विवेक सर की अपील 👇
मैं मीडिया से अपील करता हूं, हमारे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी से ना जोड़ा जाए.
हम 6 महीने से लड़ रहे हैं, कॉकरोच पार्टी तो 6 दिन पहले बनी है. 31 मई को मैंने ऐलान कर दिया था कि 12 जून को लखनऊ जाएंगे.
मेरी अभिजीत दीपके से कोई बात नहीं हुई, हमें सोशल मीडिया से पता चला.
जब इतने सारे लोग इकट्ठे हो रहे है और ये आवाज उठा रहे है कि #uplekhppal में गड़बड़िया है
तो क्या सरकार को संज्ञान लेकर इस पर कोई जाँच नहीं करनी चाहिए कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ?
भाई साहब को केजरीवाल और आप पार्टी जनता के मुद्दे नहीं उठाने दे रही थी। इसलिए भाई साहब भाजपा में चले गये थे। लेकिन तब से भाई जी जाग ही नहीं रहे, CBSE हो गया, NEET हो गया, लेखपाल पेपर लीक हो गया। Gen जी सड़कों पर है। पर प्रिय मित्र राघव जाग ही नहीं रहे। उनकी तबियत की दुआ करता हूँ।
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
असली दिक्कत YouTube Teachers से नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ से है। आज किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी हो, पेपर लीक हो, रिज़ल्ट में अन्याय हो या छात्रों के साथ गलत हो, तो यही YouTube Teachers सबसे पहले छात्रों के हक़ की लड़ाई में कूद पड़ते हैं। लाखों छात्रों की आवाज़ बन जाते हैं। सरकार पर दबाव बनता है, सवाल पूछे जाते हैं और जवाब माँगे जाते हैं।
शायद यही कारण है कि कुछ लोगों को शिक्षक नहीं, उनकी सक्रियता खटकती है।लोगों की आँखों की किरकिरी बन जाता है।
इसलिए जो बातें सत्ता सीधे नहीं कह सकती, वही बातें कुछ चेहरे अपने मुख से कह देते हैं।
ध्यान रहे कि "सरकार कहना चाहती थी, अंजना ने कह दिया"
इस बार अंजना ओम कश्यप गलत फंस गई है।😂
इससे पहले ये किसी की भी बुराई कर देती थी वो लोग पलटकर जवाब नहीं दे पाते थे।
लेकिन इस बार कोचिंग वालों की बुराई की है जिनके पास उत्तर देने के लिए यूट्यूब है।
अब अंजना की ऑनलाइन बेइज्जती और रेलाई हो रही है।😉
https://t.co/CNklpyRFIr
विश्व में सबसे निचले पायदान वाली मीडिया को अभिनय सर ने धो कर रख दिया 😆
सुनो @anjanaomkashyap जब तुम रोड पर पत्रकारिता करने निकलती हो न लोग तुम्हारे जैसे पत्रकार को गोदी मीडिया मोदी मीडिया कहकर अपमानित करते है, वही अभिनय सर, खान सर,विवेक सर, जैसे लोग निकल जाते है रोड पर तो पढ़े लिखे युवा सम्मान के नजर से देखते हुए पैर छू लेते है यह अंतर तुममें और यूट्यूब वाले टीचर में
सुनो @anjanaomkashyap तुमने सिर्फ अंधभक्त और मोदी भक्त पैदा किए देश में जो देश के बर्बादी पर ताली बजाते है वही ये ट्यूट्यूब वाले शिक्षक पढ़ा लिखा के नौजवानों को देश के बॉर्डर तक में भेज दिए जो देश की सुरक्षा करते है और तुम जैसे पत्रकार अमन की सांस लेकर टीचरों को गरियाने का कम करते हो लाल ऑफिस में बैठकर,
मुझे बहुत लिखना है पर खराब चीजों के बारे में क्या लिखूं टाइम बर्बाद होता है, अंत में यही कहूंगा विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में अंजना जी नीचे से टॉप कराओ 157 से आगे बढ़ो अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि इतना चाटुकारिता भरी पत्रकारिता है ऊपर तो आ नहीं सकते कभी कम से कम नीचे पर तो टॉप पर रहो कही तो आपकी चर्चा हो,
@ABPNews@abplive@UPTakOfficial@kmrvivek14@rojgarwithankit
BJP सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को धन उगाही का जरिया बना दिया है. एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं हो रही है.
आज यूपी के प्रयागराज में लेखपाल भर्ती में हुई धांधली के विरोध में युवा सड़कों पर उतरे हैं.
इन युवाओं का साफ संदेश है- BJP सरकार की धांधली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
Prayagraj में नौजवान सड़कों पर... Lekhpal, SSC, NEET पेपर में गड़बड़ी से गुस्साए छात्रों ने खोला मोर्चा, CM Yogi पर भड़के, क्या बोले?
@Raunak_194 | Prayagraj Students Protest | #Prayagraj | #UPNews | #YogiAdityanath
यूपी : प्रयागराज में आज हजारों छात्र सड़क पर उतर आए। NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया, जुलूस निकाला, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा।
पेट्रोल महंगा होने का असर सिर्फ बाइक या कार तक नहीं है बहन, सब्ज़ी से लेकर दूध, दवा, ट्रांसपोर्ट, ऑनलाइन डिलीवरी…
हर चीज़ धीरे-धीरे महंगी हो रही है।
बोझ जो मध्यम वर्ग और गरीब से पूछो, जो पहले से EMI, फीस, किराया, दवाई और महंगाई से लड़ रहा है।कुछ पत्रकारों को देश की लगभग हर चीज़ सामान्य लगने लगी है।
पेट्रोल महंगा हो जाए,
बेरोजगारी बढ़ जाए,
paper leak हो जाए,
cylinder ना मिले, खबरदार जो ये सीधे सत्ता में बैठे लोगो से सवाल करले
उल्टा आपको ही समझा देंगे कि असल में आपका ही फायदा हो रहा है।
ये लोग आज देश की समस्याओं पर सवाल पूछने के वजाय समस्याओ को manage करते हुए दिखाई दे रहे हैं। present ऐसे करेंगे कि
जनता धीरे-धीरे अपनी ही तकलीफ को छोटा मानने लगे।
propaganda नही तो ये सब क्या है ?
जब media जनता को ये महसूस करा रही हो कि जो हो रहा है, वो सब आपके हक में है ।।
NEET, CBSE Class 12th के बाद अब SSC GD में भी कई जगहों से गड़बड़ियों की खबर आ रही है।
कई जगहों से शिकायत आ रही है कि सर्वर में खराबी आ गई, कई जगह एग्जाम सेंटर पर क्षमता से ज़्यादा बच्चों को बुला लिया गया।
ये किस तरह की सरकार है? जो एक पेपर ठीक से नहीं करा पा रहे?
भर्ती परीक्षाओं को आखिर इतना मजाक क्यों बना दिया गया है
कहीं paper leak, कहीं server issue, कहीं center mismanagement और अब #ssc_gd 500 छात्रों को बुलाकर सिर्फ 250 की व्यवस्था।
आखिर ये कैसी परीक्षा प्रणाली बनाई जा रही है?
दूसरे जिलों से छात्र महीनों की तैयारी, खर्च और pressure लेकर exam देने पहुंचते हैं, और वहां जाकर पता चलता है कि system खुद तैयार नहीं है।
सबसे दुखद बात ये है कि हर बार गलती व्यवस्था की होती है, लेकिन नुकसान सिर्फ छात्रों को उठाना पड़ता है। फिर जब युवा गुस्सा दिखाते हैं, तो लोग उनकी प्रतिक्रिया देखते हैं
लेकिन उस मजबूरी और टूटते भरोसे को नहीं, जो उन्हें वहां तक ले जाता है।
एक परीक्षा ढंग से नहीं करा पा रहे हैं। NEET के बाद अब SSC GD की भी परीक्षा गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं।
छात्र तोड़फोड़ कर रहे हैं,आक्रोशित हैं।
स्पष्ट कारण क्या है? SSC वाले अभ्यर्थी बताएं