🤬आज से Big Boss बंद ❌ थूकता हु मैं ऐसे Show को जहां अरमान मलिक को बचाने के लिए चाल चली गई और हम लोगों से वोट कराने का सिर्फ ड्रामा होता है किसको बाहर करना है ये अब अंदर वाले लोग डिसीजन लेते है तो फिर हमारे वोटिंग का क्या मतलब 🤬🤬🤬 शिवानी कुमारी को लोग कितना प्यार और Support
🚨 DOUBLE EVICTION in #BiggBossOTT3 house as exclusively revealed
After Shivani Kumari, now Bigg Boss EVICTED Vishal Pandey late at night from the show.
#BiggBoss_Tak
उत्तर प्रदेश में जो अन्य एक सीट दिखाई दे रहा है वह भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद है नगीना से 😂 बधाई हो भाई 114000 वोट से आगे @BhimArmyChief@ajadsamajparty
उत्तर प्रदेश में जो अन्य एक सीट दिखाई दे रहा है वह भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद है नगीना से 😂 बधाई हो भाई 114000 वोट से आगे @BhimArmyChief@ajadsamajparty
भोजपुरी गानों ने जितने सांसद दिए हैं उतने हिंदी गानों ने नहीं। भोजपुरी इलाक़ों की जनता ग़रीब है। मज़दूर है। उसके इलाक़ों के स्कूल कॉलेज कबाड़ हैं। मनोरंजन के लिए पैसे नहीं है। सिंगल सिनेमा हॉल ख़त्म हो गए। नेटफ्लिक्स देखने की औक़ात नहीं है। नेट बचाता है और गाने देखकर दिल बहलाता है। इन गानों की लोकप्रियता ने कई लोगों को स्टार बनाया और कबाड़ को ही सुनने वालों की पसंद बना दिया। लोग उसी में टेस्ट लेने लगे।
भोजपुरी क्षेत्रों के लोगों के लिए कोई भी स्थायी शहर नहीं है। उन्हें आज न कल कहीं भागकर जाना होता है। साथ जाती है भोजपुरी और उसके गाने। सूरत से लेकर दिल्ली तक के जिन बंद कमरों में लेबर क्लास रहता है, वहाँ इन गानों के ज़रिए सपने पैदा किए जाते हैं। कम मज़दूरी के कारण वह जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाता है, बस सपना देखता है बंगाल की माल का और लंदन की लवंडिया का।
भोजपुरी के ये गायक लड़कियों के देह का वर्णन ऐसे करते हैं ताकि सुनने वाले को लगे कि विकास का मतलब बेहतर जीवन पाना नहीं है। लंदन की लवंडिया का देह पाना है। वैसे भारत अकेला देश है, जहां नारी की पूजा होती है। बंगाल की माल और लवंडिया लंदन की उसी पूजा के पूजनीय मंत्र हैं। पता नहीं बाक़ी दुनिया की नारियाँ कैसे जीती हैं, उनकी पूजा भी नहीं होती। अभागन हैं।
दूसरी तरफ़, इन गानों ने भोजपुरी समाज की लड़कियों और औरतों को सामाजिक और राजनीतिक चेतना में जिस तरह से स्थापित किया है, वह शर्मनाक है। हिन्दी फ़िल्मों के आइटम सॉन्ग के प्रभाव से अलग इनका विश्लेषण होना चाहिए। भोजपुरी गानों में लड़की क़ब्ज़ा करने और उठा लाने की वस्तु बनती है। उसका कोई वजूद नहीं। माँग से लेकर नाक तक सिंदूर की रेखाएँ उनके जीने की अंतिम मंज़िल है। स्त्री और पुरुष दोनों एक दूसरे की ग़रीबी के चक्र में फँसते हैं। लिपटते हैं।
इन गानों में दोनों के लिए एक ऐसे वर्तमान का सृजन किया जाता है, जहां वह साँस ले सके । लेकिन उसके भीतर गाँव और अतीत की स्मृतियाँ छटपटाती रहती हैं। छठ और होली में वह ख़ुद को रोक नहीं पाता है। अपने को सामान की तरह कस लेता है। ख़ुद को बोरे में डाल घटिया रेल गाड़ियों की सेलुलर जेल सरीखे कोच में फेंक देता है। मरने से बच गया तो घर पहुँच जाता है। उसके लिए कुछ भी नया और उत्साहजनक होने की जगह लड़की का शरीर है। उसे पता है कि वंदे भारत उसके लिए नहीं है। बुलेट ट्रेन तो भूल ही जाए।
आप इन गानों के सुन नहीं सकते न देख सकते हैं मगर ये लोकप्रिय तो हैं। इन गानों की फ़ैक्ट्री में लड़के जो बन रहे हैं सो बन रहे हैं मगर फ़ैक्ट्री चलाने वाले गायक सांसद बन रहे हैं। ये गाने न हों, धर्म और कर्मकांड न हो और दहेज न हो तो भोजपुरी समाज घंटे भर में अपने जीने से लेकर होने तक का अर्थ गँवा देगा।
यू ट्यूब पर मेरा एक भोजपुरी चैनल है, जिसका नाम बिहान है। उसके लिए हाल ही में एक कमेंट्री की थी। आप जानते हैं भोजपुरी मेरी मातृभाषा है।
https://t.co/sjDnqiLtWn
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर के थाना बेवाना का बताया जा रहा हैं!
देखिए एक दलित युवक को गाली दी जा रहीं हैं औऱ जातिसूचक और पैर छूकर माँफी मंगवाई जा रही हैं!
#रामराज्य
उत्तर प्रदेश में अपराधी कितने बेखौफ है कि अपराधी पुलिस को खुद फ़ोन कर कह रहे है कि "मारकर टांग दिया है, लाश ले जाओ" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यह इंद्रशेखर जाटव की लाश नही टँग रही, यह आपके राज में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था टँग रही है।
उत्तर प्रदेश में दलित सम्मेलन कर रही भाजपा को अपने सम्मेलन में यह भी बताना चहिये कि हमारी सरकार में अपने पैसे मांगने पर दलितों को पीट-पीट कर, जान से मारकर पेड़ पर लटकाया जाता है।
@meerutpolice आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही करें। जल्द मैं अपने पीड़ित परिवार से मिलूंगा।
राजस्थान में कांग्रेस सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति चरम पर है। चुनावी हिन्दू राहुल गांधी इस पर भी कुछ बोलेंगे क्या.? जैसलमेर की कलेक्टर टीना डाबी के आदेश के बाद पाकिस्तानी हिंदुओं के घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आखिर हिन्दू "हिन्दुस्थान" में सुरक्षित नहीं रहेंगे तो फिर कहाँ जाएंगे.. ?
इतना सब गिना रहे हो तो क्या ये सब किसी ने अपनी जेब से दिया है खिलाड़ियों को, और ये खिलाड़ी देश के खिलाफ़ नहीं बल्की एक व्यक्ति के खिलाफ़ धरने पर है, और जो गिनाए हो इसके बदले कोई अपनी आबरू लुटा दे क्या महाराज?
इतना सब गिना रहे हो तो क्या ये सब किसी ने अपनी जेब से दिया है खिलाड़ियों को, और ये खिलाड़ी देश के खिलाफ़ नहीं बल्की एक व्यक्ति के खिलाफ़ धरने पर है, और जो गिनाए हो इसके बदले कोई अपनी आबरू लुटा दे क्या महाराज?
Special #जाट_gang के लिए
मैडल ल्वायें है ......!!!!
मैडल ल्वावें है .....!!
अरे कितने मेडल लाई हो ???? और चलो मान लिया कि ल्याई हो , तो क्या घर से निकल के सीधी मेडल ही ठा लाई हो ????
स्पोर्ट्स अथाॅरिटी आफ इंडिया, और WFI ने करोडो खर्चे है तुम मे । पर्सनल कोच , विदेशो मे ट्रैनिंग , विश्व स्तरीय सुविधाऐं , आधी दुनिया का टूर , पुलिस मे DSP का पद । स्पाॅन्सर जुटना , करोडो रूपये दिलवाये है , ट्रैनिंग , साजो सामान और सरकारी खर्चे पर मौज मस्ती करने के लिए ।
और विनेश फौगाट , दो ओलम्पिक खेलकर भी , तुम आज तक कोई ओलम्पिक पदक नही ला पाई । कभी भी क्वार्टर फाईनल तक नही पहुँची तुम । टोक्यो मे तो पहले ही राउंड मे बाहर । और नखरे तेरे सुपरस्टारो वाले थे ।
पहले पर्सनल फीजिओ की माँग । फेडरेशन की मर्जी के खिलाफ , हंगरी मे पति -पत्नि कोच के साथ अकेले ट्रैनिंग । फिर भारतीय कुश्ती दल के साथ रूकने से इंकार । भारत सरकार की Official kit पहने से इंकार ।
और पहले ही राउंड मे धूल चाट गई । किसी दूसरे देश मे ऐसे नखरे , या स्टारडम दिखाने की कोशिश भी की होती तो आजीवन प्रतिबंध लग जाता ।
बडे मैड्डल ल्वाये है । भूखो मरता फौगाट परिवार , आज करोडो का मालिक है , ये दिया है देश ने तुम्हे । मुफ्त मे मैड्डल ले आई के ????
इतनी भी उपलब्धियां नही है कि इतना इतरा सको । भारत मे कितने राज्य महिला कुश्ती लडते है ????
एक दो लडकी यूपी से , दो से पाँच लडकी महाराष्ट्र से , और बाकी सारा हरियाणा ही हरियाणा
काॅमनवैल्थ खेलो मे , जहाँ ना रशियन फेडरेशन की पहलवान आती है , ना ईरानी , और ना जापानी, वहाँ एक आध मेडल लेकर फुदकने वालियो को पता होना चाहिये कि "रेसलिंग वर्ल्ड चैम्पियनशिप" मे भारत की रैंकिंग 43 वीं है ।
वो भी विश्व स्तरीय सुविधाओ, स्पेशल डाईट , पर्सनल फीजिओ, विदेशी कोच , विदेशो मे ट्रैनिंग लेकर भी, तुम पहले राऊंड मे चित्त हुई हो ।
हम तो मैड्डल ल्यावें है जी । भारत सरकार , स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री , WFI की मेहनत , पैसा , और उतना ही प्रयास लगता है उनका भी । वो हाथ खींच लें , तो बीस -बीस रूपये मे गाँव के दंगल लडने की औकात पे वापिस आ जाओगी । ये विदेशी सैर सपाटा , खर्च , सरकारी पैसे पे हनीमून , ये सब मिलता है ,तब आवें है मैड्डल ।
भारत की सबसे नकचढी , बदतमीज , और अनुशासनहीन खिलाडी हो तुम । और ये बात भारत का हर खिलाडी भली भाँति जानता है ।
पीटी ऊषा , मैरीकाॅम , और योगेश्वर दत्त के सामने क्या उपलब्धियां है तुम्हारी ????
और वो लोग है अनुशासित खिलाडी । आज तक एक विवाद नही , कोई फालतू का नखरा , स्टारडम , टीका टिप्पणी कुछ नही । हर जगह तुमसे ज्यादा ही सम्मान पाया है उन्होने ।
उनका एक बयान दिखा दो , कि हम मैड्डल ल्यावें है ।
उसके विपरीत तेरी गज भर लंबी जुबान , अनुशासनहीनता , नखरे , नौटंकी , स्टारडम , खुद को तोपखान और दूसरो को तुच्छ मानने की सनक से आजिज आ चुके है लोग ।
जैसे कैंची की तरह जुबान चलानी सीखी है , जरा सा अनुशासन भी सीख लिया होता ।
हम तो मैड्डल ल्यावै है ।
और हाँ देश जानता है ,कि पाँच फौगाट बहनो के पास , कुश्ती मे एक भी ओलम्पिक मेडल नही है ।
हम तो मैड्डल ल्यावें है जी ।
@BajrangPunia@BabitaPhogat@b_bhushansharan
#BrijBhushanSharanSingh
#ISupportBrijBhushanSingh
@rajput_of_india 🏹