जय हो 🙏
Direct Action Day के दौरान 1946 का हिंदू नरसंहार कराने वाले “बंगाल के कसाई” (Butcher of Bengal ) के नाम पर एक सड़क अब तक चल रही थी, सोच कर अजीब लगता है
गोपाल पाठा 🙏🙏
Muslim militants in Kashmiri surrenders.
- gets money & rehabilitation.
Sikh militants in Punjab surrenders.
- gets money & rehabilitation
Tribal and Christian Maoists surrenders.
- gets money + house.
Bharat Tiwari surrendered in Bihar.
- killed in an encounter.
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मामले को लेकर बढ़ते विवाद और निष्पक्ष जांच की मांग के बीच सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर इस निर्णय की जानकारी दी।
#Bihar #Bhojpur #SamratChaudhary #BharatTiwariEncounter | #ZeeNews
देशभर में आज रविवार, 21 जून को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा (NEET-UG 2026) दोबारा कराई जा रही है। परीक्षा से पहले अजमेर में एक छात्रा को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने से रोका गया।
छात्रा ने एएनआइ से बातचीत में कहा कि जब NTA ने बुर्का पहनकर जाने के लिए इजाजत दी है तो मुझे जाने क्यों नहीं दिया जा रहा। छात्रा ने आगे कहा, 'परीक्षा मायने नहीं रखती, मेरा बुर्का और पहचान मायने रखती है।'
NEET छात्रा, जिसने अपनी पहचान कुलसुम बानो के तौर पर बताई, उस छात्रा ने कहा कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई थी और दावा किया कि उसने वही कपड़े पहने थे जो उसने पिछली बार परीक्षा देते समय पहने थे।
कुलसुम बानो ने कहा, 'मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं, बुर्का और दुपट्टा।'
बानो ने आरोप लगाया कि शुरू में उसे केंद्र में घुसने से पहले दुपट्टा हटाने के लिए कहा गया, लेकिन बाद में अधिकारियों ने जोर दिया कि उसे बुर्का भी हटाना होगा।
बानो ने आगे कहा, 'अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते। अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी। यह शर्मनाक है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं।'
बानो ने कहा, 'मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा 'बुर्का' और मेरी पहचान मायने रखती है।'
#Ajmer #NeetExamStudent #NEETREExam #DainikJagran
दिल्ली दंगों के समय पुलिस पर पिस्टल तानने वाला शाहरुख खान तो याद होगा आप सभी को ...
जी हां जब दिल्ली जल रही थी, हिंदुओं को सरेआम मौत के घाट उतारा जा रहा था, आईबी अफसर अंकित शर्मा को पचास बार से ज्यादा चाकुओं से गोद कर मार डाला गया था,, मुस्लिमों की छतों पर से हिंदुओं के ऊपर पेट्रोल बॉम्ब बरसाये जा रहे थे...!!
लेकिन उस दिल्ली पुलिस ने इस शाहरुख खान को गोली नहीं मारी थी बल्कि दामादों वाला ट्रीटमेंट दिया गया था...और न्यूज वालों द्वारा इसे मिश्रा नाम प्लांट करके जनता के सामने उतारा गया था,, बाद में मीडिया वालों ने गलत जानकारी साझा करने के लिए माफी भी मांगी थी....!!
दूसरी तरफ है भोजपुर जिले का भरत भूषण तिवारी....जो हिंदू भी था, समाज सेवी भी था, जिसने अपने जिले से मध्यप्रदेश बागेश्वर धाम तक हिन्दू राष्ट्र के समर्थन में पैदल यात्रा भी संपूर्ण की थी....
उसने किसी दंगे में नहीं बल्कि अपने पास के गांव के दलित पिछड़ों के लिए पिस्तौल उठाई थी जिन दलित पिछड़ों के अस्सी परसेंट घर बाढ़ की चपेट में आकर गंगा नदी में समा चुके थे...!
लेकिन सरकार को नजर में सैंकड़ों हिंदुओं के कत्लेआम वाले दंगों में पुलिस पर पिस्टल तानने वाला शाहरुख खान अपराधी नहीं था, बल्कि वर्षों तक लगातार दलितों वंचितों के लिए सिस्टम से लड़ने वाला भरत तिवारी अपराधी था......
इसलिए शाहरुख खान आज भी जिंदा है लेकिन भारत तिवारी की हत्या करके उसे चुप करवा दिया गया...!
ये पोस्ट उन दोगलों को समर्पित है जो गुलामी को सर्वोपरि मानते हुए .....बिहार सरकार को डिफेंड कर रहे थे कि प्रशासन पर पिस्टल तानने वाले का एनकाउंटर एकदम उचित है......
इन्हें अपने आकाओं से पूछना चाहिए कि ये दोगलापन किस श्रेणी में आता है...??
एक माओवादी ने सरेंडर किया
> 39 लाख कैश, घर और नौकरी मिली
भरत तिवारी ने सरेंडर किया
> एनकाउंटर कर दिया गया
ये एक ही देश में दोहरे मापदंड की शर्मनाक मिसाल है।
पिछले कुछ साल में ही पुनर्वास के नाम पर नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर लाखों रुपये का इनाम फिया गया है,
हाँ वही माओवादी हैं जिन्होंने जंगलों में रह कर हमारे सैंकड़ों सैनिकों को मारा, हज़ारों परिवार बिखर गए,
ऐसे नक्सली और माओवादियो के लिए सरकर ने आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीतियाँ बनायीं हैं जिनके तहत अगर आत्मसमर्पण करता है तो उनकी लॉटरी सी लग जाती है,
5 लाख से ज़्यादा एक मुश्त रुपया इन माओवादिओं के नाम फिक्स्ड डिपाजिट किया जाता है,
हाँ अगर हथियार भी लाए तो ये राशि बढ़ जाती है
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनको घर दिया जाता है,
उनको ड्राइविंग, खेती, कारपेंटर जैसी स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है और साथ ही साथ 10000 रुपये महीना 36 महीने तक स्टाइपेंड दिया जाता है,
कुंदन याद है कि नहीं जिसने DSP और एक इंस्पेक्टर को मार कर 5 करोड़ की बैंक वैन लूट ली थी,
नारायणपुर में सामूहिक सरेंडर, सुकमा सामूहिक सरेंडर के नाम पर घर वापसी कर के इन माओवादिओं को बेहतर जिंदगी दी जा रही है,
लेकिन अगर बात करें भरत भूषण तिवारी की तो हैरान करने वाली बात ये है कि पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, ना ही पेशेवर अपराधी, ना ही कोई आतंकी गतिविधि,
लेकिन सरेंडर के बाद भी एनकाउंटर कर दिया जाता है, ग़ज़ब नीतियाँ है, सैकड़ों परिवार नक्सलवाद का दंश झेल रहे हैं पर उनको इनाम दिया जा रहा है लेकिन समाज के लिए आवाज़ उठाने वाले युवा का एनकंटर कर दिया जाता है,
सैकड़ों बलात्कारी छुट्टे घूम रहे हैं, 70% राजनेता अपराधिक बैकग्राउंड से हैं, ना कितने जमानत पर हैं, नाम लूंगा तो मेरा भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा,
भरत का अपराध ये था कि सोशल मीडिया पर समाज के लिए खड़ा हो गया था, बाढ़ पीड़ितों के लिए धरातल पर काम करवाने को लेकर प्रशासन को गाली गलौज करने लगा, जिसे प्रशासन अपने ईगो पर ले गया,
रही बात अवैध हथियार की तो पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे अवैध हथियारों की फ़ैक्टरीज चलती आयी हैं, कितनी पकड़ी गई हैं और कितनी अभी भी चल रही हैं, जिसका पैसा पहुँच गया उसके सारे अपराध माफ़ हैं, धंधा खुलेआम चलता है,
भरत तिवारी अगर पैसे में दमदार आदमी होता तो यही पुलिस उसे बचने के तरीके समझाती, वैसे भी अवैध हथियार रखना अपराध है लेकिन उसकी सज़ा एनकाउंटर नहीं, वो भी तब जब सोशल मीडिया पर लाइव हथियार फैंक कर सरेंडर कर रहा हो,
मेरी नज़र में पुलिस द्वारा ये एनकाउंटर नहीं लड़के का मर्ड र है !
साभार
A Bengali woman carrying a British merchant on her back…
📸 This photo was taken in 1903, at the height of British colonialism in the Indian subcontinent. This isn't just a picture…
it's a slap in the face to all those who sing the praises of "Western civilization." This is the true face of colonialism, which they still try to beautify in history books.
It's slavery and the humiliation of human beings, the crushing of human dignity, simply because they don't belong to the white race! And then they ask you about terrorism…
The history of Western colonialism is full of massacres, slavery, plunder, and starvation… But they reduce terrorism to oppressed peoples struggling for their dignity! 🩸
The effects of what British colonialism did in India—the killing, starvation, plunder, and contempt for humanity—are still evident today. Millions
were killed, wealth was stolen, and generations were displaced… all under the banner of a false "enlightenment"!
🚨 Several state and central universities across Madhya Pradesh, Chattisgarh have decided to replace the word “India” with “Bharat” on degrees, marksheets, and signboards.
मैं ब्राह्मण हूं, अगर गोली मारना है तो आओ यहाँ गोली मारो….जिसने हत्या की है उसे ब्रह्म हत्या का पाप लगेगा:- अश्विनी चौबे (BJP नेता)
क्या अब BJP नेताओं के ये हालत हो गए हैं कि वो एक मृतक को न्याय भी नहीं दिला नहीं पा रहे हैं? इसके लिए उन्हें मीडिया के सामने रोना पड़ रहा है?