@scribe9104 ये तो धंधे वाली लड़की दिखती है।
आज पता चला देश कितना आगे बढ़ चुका है आज नीट की तैयारी जिस्म बेचने वाली भी कर रही है।
इतनी आजादी के बाद भी नाजाने कौनसी आजादी चाहिए है इन लोगों को।
@khan_sahil80786 इस घटना के लिए उस औरत के साथ साथ समाज भी उतनाही दोषी है जितनी ओ औरत है। 13 साल बहुत होते है इस 13 सालों में इस आदमी के रिश्तेदार और नजदीकी वालों को इसके नाजायज़ सम्बन्धो की भनक लगी ही होगी उसके पति को कोई तो बता सकता था अब दुनिया शर्तो पर चलती है ।
@yadavakhilesh समाजवादी पार्टी के बड़े से लेकर आम कार्यकर्ता तक उसे नैतिक रूप से कोई भी अधिकार नहीं है राम मंदिर के किसी भी विषय में बात करने की क्यों कि ओ कार सेवकों के हत्यारे है ।
जो राजनीतिक लाभ उठाने के लिए बोल रहे है और जनता अच्छी तरह से जानती है चोर से ज्यादा गुनहगार हत्यारे है।
आज मै दोस्तों के साथ तैरने गया था मैं तैरने में बहुत माहिर हूं और दोस्तो के साथ शर्त लगाई थी कि मैं बिना हाथ पैर हिलाए कुएं के अंदर बीस मिनट तक रह सकता हूं और मैं शर्त जीत गया मेरे दोस्त शर्त हार गए संडे की पार्टी फ्री में एंजॉय की।
@aajtak सोचने वाली बात है इतने बड़े खिलाड़ी का इतना जल्द अंत कैसे हो सकता है।
इससे भी ज्यादा सोचने वाली बात ये है कि जिसके पीछे बड़ों का हाथ नहीं है उसका कुछ नहीं हो सकता अगर सूर्यकुमार यादव के पीछे कोई बड़ा होता तो ये भी लंबी रेस का घोड़ा होता।