@RoliTiwariMish1 अगर लड़की को हिस्सा चाहिए तो क़र्ज़ चुकाने में भी हिस्सा देना पड़ेगा। लड़की को शादी के बाद भी अपने माता-पिता का खर्चा उठाना होगा। मां-बाप को कोई गंभीर बिमारी हो जायें तो ईलाज के पैसे भी लड़की को देने होंगे।
@SonOfBharat7 में दावे के साथ कहता हूं कि इस रैली में एक भी ब्राह्मण नहीं होगा। आखिर तुम लोग कब काम आओगे? जाओ रैली में हिन्दूओं का साथ देने। यहां X पर मर्दानगी दिखानें से कोई मर्द नहीं होता।
@pandit_jag राजनीति के चक्कर में अपना कैरियर और परिवार बर्बाद ना हो जाए इसका ध्यान रखना चाहिए। नेता लोग अपने बेटो को विदेश मे पढ़ाते हैं,काबेलियत ना हो तो भी बड़े बड़े पद पर बिठा देते हैं। उनके बेटे कभी धर्म के लिए सड़कों पर नहीं उतरते।
@pandit_jag कथावाचक को कथा पर ध्यान देना चाहिए। भगवान के प्रति लोगों का विश्वास बढ़े एसा करना चाहिए। लेकिन इनको तो खुद को भगवान स्थापित करना है। भगवान की जगह अपनी पूजा करवानी है। इस चक्कर में खुद को महा ज्ञानी साबित करना पड़ता हैं। लेकिन इस बार बड़ी बेइज्जती करवा बैठे अनिरुद्धाचार्य।
@Ramraajya अंग्रेजों से देश आजाद हो गया लेकिन जातिवाद से कब होगा? पिछले कई समय राजस्थान से जातिवाद की बहुत सी गंभीर घटनाएं सामने आई है। अपराधीओ के उपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जबतक अपराधीओ के उपर सख्त कार्यवाही नहीं की जायेगी एसी घटनाएं सामने आती रहेगी।
सोशलमीडिया पर वायरल ये वीडियो बाड़मेर के धोलीनाडी रामजी का गोल स्कूल का बताया जा रहा है।
आरोप है कि मेघवाल समाज के नन्हे बच्चों को जातिगत भेदभाव के चलते 15 अगस्त के दिन स्कूल से बाहर निकाल दिया।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जी और राजस्थान पुलिस से अनुरोध है मामले की जाँच करके आवश्यक कार्यवाही करें।
@madandilawar@PoliceRajasthan