आग घमंडिया गठबंधन का हाल ये है की दिल्ली में एक दूसरे को दुत्कार रहे है,
बंगाल में कांग्रेस कह रही है हमारे कार्यकर्ताओं को मार रहे हैं ,
पंजाब में कांग्रेस कहती है हमारे नेता के गिरफ़्तार कर रहे हैं ।उसके बाद इस गठबंधन में कहा जा रहा है की हम सब एक है, सब कुछ ठीक है ।इन सब का यह खेल देख कर कार्यकर्ता मानो कह रहे होंगे
“क्या न सहे हमने सितम आप की ख़ातिर,
ये जान भी जायेगी सनम आप की ख़ातिर।”
जब अपनी राजनैतिक सुविधा के लिए कार्यकर्ताओं जान की कोई फ़िक्र नहीं है तो आप सोच सकते हैं कि आम जनता की जान की इनको कितनी फ़िक्र होगी
एक जमाना था जब कोलकाता भारत में उधोग जगत का प्रधान केंद्र था, तमाम लोग जॉब की खोज में इन्वेस्टमेंट की खोज में कोलकाता की तरफ़ जाया करते थे, सबका डायरेक्शन कोलकाता की तरफ़ होता था, मगर जब से कम्युनिस्टों का शासन आया है,उसके बाद टीएमसी और आज हालत है की भारत में ममता जी को कोई निवेशक (इंवेस्टर) नहीं मिल रहा है सिवाय अड़ानी ग्रुप के, मज़ेदार बात ये देखिए कि आज ममता जी आर्थिक विकास की संभावनाओं की तलाश में कोलंबस के देश में पहुँच गई जो कभी ख़ुद यूरोप के आर्थिक विकास की संभावनाओं की तलाश में भारत आया था, हालात का ऐसा सितम बहुत कम देखने को मिलता है ।
महिला आरक्षण का लंबे समय से लंबित विधेयक को कानून में बदलने की @narendramodi सरकार की सफलता उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति वाली प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
HM श्री @amitshah जी का @timesofindia के लिए लेख
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