छा गया जाट......
तेजाजी महाराज की कृपा से प्रिय दीपांशु शौकीन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में उपाध्यक्ष का चुनाव जीत लिया.... टिकट काटने वालो को करारा जवाब दिया। #DUSU2026
संयुक्त सचिव पद – 12वें राउंड के बाद स्थिति
NSUI के गोपाल चौधरी: 9,867 वोट
ABVP के लक्ष्यराज सिंह: 9,525 वोट
निर्दलीय विशेष यादव: 9,157 वोट
गोपाल चौधरी 342 वोटों से आगे
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का दिल से शुक्रिया।
निर्दलीय होकर लड़ना आसान नहीं था, लेकिन आपने साबित कर दिया कि छात्र संगठनों से ऊपर छात्रों का भरोसा होता है।❤️
ये जीत मेरी नहीं, हर उस विद्यार्थी की है जो कैम्पस में असली मुद्दों की बात करना चाहता था।
अब जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है। हर छात्र की आवाज़ बनूंगा।🙏
इंक़लाब साथियों, जय हिंद। जय दिल्ली विश्वविद्यालय।
#DUSU2026 #VicePresident 🙏
यह माताएं बहने हमारे नागौर के कुचेरा गांव की राजपूत समाज की है इन्होंने एक एक रुपया अपने खून पसीने की कमाई जोड़कर शहर में एक प्लॉट लिया था ताकि आने वाले समय में जरूरत पड़े तो इसको बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करले बच्चों के पीले हाथ कर दें
इनके वह दिन आ भी गया बच्चियों की शादी तय हो गई
जब इन्होंने अपना प्लाट बेचने का फैसला लिया वहां पर जाकर देखा तो प्लांट पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया था !
भू माफिया ने यह कहकर इनको भाग दिया जो तुमसे बन पड़े कर लो यह प्लॉट तो अब हमारा है
जो इनके घर में थोड़ी देर पहले खुशियों का माहौल था वह एकदम गम में बदल गया
इन्होंने पूरा प्रयास किया थक हार कर बैठ गए कहीं कुछ बात नहीं बनी, किसी समझदार आदमी ने इनको ढांढस और भरोसा दिलाया और कहा आप श्री हनुमान बेनीवाल का नाम रखा और कहा आप उनके पास चले जाओ वह आपकी जरुर मदद करेंगे
महिलाओं ने कहा हमने हनुमान बेनीवाल को कभी वोट नहीं दिए ना हम उन को जानते हैं वह हमारी कैसे मदद करेंगे तब उस आदमी ने कहा आप एक बार जाओ तो सही हनुमान बेनीवाल के पास जान पहचान की जरूरत नहीं है जो उनके दरवाजे पर जाता है वह सब की मदद करते हैं महिलाओं ने ऐसा ही किया वह सीधा श्री हनुमान बेनीवाल के नागौर आवास पर पहुंच गई और एक कोने में जाकर बैठ गई !
हनुमान बेनीवाल जनसुनवाई कर रहे थे जैसे ही उनकी नजर इन महिलाओं पर पड़ी वह जनसुनवाई छोड़कर इनके पास में आ गए उनके आते ही महिलाएं अपना दुख नहीं बता सकी रोने लग गई सांसद साहब ने बड़े विनम्र भाव से कहा आप पहले बैठो चाय पियो पानी पियो और आराम से मुझे बताओ बात क्या हुई
महिलाओं ने अपनी पूरी पीड़ा कहानी सांसद साहब को सुना दी उनकी पीड़ा सुनते ही साब का चेहरा आग बबुल हो गया उन्होंने अपना फोन घुमाया पता नहीं किसको कॉल किया , सांसद साहब ने उन महिलाओं को कहा आपके पास गाड़ी है क्या उन्होंने कहा साहब हम किराए की गाड़ी लेकर आई है !
सांसद साहब ने फिर कहा आप एक काम करो अपने प्लाट पर जाओ आपको कोई कुछ नहीं कहेगा और आप अपना प्लांट जिसको बेचना चाहते हो उसको भेज दो मैं हूं ना आपके साथ देखता हूं कौन क्या करता है ! महिलाएं अपनी गाड़ी लेकर जैसे ही प्लांट पर पहुंची प्लांट पर पहले से ही उनका इंतजार पुलिस कर रही थी
पुलिस प्रशासन ने भी अपना फिर काम किया और उन भू माफिया को कहा यह महिलाएं सांसद साहब के पास जाकर आईं हैं देख लेना सांसद साहब का नाम आ जाए किसी फिर किसी की मजाल है कोई नाटक कर दे
जैसे उनको सांप सुघ गया हो वह हालत हो गई भू माफिया की माताएं बहनों ने राहत की सांस ली !
महिलाओं ने अपना प्लाट बेचकर अपना पैसा पास में लेकर सांसद साहब को धन्यवाद बोलने गई साब को कहा आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमको बचा लिया !
सांसद साहब ने उनको कहा यह मेरा दायित्व है आपने मुझे अपने जिले का मालिक बनाया है और आपकी पीड़ा में ही नहीं सुनूंगा तो कौन सुनेगा आप चिंता ना करें अपनी बच्चियों की शादी बड़े ही धूमधाम से करें आगे कोई भी दिक्कत हो तो मुझे फोन कर देना फिर दोबारा उन्होंने कहा मैं हूं ना 5100 रुपए कन्यादान देकर महिलाओं को विदा किया !
✊🔰यह है हमारे लाडले नागौर के सांसद श्री हनुमान बेनीवाल✊
CP:- रणजीत जी