आजाद भारतवर्ष के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू बने. बतौर प्रधानमंत्री पं० नेहरुबके समक्ष विकराल जिम्मेदारियां थी. गरीबी, असाक्षरता, साम्प्रदायिक हिंसा से जूझता, भुखमरी से जूझता भारत अनेकों शहादत के बाद मिला था. देश के एकीकरण से लेकर इन सभी समस्याओं से लड़ना था. वो लड़े और सफल भी
आज तक ने ग़ज़ब किया।
योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की कलई ही खोलकर रख दी।
बाकायदा ग्राफिक्स बनाकर दिखाया है,
कि कैसे लखनऊ के भीषण अग्निकांड के ज़िम्मेदार एक एक महकमे की ज़िम्मेदारी सीधे योगी आदित्यनाथ की है।
इतना ही नहीं, पिछले कई हादसों का ब्योरा सामने रखकर स्थापित किया कि कैसे योगी आदित्यनाथ ने हर बार चंद फुटकर मछलियों पर एक्शन लिया गया है,
और मगरमच्छों को बचाया गया है।
योगी आदित्यनाथ की घोर प्रशासनिक अनुभवहीनता और प्रचंड अक्षमता का यही कटु सत्य है।
आजतक ने किन परिस्थितियों में इस सत्य को सामने रखा,
नहीं पता,
मगर यदि एक पल के लिए भी मीडिया से सूचना का दबाव ख़त्म हो जाए,
तो योगी आदित्यनाथ का सत्य इतना त्रासद और संवेदनहीन है कि 24 घंटे भी सरकार चलाना मुश्किल होगा!!
आजतक को अपवाद स्वरूप ही सही, इस सत्य के साक्षात्कार की बहुत-बहुत बधाई!!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की एक बात में तो तारीफ़ होनी चाहिए कि वह बेनामी सम्पत्ति पर विश्वास नहीं रखते।जो भी हो हमारे और परिवार के के नाम पर हो।पद से हटने या इंसान की मृत्यु के बाद बेनामी लोग हड़प जाते है।पीछले कुछ सालों में ऐसे कई उदाहरण है।और जब इस्तीफ़े का डर ना हो फिर बेनामी क्यों ? क़ानूनी रूप से कुछ होना नहीं है और नैतिकता की तेरहवीं हो चुकी है।
बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर केस एक मिसाल बननी चाहिए मनमाने एनकाउंटर के ख़िलाफ़।
और यह काम क़ानून के रास्ते नहीं होगा। क़ानून में यह ग़लत है लेकिन अपनी सुविधा से क़ानून की कमी का लाभ उठाकर स्क्रिप्टेड एनकाउंटर करने का पुराना इतिहास रहा है।
यह ज़िम्मेदारी आम लोगों और समाज की है,ऐसे किसी भी एनकाउंटर पर सवाल उठाएँ जो ग़लत हो।
अपनी सुविधा से कभी इसे सही ठहराएँ और कभी ग़लत तो यही होगा। यह किसी को नहीं छोड़ेगी। धर्म-पंथ-जाति से ऊपर उठकर हर फेक एनकाउंटर पर सवाल उठाएँ ।
@MediaHarshVT जानकारी दुरुस्त कीजिए सर...धान की बुवाई का समय है और पेट्रोल पंप पर डीजल की खूब किल्लत है...बड़ी संख्या में लोग कंटेनर लिए अपनी बारी का इंतेज़ार कर रहे हैं...कागज़ों में ही सब ओके है...बाकी सब हवा हवाई...@MediaHarshVT जी
सपा मुखिया अखिलेश यादव जी के छोटे भाई #प्रतीक_यादव के दुःखद निधन की खबर सामने आ रही है..!! प्रतीक यादव भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति थे..!! उनके मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है..!!#UPNews
#NEET परीक्षा रद्द होने के बाद मीडिया के सवालों से भागते मंत्री धर्मेंद्र प्रधान..!! 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फिरा है...!! देखिए किसी की जवाबदेही तय होती है या यूँही खानापूर्ति होता है..!! #NTA
तमिलनाडु में जनहित से जुड़े ऐसे तमाम मुद्दे हैं जिन पर चर्चा हो सकती है...स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि और उद्योग समेत तमाम विषयों पर तर्क-वितर्क किया जा सकता है...लेकिन नहीं, #DMK भला #सनातन का अपमान किए बगैर कैसे रह सकती है..!! #शर्मनाक