इंग्लैंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक सिख भीड़ एक फ्लैट के सामने नारे लगा रही है क्यूंकि अंदर एक चौदह वर्षीय सिख लड़की का सामूहिक ब्लात्कार चल रहा है मुसलमानों द्वारा। दो पुलिस वाले भी खड़े है। सिख बस नारे लगा रहे है क्यूंकि अगर कुछ भी हिंसक करेंगे तो जेल जाएँगे। पुलिस वाले भी बस खड़े है।
लेकिन भारत में इस घटना की तुलना में एक प्रतिशत भी क्षोभनीय घटना किसी सिख के विरुद्ध हो तो तलवारे निकल आए, दो चार लोगो के, पुलिस वालो के भी, हाथ तन से जुदा हो जाए। लेकिन खालिस्तानियों के अनुसार भारत में सिख पीड़ित है और इंग्लैंड में उनकी बल्ले बल्ले है।
और सिख जो दावा करते है कि मध्यकाल में वे मुसलमानों द्वारा अपहृत महिलाओं को छुड़ाते थे, अब बस फ्लैट के बाहर खड़े नारे लगाते है सामूहिक ब्लात्कार के विरुद्ध।
काफिर कब और कैसे इस अवस्था में पहुँच गए?
सत्य यही है कि मनुष्य नाम का जीव वास्तविकता में नहीं, नैरेटिव्स द्वारा बनाये delusions में जीता है।
So much so that the reality becomes the enemy.
…….. बेटियों को …. । फ्लैट के बाहर खड़े होकर …….. बेटियों को काफ़िरो। लेकिन कभी एक मत हो जाना। क्यूंकि बँटोगे नहीं तो बिचारा, प्यारा भाईजान काटेगा कैसे?
मनुस्मृति काल में शूद्र के शोषण की एक दुर्लभ तस्वीर.. 😑
पंडित लालूश्वर उपाध्याय..
कर्पूरी ठाकुर से नाख़ून कटवाते हुए..
- सन 420 ईस्वी
तस्वीरों के इतिहास से
खैर.. 🤦
#SankrantiSpecial26
ईरान अमेरिका अपडेट:–
सऊदी, कतर जैसे देशों ने अपनी ज़मीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए करने की अनुमति नहीं दी है।
इसी को देखते हुए अमेरिका पनडुब्बी से ईरान पर क्रूज मिसाइल हमला कर सकता है।
अमेरिका ने IRGC के हेडक्वार्टर समेत 50 ठिकाने ईरान पर हमले के लिए चुने हैं।
ईरान के साथ तुर्की, सऊदी और पाकिस्तान हैं। भारत का हिंदू अभी कंबल ओढ़कर दुबका है।
ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह मध्य–पूर्व में अमेरिका के सभी ठिकानों को तबाह कर देगा।
अमेरिका ने थोड़ी देर पहले ही ईरान से अपने सारे राजनयिक रिश्ते तोड़ लिए हैं।
जून की जंग के बाद ईरान ने अपने मिसाइल जखीरे में भारी बढ़ोतरी की है।
ईरान ने अपनी फौजों को किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा है।
अब बस, एक माचिस की तीली की जरूरत है।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकी हमले में यहूदियों की हत्या की गई और कई लोग घायल हुए।
कुछ लोग यहूदी-विरोध (एंटीसेमिटिज़्म) के खिलाफ आवाज नहीं उठाना चाहते। हम दुनिया भर में अपने यहूदी भाइयों और बहनों के साथ एकजुट होकर खड़े हैं।
ईश्वर हमले में जान गंवाने वालों की आत्मा को शांति दे।🕯️