ये कैसा दर्द है दिल में जो पल रहा है,
स्याह रात में हर क्षण बढ़ रहा है..
नहीं नहीं यह कोई "नासाजगी" नहीं,
बस तुझसे मिलने को मन मचल रहा है..!!!
गुंजन शिशिर/@Gunj26
प्रेम उस संकरे मार्ग की तरह है जिसपर..
चलना तो सब चाहते हैं लेकिन,
उस प्रेम की मंजिल तक पहुंचने के लिए..
सिर्फ कुछेक ही प्रयत्न करते हैं..!!!!
गुंजन शिशिर/@Gunj26
मैं तुम्हें चुनता हूँ,
हर उस सुबह की तरह
जो अंधेरी रात के बाद भी
उगने का साहस रखती है.
- सूर्यभान 'सूरी'🌷
@ImSury9 की शानदार कविता सुनें वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक @sanjeevpaliwal की आवाज़ में.
कुछ नहीं था वहाँ,
फिर भी सब कुछ था।
एक रोशनी थी —
जो चुप रहकर भी बोलती थी,
और एक सादगी —
जो ख़ूबसूरती से ज़्यादा
सच्ची लगने लगी थी...!
- सूर्यभान 'सूरी'🌷
@ImSury9