देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को कहना चाहता हूं कि वो शीघ्र ही सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करें कि सरकार ने शिक्षा मंत्री के त्यागपत्र को स्वीकार करने की अनुशंसा कर दी है।
शिक्षा मंत्री में यदि थोड़ी भी नैतिकता होती, तो वे आंदोलन के आरंभ में ही त्यागपत्र दे देते। इससे जंतर -मंतर से लेकर संसद भवन तक सैकड़ों युवा घायल होने और उनकी हठधर्मिता का शिकार होने से बच जाते। नीट से जुड़े प्रकरण की जांच जब केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई, तभी उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए था, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे।
यह मेहनतकश युवाओं की बड़ी जीत है। हमने शुरू से ही शिक्षा मंत्री को बर्खास्त की पुरजोर मांग की थी।
प्रधानमंत्री जी, आप वीडियो अपडेट के माध्यम से युवाओं के हितों की बात कर रहे थे ,आपको संदेश ही देना था तो शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त करते |
आखिरकार देश की युवा एकता ने सरकार को एक बार फिर झुकने पर मजबूर कर दिया है।
@PMOIndia
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्वाभिमान, पद की गरिमा और साफ़-सफ़ाई के कार्यों से मुक्ति के लिए अब एक स्पष्ट और सम्मानजनक Job Chart बेहद ज़रूरी हो गया है।
आइए, एकजुट होकर अपनी इस जायज़ माँग को शिक्षा विभाग, बीकानेर के समक्ष पुरज़ोर तरीके से उठाएँ! ✊📢
@RajCMO@madandilawar