संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के आदिवासी (Indigenous Peoples) समुदाय की ओर से अपनी बात रखने का अवसर मिला।
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत सरकार द्वारा लंबे समय से किये जा रहे उस दावे का तथ्यात्मक खंडन किया कि भारत में कोई विशेष आदिवासी (Indigenous) समुदाय नहीं हैं। मैंने स्पष्ट कहा कि मैं इस दावे को स्वीकार नहीं करता।
मैंने बताया कि भारत में प्रोटो-ऑस्ट्रालॉइड, नीग्रिटो, द्रविड़ और मंगोलॉयड नस्लीय समूहों से संबंधित आदिवासी निवास करते हैं, जो कुल 705 आदिवासी समूह के रूप में अपनी पहचान बनाये हुए हैं।
वर्तमान भारत के संविधान में इन आदिवासी समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्रदान की गई है, जिनकी वर्तमान जनसंख्या लगभग 14 करोड़ के करीब है।
अतः यह स्पष्ट है कि भारत की अनुसूचित जनजातियां ही भारत के इंडिजिन्स पीपुल्स हैं।
मैंने अपने वक्तव्य में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू के Kailas v. State of Maharashtra (2011) निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "अनुसूचित जनजातियां भारत के मूल निवासियों की वंशज हैं।"
संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे वैश्विक मंच पर भारत के भील आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह आवाज केवल मेरी नही, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासी भाई-बहनों की आवाज है। जोहार
@UN@rashtrapatibhvn@narendramodi@RahulGandhi@kharge@PMOIndia@MEAIndia@JPN_PMO@timesofindia@thewire_in@HindustanTimes@BBC@BBCWorld@PTI_News@ANI@IndianExpress@ndtv
#डूंगर_बरंडा_स्टेशन_नामकरण_हो
समय :-9 जुलाई 2026 सुबह 7:00 बजे से..✍️
👉डूंगरपुर रेलवे स्टेशन का नामकरण भीलराजा डूंगर बरंडा (डूंगरिया भील) के नाम पर होना चाहिए
जिन्होंने डूंगरपुर को बसाया था उन्ही के नाम पर रेलवे स्टेशन का नाम होना चाहिए!!
सभी भाई बहनों नाना मोटा वडील बुद्धिजीवियों से अपील है की डूंगरपुर रेलवे स्टेशन का नामकरण भीलराजा डूंगर बरंडा के नाम कराने की मांग का समर्थन करे 🙏
🌾🌷 भील इतिहास केवल किताबों में नहीं, हमारी पहचान में दिखना चाहिए।
सफेद पगड़ी भील राजाओं के स्वाभिमान और गौरव की निशानी है।
#आदिवासी_परिवार_स्थापना_दिवस
मत्रारे जगदीश पाडोर जी को तृतीय पुण्यतिथि पर विनम्र नमन 🙏💐
जगदीश भाई ने सामाजिक जनजागरण में अहम भूमिका निभाई,
आपका योगदान समाज के लिए हमेशा मिसाल रहेगा।
#जगदीश_पाडोर_अमर_रहे
#अनिल_भील_को_न्याय_दो
बांसवाड़ा के घाटोल में अनिल भील की निर्मम हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की भावनाओं पर हमला है। यह घटना बेहद पीड़ादायक, आक्रोशजनक और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
@PoliceRajasthan से मांग है कि इस मामले में तुरंत निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक में सुनवाई कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो यह मुद्दा पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगा और हजारों लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे !
@IgpUdaipur@roat_mla@BanswaraPolice@Dmbanswara
#अनिल_भील_को_न्याय_दो बांसवाड़ा के घाटोल में अनिल भील की बेरहमी से पिटाई कर हत्या किया जाना बेहद दुखद और निंदनीय है,@PoliceRajasthan से मांग है कि सभी दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा न्याय के लिए जनआंदोलन किया जाएगा! @IgpUdaipur@roat_mla@Banswara
🚨 #अनिल_भील_को_न्याय_दो 🚨
घाटोल (बांसवाड़ा) में अनिल भील की हत्या के मामले में अब तक कार्रवाई में देरी क्यों?
क्या गरीब और आदिवासी समाज को न्याय नहीं मिलेगा?
👉 Rajasthan Police तुरंत सभी दोषियों को गिरफ्तार करे।
👉 पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
⚠️ अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो न्याय के लिए बड़ा जनआंदोलन होगा!
@PoliceRajasthan@IgpUdaipur@roat_mla@BanswaraPolice@Dmbanswara
---
#आदिवासी_विरोधी_अमित_शाह#GTvsRR
बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत द्वारा संसद मे सवाल पूछे जाते है?
5वीं अनुसूची लागू क्यू नहीं हुई?
फारेस्ट एक्ट पूर्ण रूप से धरातल पर लागू करोगे?
लेकिन अमित शाह द्वारा कांग्रेस का रोना रोया जाता है!
हथियार उठाते तो सरेंडर की लिस्ट में होते सांसद नहीं जैसे शब्द बोलकर भर्मित करने का काम किया जा रहा है!!
आदिवासियों के हक अधिकार नहीं दिए जा रहें है!
क्या ऐसा गृहमंत्री आदिवासी हो सकता है??
@roat_mla
सौराष्ट्र काठियावाड़ में आदिवासी नेताओं को बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता हैं तो आदिवासी क्षेत्र में नॉन ट्राइबल नेताओं को क्यों बुलाया जा रहा हैं?
@Chaitar_Vasava#ST_से_RBC_हटाओ