पुणे में 'छात्रों की गूँज' के दौरान महाराष्ट्र के छात्रों ने अपनी पूरी समस्या मेरे सामने रखी थी - पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, महँगी पढ़ाई, बदहाल हॉस्टल, ज़हर जैसा खाना, और DBT में धोखाधड़ी।
मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा था - MPSC में सुधार कीजिए, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाइए, इन बच्चों की सुनिए।
कुछ नहीं हुआ। इसीलिए आज वही छात्र पुणे में सत्याग्रह पर बैठे हैं।
उनकी मांगे साफ़ हैं:
→ MPSC अध्यक्ष इस्तीफ़ा दें, और उनकी जगह एक ईमानदार, योग्य अधिकारी आए
→ 70,000+ ख़ाली सरकारी पद तुरंत भरे जाएं
ये मांगे नाजायज़ नहीं हैं। इन पर कार्रवाई चाहिए - आश्वासन नहीं।
महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति ने अपना आंदोलन 'सत्याग्रह' पर दर्ज किया���
युवा कांग्रेस और NSUI इस आंदोलन के साथ लगातार खड़े थे - उनसे कहा है कि छात्रों की मांगे पूरी होने तक उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर लड़ते रहना। मैं ये मुद्दा महाराष्ट्र सरकार के सामने फिर से उठाकर इसके स्थायी समाधान की मांग करूंगा।
जो संस्था छात्रों का भविष्य तय करती है, उस पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है। हम इसे ऐसे ही नहीं चलने देंगे।
#Satyagraha