बिहार की एक क़ाबिल IPS ऑफ़िसर को सुनिए
“नागरिकों को बोलने और अपनी बात कहने की आज़ादी है। वे जो चाहें बोलें। जब तक कोई हमारे ख़िलाफ़ हिंसा नहीं करेगा, हम उनके ख़िलाफ़ ताक़त का इस्तेमाल नहीं करेंगे।”
ये सिटी SP, पटना (EAST) शैलजा दास हैं। सेंट स्टीफेन्स कॉलेज से पढ़ीं हैं। पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान रिकार्डेड इस वीडियो पर निगाह जाने के बाद प्रदेश सरकार इनको सम्मानित करेगी या शंट ये पता नहीं। वैसे ऐसे पुलिस अधिकारी हों तो बच्चे लोकतांत्रिक प्रदर्शनों सुरक्षित रहेंगे। इनको सैल्यूट 🫡
वीडियो सौजन्य @prabhatkhabar
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी के विरोध में बुराड़ी विधानसभा के सभी कार्यकर्ता, युवा साथियों के छत्रसाल स्टेडियम के लिए रवाना हो रहे हैं।
@RahulGandhi@devendrayadvinc@INCDelhi
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.
Students were beaten for asking legitimate questions about their own future.
If Parliament cannot discuss the future of India’s youth, what is it for?
The Opposition will not let this be buried. We will ensure that the students’ voice will be heard on the streets, and in Parliament.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
@RahulGandhi#संसद_मार्च
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
सरेआम भविष्य की नीलामी।
Paper Leak Rate Card:
* NEET - ₹40 लाख
* IIT-JEE - ₹15 लाख
* उत्तराखंड पटवारी - ₹15 लाख
* बिहार शिक्षक भर्ती - ₹10 लाख
* ओडिशा पुलिस भर्ती - ₹25 लाख
जिसके पास पैसा है, वो मेन्यू से पेपर चुन लेता है। और जो सिर्फ़ मेहनत करता है वो अपना सपना खो देता है।
152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित और सज़ा? एक को भी नहीं। यही इस माफ़िया की असली ताक़त है - बच्चों का भविष्य बेचो, पैसा कमाओ और बेख़ौफ़ घूमो।
मोदी जी, देश का हर छात्र आपसे यही पूछ रहा है - यह गिरोह किसकी शह पर इतना बेख़ौफ़ है?