“जब देश के लिए लड़ने का जज़्बा हो, तो चोटें भी छोटी लगने लगती हैं… 🇮🇳
कुछ घाव शरीर पर लगते हैं, कुछ दिल पर। लेकिन जब इंसान अपने देश, अपने समाज और
यह वीडियो किसी हिंसा का महिमामंडन नहीं, बल्कि मेरे अनुभव और मेरी भावना को दर्शाता है। " – अर्जुन From भारत 🇮🇳
Deliberately groping a female protester, hitting her with a baton, and then smirking about it with a colleague...
Absolutely disgusting behavior from this @DelhiPolice police officer. Don’t you have mothers and sisters at home?
TRIGGER WARNING - VIOLENCE AND BLOOD IN THIS VIDEO
The absolute cruelty and heartlessness of the regime will be remembered by this generation.
How can you hurt and maim peaceful protesters? All for Dharmendra Pradhan?
इस का पालन सभी को करना है,
पंचशील/ पाँच प्रतिज्ञा
1. मार्च में सिर्फ़ एक झंडा — तिरंगा। किसी पार्टी, किसी संगठन का और कोई झंडा नहीं होगा ।
2. हाथ में या तो संविधान या फिर गांधी, आंबेडकर या भगत सिंह की तस्वीर रहेगी।
3. जुबान पर कोई नेगेटिव नारा नहीं — बस “जय हिन्द”, “भारत माता की जय”, “इंकलाब जिंदाबाद” और “जय भीम” जैसे नारों की गूंज होगी।
4. आचार व्यवहार में अनुशासन — मंच या वालंटियर जो भी निर्देश देंगे उसका पालन करेंगे और करवायेंगे
5. और मन में एक संकल्प — किसी तरह को कोई हिंसा बिल्कुल भी नहीं। हमला चाहे जैसा भी हो, हाथ हमारा नहीं उठेगा।
: @_YogendraYadav
मैं किसी भी हालत में 20 July तक ज़िंदा रहूँगा ताकि मैं आप सब के साथ संसद तक मार्च कर सकूँ। और अगर 20 July को हमारा मार्च सफल नहीं रहा तो फिर मैं भूत बन कर वापस आऊँगा!”
सोनम वांगचुक ने अपनी ज़िन्दगी के इतने कठिन समय पर भी अपना सेंस ऑफ़ ह्यूमर नहीं खोया!
चलो संसद!