DNA चेक करके बॉडी सौंपने के लिए पहले परिजनों को बोला कि जैसलमेर आओ
फिर रात को जोधपुर बुलाया गया ....
अब बोल रहे हैं कि डॉक्टर सुबह 11 बजे आएंगे तब DNA चेक होगा
मतलब कल शाम को हुआ हादसा अब तो परिजनों को बॉडी नहीं दी गई है बेचारों ने ना पानी पीया होगा ना कुछ खाया होगा क्योंकि दाह संस्कार से पहले किसको भाएगा खाना
ये व्यवस्थाएं है सरकारों की क्या डॉक्टरों की कमी है , कमी है तो भर्ती निकालो वो भी नहीं निकालेंगे
भाषणों में इतने हजार करोड़ का बजट स्वास्थ्य के लिए बोल कर चले जाते हैं लेकिन हादसे के बाद व्यवस्था देखो बॉडी तक नहीं दे पाए अभी तक
इन पर्ची सरकारों और पार्टियों का बहिष्कार करो
जैसलमेर में बस जलने से 20 लोगों के जिंदा जलने की घटना पर मीडिया के प्रश्न को लेकर मेरा रिएक्शन :
बहुत बुरा हादसा हुआ है, ये हादसे अभी और हुए थे दूदू के पास में भी और एक तो, हादसे का क्या करें, 20 लोग मारे गए, वेंटीलेटर पर हैं लोग, 70% बर्न है तो ये बहुत ही दुखद घटना है और मेरे ख्याल से तो ये तो जांच का विषय भी है बस में आग लगी क्यों, ये जांच का विषय भी हो सकता है, कई बार नई बस खरीदते हैं, मैने सुना कोई दस दिन पहले ही बस खरीदी थी सुना है मैंने, तो पता नहीं कोई टेक्निकली गलत तो नहीं है, ऐसे वक्त में कोई लापरवाही नहीं करनी चाहिए, बकायदा कंपनी में कंप्लेंट करनी चाहिए कि भई रवाना हुई थी बस , एक्सीडेंट भी नहीं हुआ और ये हादसा हुआ क्यों, कोई टेक्निकली फाल्ट हो गई, आग लग गई, मैनें सुना आग लगते ही जो दरवाजे थे वो लॉक हो गए जो सुनते हैं असलियत क्या है नहीं मालूम हम लोगों को पर इसको सरकार को चाहिए कि इसकी बाकायदा कंपनी से बात करके इसकी जांच भी करवाएं मेरा मानना है।
बाकी तो हम ईश्वर से प्रार्थना ही कर सकते हैं कि मृत आत्माओं को शांति प्रदान करें, जो अभी तकलीफ में हैं अस्पताल में वो जल्दी स्वस्थ हों यही हमारी कामना है, परिवारजनों के लिए भी यही कह सकते हैं कि बहुत बड़ा हादसा हुआ है बहुत दुखद है अब उसको आपको कैसे सहन करना है वो भगवान आपको शक्ति दे।
राजस्थान के जैसलमेर के पास यात्रियों से भरी बस में लगी भीषण आग के बाद गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अब तक एयरलिफ्ट नहीं किया गया, जबकि इलाके में सेना के हेलिकॉप्टर मौजूद थे।
कल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की धर्मपत्नी को पाली से जयपुर हेलिकॉप्टर से लाया गया था, लेकिन आज आम नागरिकों के लिए वही संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई गई?
क्या मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सत्ताधारी दल के नेता केवल खास लोगों तक ही संवेदना सीमित रखेंगे?
यह घटना सरकार की प्राथमिकताओं और संवेदनशीलता दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
@ChandanSharmaG BN राव ki भूमिका अंबेकर से ज्यादा थी । BN राव ने विश्व के सभी देशों के संविधानों का अध्ययन करके इंपॉर्टेंट मैटर लाए थे और फिर अंबेडकर की प्रारूप समिति को उसे व्यवस्थित करने के लिए दिया था। राव ने भारत के अलावा म्यांमार का संविधान भी तैयार किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत पहुँचे SMS अस्पताल….
गहलोत सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरे देश में नम्बर वन थी….
चिरंजीवी जैसी योजनाओं को स्टडी करने दर्जनों राज्यों की टीमें जयपुर आया करती थी…
लेकिन मात्र दो सालों में व्यवस्था का भट्ठा बिठा दिया है…
रावण एक प्रकांड पंडित, एक महायोद्धा था, उसके जैसा शिव भक्त और ज्ञानी भी कोई नहीं था। खुद भगवान राम ने रावण को यज्ञ करने को बुलाया था। रावण का काल बना उसका अहम और छल।
में तो रावण के पैर की धूल के बराबर भी नहीं। में एक साधारण आदमी हूं, LSA result 17 अक्टूबर को देने का प्रयास करूंगा