चैत्र नवरात्र एवं नववर्ष,विक्रम संवत 2082 की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।नवरात्रि का यह पावनपर्व और नूतनवर्ष आपके जीवन में सकारात्मक सोच और ऊर्जा का संचार करे।आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें!
गौरक्षा हिंदू दल महाराष्ट्र
@GaurakshakRam@_Goraksha@GajananHurpade2@Gaurakshak2
गौरक्षा करण्यासाठी छावाप्रेम असणारे अथवा छत्रपती यांना मानणारे असावेत हे विधान मुळात चुकीचे आहे, कारण यांचे राजकीय वलया मुळे छत्रपती यांचा फक्त जयघोष होताना पाहायला मिळतो... त्याचे विचार अंगीकृत करणारे दिसत नाही किंवा त्यांची राष्ट्रप्रेमी भावना कोणी अंगीकारत नाही...
ये तो भगदंड मचाने वाले श्रद्धालू लग रहे है जो छुप छुप कर तमाशा देख रहे है .... #YogiAdityanath#NarendraModi#AmitShah
संज्ञान ले इन्हें बचाने इंडि की टूल किट निकल चुकी है....
@kharge हमे भी उन्हसे लढना है जिन्होने हज यात्रा पर सपसीडी दी... जिन्होने वक्फ बनाकर अब्जो खरबो की दौलत लुटाई जिन्होने अल्पसंख्यांक निधी के जरीये देश की अर्थ व्यवस्था बिघाड दी... तब बेरोजगार युवक याद नही आये थे क्या? पूजापाठ और धर्म पर उंगली उठाने वाले दोगलो हलाला पर भी बोलो..
हज पर सपसीडी देना और वक्फ को सरकारी खजाना लुटाने से क्या बेरोजगारी और गरिबी खत्म होगी क्या? अपनी अपनी सोच है कोई गंगा नाहता है और कोई हलाला करके पाप धोता है......
ये है नया भारत जो देश विदेश मे मात्र मद्दत करणे पे विश्वास रखता है... वरणा ओ दौर भी था, जब कटोरा लेकर भीक मागणे पर विश्वास रखते थे.... हा चमचो को यह नही दिखेगा.....
यह उपहास मे बनाया है फिर भी इन्हके दिल मे हिंदुस्थानी ही है जो संडास के टमरेल से लेकर दुनिया भर की चीजे भारत को दे रहा है... लेकिन चमचो के आका का x रे निकला तो आतंकी, नक्सलवादी, चोर, देशद्रोही विदेश मे जाकर बारबाला से तपस्या इन्हके सीवा दुसरा कुछ नही निकलेंगा.....
आखिर सरकार ने जीव जंतु संरक्षण नियम मे इन लोगों कों छूट दे रखी है क्या???
सरकार कों इन लोगों पर करवाई करनी चाहिए सांपो का इस ��रह प्रयोग नहीं होना चाहिए
साधू को पाखंड कहने वालो आप मात्र शरीर को भस्म लगाकर ऐसा बैठकर दिखावं... इन्ह नागा साधू ने किसीको नही कहा की मै सांस नही लेता हू लेकिन हा खाना नही खाके. पाणी ना पिके बैठना.... या कोई नैसर्गिक विधी ना करते बैठना भी एक तपस्या है हा राहुल की तपस्या जैसी इन्हकी नही है चमचे दूर रहे
देखिये दोस्तों कुंभ मे कैसे कैसे लोगों कों अंधभक्त बेवकूफ़ बनाया जाता है 👇
इस व्यक्ति ने अपनी नाक पर मिट्टी नहीं लगाई है। ताकि ऑक्सीजन मिलती रहे।
कुम्भ मे कही पाखंडी बाबा अपना करियर बनाने आते है
गांधी हत्या और उसके बाद का 'नरसंहार'
30 जनवरी 1948 को शाम 5 बजकर 17 मिनट पर गोडसे ने पूज्य बापू की जान ले ली थी... लेकिन उसके बाद उस रात क्या हुआ था ? ये किसी को नहीं पता... लेकिन ये पता होना चाहिए... ये पता होना चाहिए कि खुद को लिबरल, सेक्युलर, अहिंसक बताने वाले गांधी के चेलों ने उस रात गांधी के नाम पर क्या महाप��प किया था...
ये पाप इतिहास की किताबों से मिटा दिया गया है. लेकिन छुपाने से सच बदल नहीं जाता, ये लिबरल, ये सेक्युलर एक बार फिर गांधीवाद के नकाब के पीछे अपनी कुत्सित चालें चल रहे हैं।
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