यों बैठ गया। अब इसे जंतर मंतर पर बंट रहे नाश्ते, दोपहर और रात के खाने से पेट भरते हुए स्वयं को वहां बैठाने वालों को अपनी योग्यता का परिचय देते हुए उनकी मूर्खता समझा देनी चाहिए।
@Saiff198 पता नहीं लोग इसे देखते हुए नाश्ता और दोपहर व रात का खाना कैसे हजम कर जाते हैं।
भारत का युवा बांग्लादेश के युवाओं से कुछ अलग क्यों है और पता नहीं अपने भविष्य की क्यों सोचता है जो इतनी बार बुलाने पर भी देश में आग नहीं लगा रहा।
@Ramchandr495404@garvirawat वोह तो भगवा आतंकी थे पर कसाब को जीवित पकड़ कर पता नहीं तुकाराम ओंबले ने क्यों सारी कहानी का बंटाधार कर दिया और हमे पाकिस्तान के विरुद्ध "कड़ी निंदा" जैसी कठोर कार्यवाही करनी पड़ गई। कसाब को फांसी होने पर भी कोई रात भर नहीं रो पाया।
@JantaXpressBR 2002 से 2014 तक कितनी ऊंचाइयों पर चल रहा था?
दिल्ली चंडीगढ़ हाइवे पर अधूरे बने फ्लाईओवर जंगलों से भर कर प्रदूषण नियंत्रण हो रहा था। सेना की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पैसों वाले पेड़ खोजे जा रहे थे। पर इन देशभक्त भारतवासियों ने 2014 में सब नष्ट करवा दिया।
@Altamash_3412 मोदी जी के विदेश दौरे से लाभ कैसे हो सकता है? न तो यह अपने साथ पत्तल चाट ले कर जाते हैं और न ही यह विदेशों के गुप्त स्थलों में जा कर गुप्त लोगों से गुप्त समझौते करते हैं।
@AtheistApex@sunil68616256@Rational_am@EWSmisnomer@52cooking Difference between Atheist and Bheem follower is very small. Athiest don't believe and don't bother about any religion but Bheem follwer find one or other way to bark against Sanatan.