“Don't believe your thoughts.
'I am the body' is a thought.
'I am the mind' is a thought.
'I am the doer' is a thought.
Worry is only a thought.
Fear is only a thought.
Death is only a thought.”
~ Sri Ramana Maharshi
“एक बार विदाई दे मां, घूरे आसी...” (माँ, मुझे एक बार विदा करो, मैं फिर वापस आऊँगा...)
मात्र 18 साल की उम्र में जब आम युवा अपने भविष्य के सपने देखता है, तब खुदीराम बोस ने भारत माता की आज़ादी के लिए फांसी का फंदा चुन लिया।
आज उनके बलिदान दिवस पर उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि युवाओं को किसी भी प्रकार के अन्याय के सामने झुकना नहीं चाहिए, बल्कि पूरी ताकत से लड़ना चाहिए। उनका यह अमर बलिदान देश के हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की ज्योति जलाए रखेगा।
अमर शहीद खुदीराम बोस को भावभीनी श्रद्धांजलि! 🇮🇳🕊️
'आचार्य प्रशांत ने सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का किया आग्रह, सरकार से संवाद की अपील की' ~ पंजाब केसरी कवरेज
"(आचार्य प्रशांत ने) कहा, "व्यवस्था में जो धांधली है, उसके खिलाफ जरूर लड़िए, यह आपका अधिकार है। पर भीतर अगर बोध नहीं जागा, तो बाहर कितने ही बदलाव ले आइए, चीजें अपने नाम और रूप बदलकर वैसी की वैसी रह जाएंगी।'"
"संतों के दर्शन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 'माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर'; बाहर-बाहर घुमाने से बात दूर तक नहीं जाती। व्यवस्था हम ही बनाते हैं। अगर हम भीतर से गड़बड़ हैं, तो दिन में अच्छी व्यवस्था बनाएंगे और रात में अपने ही बनाए दरवाजों से चोरी से निकल जाएंगे।"
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