मंत्री पद ना मिलने की खुन्नस
या फिर छत्तीसगढ़ के प्रति वफादारी
कारण कुछ भी हो।
माननीय विधायक @Chandrakar_Ajay जी
जब भी मौका मिलता है सत्ता पक्ष को आईना दिखने से नहीं चकते है।
करोड़ों रूपये खर्च कर जल जीवन मिशन में
बिना जल स्रोत के निर्माण कैसे और क्यों किया गया?
इसका जवाब कौन देगा।
@rpsinghraipur@CGVOICE00777
सिंचाई पर दिए झूठे आंकड़े
की उन्हीं के विधायक ने विधानसभा में खोली पोल।
एक बात तो है विधानसभा का सत्र चल रहा हो तो कोई ना कोई मंत्री @Chandrakar_Ajay जी रडार में आता जरूर है।
चंद्राकर जी के सवालों का जवाब नहीं होता सत्ता पक्ष के पास।
समझ में ही नहीं आता चंद्राकर जी किसकी टीम की और से खेल रहे है।
@rpsinghraipur@CGVOICE00777
जिंदल कंपनी को आवंटित गारे पेलमा कोयला खदान की फर्जी पर्यावरणीय जनसुनवाई निरस्त करे राज्य सरकार - छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन
रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल कंपनी को आवंटित गारे पेलमा 1 कोल ब्लॉक की फर्जी पर्यावरणीय जनसुनवाई को निरस्त करने की माँग पर पिछले 5 दिनों से जारी अनिश्चितकाल आंदोलन में अपनी एकजुटता प्रकट करते हुए छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ ।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल आलोक शुक्ला, रमाकांत बंजारे एवं घनश्याम वर्मा ने ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की । ग्रामीणों बताया की खदान प्रभावित सभी 14 गांव की ग्रामसभाएं खनन परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित कर शासन प्रशासन को सौंप चुके हैं बावजूद इसके एक बार निरस्त होने के बाद भी शासन ने भारी पुलिस बल लगाकर जबरन तरीके से फर्जी जनसुनवाई करवाई ।
ग्रामीणों ने बताया कि दिनांक 8 दिसंबर को हजारों की संख्या में लोग धौराभाटा हाई स्कूल मैदान में एकत्रित होकर जनसुनवाई का विरोध कर रहे थे । परंतु जिला प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने पूर्व निर्धारित स्थल के बजाए दूसरी जगह टेबिल कुर्सी लगाकर 15-20 लोगों की मौजूदगी में जनसुनवाई की खानापूर्ति करके चले गए । भारी पुलिस बल को तैनात करके किसी भी ग्रामीण, यहाँ तक कि जनप्रतिनिधि को जाने नहीं दिया ।
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन प्रशासन के इस कृत्य का कड़ी भर्त्सना करते हुए फर्जी और अवैध जनसुनवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग राज्य सरकार से करता है ।
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने अपने बयान में आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जल, जंगल, जमीन और खनिज की कारपोरेट लूट को सुगम बनाने के लिए शासन - प्रशासन द्वारा नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं । पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभाओं के संवैधानिक विरोध को कुचलकर, आदिवासी, किसानो पर दमनात्मक कार्यवाही करते हुए खनिज व उद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है । तमनार, पुरूँगा, हसदेव, अमेरा , मेनपाट, छुईखदान खैरागढ़ सहित बस्तर में आदि स्थानों पर पुलिस बल का इस्तेमाल कर जबरन जनसुनवाई और जंगलों की कटाई से पूरे प्रदेश में रोष व्याप्त है
।
राज्य व केंद्र सरकार तत्काल इस तरह की कार्यवाहियों को बंद कर संवैधानिक ग्रामसभाओं के निर्णयों का पालन करें
रूटीन चेकअप के लिए आई 8 महीने की गर्भवती रुकसार को रोहित यादव ने मारी लात
रोहित मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का बहुत खास माना जाता है।
मामला कानपुर मेडिकल कॉलेज का है
नाम – संतोष पनिका
काम – अंधी बूढ़ी मां की सेवा
प्रशासन – पदोन्नति की लालच में एक बोरी कोयला चोरी में फंसा दिया।
दरअसल यह मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का है जहां संतोष पनिका मेहनत मजदूरी करके अंधी बूढ़ी मां की सेवा करता था।
एक दिन रेलवे पुलिस ने अपनी बाइक में बैठाया और उसे रेलवे ट्रैक पर ले गया, और गाड़ी की डिक्की से एक बोरी दिया और बोला इसमें कोयला भर दो। बेचारा अनपढ़ गरीब आदमी बर्दी धारी पुलिस की बात मान कर रेलवे ट्रैक में पड़े छोटे छोटे कोयला को बोरी में भर दिया।
फिर क्या रेलवे सिपाही उसे RPF थाने ले जाकर कोयला चोरी का प्रकरण बनवा दिया।
भारत के घने वन क्षेत्रों में कोयला खनन से जैव-विविधता में लगभग 40% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसका अर्थ सिर्फ पेड़ों का कटना नहीं, बल्कि जलस्रोतों का सूखना, वन्यजीवों का विस्थापन और आदिवासी संस्कृति का विनाश है।
आदिवासियों के देव स्थल की जगह कोई मंदिर होता, तब भी क्या ऐसे ही विनाश होता ?
(पुरानी और वर्तमान तस्वीर )
तस्वीर में खदान के बीच में दिख रहा विशाल पेड़ आदिवासियों के देव स्थल बड़ादेव (महादेव) का स्थान है जिसका विनाश सरगुजा जिले में परसा कोल ब्लॉक में कर दिया गया ।
हसदेव अरण्य में स्थित राजस्थान सरकार को आवंटित एवं #adani द्वारा MDO के माध्यम से संचालित इस कोल ब्लॉक की वन स्वीकृति ग्रामसभाओं के फर्जी प्रस्ताव बनाकर हासिल की गई थी ।
राज्य अनुसूचित जन जाति आयोग ने अपनी जांच में पाया कि ग्रामसभा प्रस्ताव कूटरचित तरीके से जिला प्रशासन और अदानी द्वारा तैयार किए गए थे । जाँच रिपोर्ट के बाद भी भाजपा सरकार पुलिस फोर्स लगाकर पेड़ो को कटवा रही है ।
आदिवासी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का कितना विकास कर रहे हैं यह तस्वीर उसे दर्शाती है ।
#SaveHasdeo
पहले कटोरा तालाब का नाम बदला
फिर पचपेड़ी नाका के नाम को बदलने की
साजिश रची गई,
अब तुलसी में ग्राम पंचायत के बिना परमिशन
बिना NOC के सिंधी पंचायत को चार अकड़ जमीन दे दी गई है।
जिसका पूरा गांव विरोध कर रहा है।
एक समाज विशेष पर इतनी मेहरबानी क्यू?
@CGVOICE00777
गुजरात के सूरत में CCTV वीडियो में महिला पुलिसकर्मी एक 90वर्षीय आदिवासी वृद्धा को घसीटते और थप्पड़ मारते दिख रही है। यह कानून नहीं, निर्दयता और सत्ता का दुरुपयोग है। हम इस बर्बरता की कड़ी निंदा करते है और दोषी पुलिसकर्मियो के तत्काल निलंबन की मांग करते है।
सूचना - छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग छुट्टी पर है, सोच समझकर बीमार पड़ें
राजधानी रायपुर में स्टाफ गायब हैं.
बिलासपुर में वार्ड ब्वॉय दवाई बांट रहे.
दुर्ग भिलाई के सभी हेल्थ सेंटर बंद.
गर्भवती महिलाएं डॉक्टर के इंतजार में हैं
आज बट्टा बैठा दिया पूरे प्रदेश का और अंजोर विजन सीधे 2047 का..
@DainikBhaskar