तमिलनाडु के CM विजय थलापति का एक और बड़ा फ़ैसला,,,,,
“यदि इलाज के दौरान मरीज की अस्पताल में मृत्यु होती है, तो परिवार से कोई भी मेडिकल बिल नहीं लिया जाएगा। अस्पताल को पूरा बिल माफ करना होगा”..!!
@1stIndiaNews@jaipur_police बिल्कुल जरूरत के समय छुट्टी नहीं मिलती है तो इंसान कितना मानसिक तनाव से गुजरता है यह तनाव सिर्फ वही आदमी जानता है जो इससे गुजरता है।
मां बीमार, पत्नी बीमार छुट्टी के लिए रो रहे हैं लेकिन छुट्टी नहीं दे रहे हैं तो इंसान का मानसिक तनाव बढ़ना लाजिमी है
जबलपुर के बरगी डैम (नर्मदा नदी) पर 30 अप्रैल 2026 को एक क्रूज बोट अचानक तेज हवाओं और लहरों के कारण पलट गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, कई लोग अभी भी लापता हैं।
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सबसे मार्मिक दृश्य है....
एक माँ ने अपने 3-4 साल के बेटे को सीने से चिपकाए रखा। दोनों एक ही लाइफ जैकेट में बंधे मिले। रेस्क्यू टीम को यह दृश्य देखकर खुद की आँखें नम हो गईं। पिता और बेटी किसी तरह बच गए, लेकिन माँ और बेटा क्रूज के अंदर फंस गए।
🥲😭
बेचारे पुलिस वालों को भी कैसे-कैसे नमूनों से जूझना पड़ता है। एक तो धूप और धूल में दिनभर खड़े-खड़े तपना और ऊपर से ये बेमतलब की माथाफोड़ी।
गुस्सा आए नहीं तो क्या करे?
(दृश्य विद्याधर नगर, जयपुर का)
राघव चड्ढा नहीं रुकने वाले-पिछले 3 साल में बैंकों ने सिर्फ़ ‘मिनिमम अकाउंट बैलेंस’ न रखने पर ₹19,000 करोड़ वसूल लिए... अमीरों से नहीं गरीब लोगों के खातों से यह वसूली हुई... क्योंकि अगर पैसे ही होते तो खाते में मिनिमम बैलेंस ही रख लेते..किसान, पेंशनर और दिहाड़ी मजदूरों के खातों से पेनल्टी वसूली गई..गरीब होने के लिए बैंकों को जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए... इसलिए मिनिमम बैलेंस पेनल्टी खत्म की जाए....
माता-पिता के निधन पर 13 दिन सवैतनिक शोक अवकाश की मांग!
राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने माता-पिता के निधन पर सरकारी व निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को 13 दिन का अनिवार्य सवैतनिक शोक अवकाश देने की मांग उठाई है।
"हमारी खुशियों के पीछे किसी की रातों की नींद और अपनों का साथ कुर्बान होता है।" 🛡️👮♂️
राजस्थान के कानून मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने एक बेहद भावुक और जमीनी हकीकत बयां करता भाषण दिया। उन्होंने समाज के उस नजरिए को झकझोर दिया जो अक्सर पुलिस की आलोचना तो करता है, लेकिन उनके संघर्ष को नहीं देखता।
भाषण की मुख्य बातें जो इस पोस्ट में शामिल हैं:
बिना कैलेंडर की ड्यूटी: जब हम होली-दिवाली मनाते हैं, तब कांस्टेबल चौराहे पर खड़ा होकर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
पारिवारिक चुनौतियां: एक पुलिसकर्मी का भी परिवार है, छोटे बच्चे हैं और सामाजिक जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें वह ड्यूटी के कारण अक्सर पीछे छोड़ देता है।
सुधारों का संकल्प: मंत्री जी ने पुलिस विभाग में पे-स्केल, कैडर और सुविधाओं को लेकर 'आमूल-चूल परिवर्तन' की वकालत की है।
निर्भीक पुलिस, बेहतर परिणाम: "जब पुलिसकर्मी का परिवार सुरक्षित महसूस करेगा, तभी वह और भी बेहतर परिणाम देगा।"
हमें अपनी पुलिस की छवि को बदलने और उन्हें वह सम्मान देने की जरूरत है जिसके वे हकदार हैं। आइए, राजस्थान पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने के इस विजन का समर्थन करें। ✨🤝
धन्यवाद: @zeerajasthan_@JogarampatelMLA
#RajasthanPolice #JogaramPatel #PoliceReforms #KhakiPride #RajasthanGovernment #SocialJustice #RespectPolice #PoliceWelfare
पेपर आउट करने वाला गिरफ्तार हर बार आरोपी हुआ है लेकिन जमानत पर आ गया या आ जाएगा OMR घोटाले में कई लोग बार बार 2018 या 2019 की बात कर रहे हैं।।
माथुर और उसकी की टीम कर्मचारी चयन बोर्ड में गिरफ्तारी होने तक काम कर रही थी इन्होंने सारे बेरोजगारों का बेड़ा गर्क कर के रख दिया..
कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित जूनियर अकाउंटेंट की भर्ती एग्जाम के टफ पेपर में भी कट का इतनी हाई गई है कि पूछो मत..
इन्होंने जब 2018 में घोटाले करने शुरू कर दिए क्या यह अब तक चुप रहेंगे?
अब तक माथुर सबकी जानकारी दी या नहीं कितने फर्जी अभी भी नौकरी कर रहे हैं।
सभी चीजों का सच आम सामने आना जरूरी है यह मामला राजनीतिक रूप से नहीं है युवाओं की मेहनत को खराब किया गया है।।
#असलम_चोपदार
इन लोगों की सूची जारी हुए अब लगभग एक महीना होने को है, लेकिन OMR घोटाले में शामिल 38 लोगों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कुछ अहम सवाल खड़े होते हैं–
1.ये 38 लोग इस समय कहाँ हैं?
2.क्या ये अभी भी सरकारी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं?
3.अवैध तरीके से नौकरी हासिल करने के बाद इन्हें जो वेतन मिला, क्या उसकी वसूली की गई है?
4.क्या इनमें से किसी की गिरफ्तारी हुई है?
क्या इन्होंने पूछताछ के दौरान किसी और का नाम उजागर किया है?
5.इस पूरे मामले पर सरकार अपना पक्ष रखेगी या विपक्ष इस पर सवाल उठाएगा?
यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे गंभीर विषय पर कोई भी पक्ष युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा होता दिखाई क्यों नहीं देता?
दौसा में तहसीलदार विधायक से कहता है आप कौन हो यहां से निकलो....
MLA को पुलिस की धमकी देता है
मैं इस सदन का सदस्य हूं और मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे तहसीलदार को तुरंत सस्पेंड करो!
@SachinPilot@BairwaDc