माननीय सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग से अपील है कि अभी-अभी प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दंडात्मक कार्रवाई करें और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करें। जो भी पुलिस अधिकारी वोटर कार्ड और आधार आईडी चेक कर रहे हैं, उन्हें वीडियो के आधार पर तुरंत निलंबित किया जाए। पुलिस को आधार आईडी कार्ड या पहचान पत्र जाँचने का कोई अधिकार नहीं है।
@ECISVEEP@SECUttarPradesh@rajivkumarec@spokespersonECI@ceoup
#ECI
#YouAreTheOne
#IVoteForSure
#UPPolitics
#SamajwadiParty
‘महिला सुरक्षा’ सुशासन की प्रथम परीक्षा होती है। यदि समाजवादी पार्टी के समय में महिला सुरक्षा के लिए शुरू किये गये ‘1090’ व ‘डायल 100’ को भाजपा सरकार में अच्छी तरह चलाया और बढ़ाया जाता तो आज महिला सुरक्षा को लेकर किसी ज़िम्मेदार अफ़सर को आशंका से भरा कॉल न करना पड़ता।
ऐसे ‘मॉक-कॉल’ समय-समय पर होते रहें तो पुलिस-प्रशासन सजग और सचेत रहेगा।
प्रशंसनीय प्रयास!
अगर भाजपा सरकार ने फाइलों की जगह ज़मीन में पेड़ लगाए होते तो शायद भीषण गर्मी से जनता का कुछ बचाव हो सकता था। पता करना पड़ेगा कि जहाँ से पेड़ की सप्लाई हुई, भाजपा ने क्या वहाँ से भी चुनावी चंदा लिया है।
भाजपा का नारा है: जहाँ धंधा, वहाँ चंदा।
प्रिय ‘उप्र के समझदार मतदाताओं’
उप्र में इंडिया गठबंधन की ‘जन-प्रिय जीत’ :
- उस दलित-बहुजन भरोसे की भी जीत है जिसने अपने पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े सभी उपेक्षित, शोषित, उत्पीड़ित समाज के साथ मिलकर उस संविधान को बचाने के लिए कंधे-से-कंधा मिलाकर संघर्ष किया है जो समता-समानता, सम्मान-स्वाभिमान, गरिमामय जीवन व आरक्षण का अधिकार देता है।
- ये PDA के रूप में पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक-आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े के उस मजबूत गठजोड़ की जीत है, जिसे हर समाज और वर्ग के अच्छे लोग अपने सहयोग व योगदान से और भी मजबूत बनाते हैं।
- ये नारी के मान और महिला-सुरक्षा के भाव की जीत है।
- ये नवयुवतियों-नवयुवकों के सुनहरे भविष्य की जीत है।
- ये किसान-मज़दूर-कारोबारियों-व्यापारियों की नयी उम्मीदों की जीत है।
- ये सर्व समाज के सौहार्द-प्रिय, समावेशी सोचवाले समता-समानतावादी सकारात्मक लोगों की सामूहिक जीत है।
- ये निष्पक्ष, निष्कलंक मीडिया के निरंतर, अथक, निर्भय, ईमानदार प्रयासों की जीत है।
- ये संविधान को संजीवनी मानने वाले संविधान-रक्षकों की जीत है।
- ये लोकतंत्र के हिमायती-हिम्मती लोगों की जीत है।
- ये ग़रीब की जीत है।
- ये लोकतंत्र की जीत है।
- ये सकारात्मक राजनीति की जीत है।
- ये मन के सच्चे और अच्छे लोगों की जीत है।
ये INDIA की टीम और PDA की रणनीति की जीत है।
प्रिय मतदाताओं आपने साबित कर दिया है कि जनता की शक्ति से बड़ा न किसी का बल होता है, न किसी का छल। इस बार जनता ही जीती है, शासक नहीं।
जनता जीतती रहे…!!!
आपने हममें जो विश्वास प्रकट किया है, हम उस भरोसे को पूरे दायित्व के साथ कायम रखेंगे और निभाएँगे भी, इसके लिए हार्दिक धन्यवाद-दिल से शुक्रिया और आनेवाले नये सकारात्मक समय के लिए अनंत शुभकामनाएँ!
जनता ज़िंदाबाद!!!
आपका
अखिलेश
भाजपा ने लाभार्थी बनाए… ‘इंडिया गठबंधन’ दोगुना मुफ़्त राशन देकर और महिलाओं व बेरोज़गारों को 1-1 लाख रुपये और 30 लाख नौकरियाँ देकर एक ‘अति लाभार्थी’ वर्ग बनाने जा रही है।
ग़रीबों-मज़दूरों की ‘इंडिया गठबंधन सरकार’ देश की दबी-कुचली, शोषित, वंचित और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमज़ोर आम जनता के लिए ऐसे बदलाव लाएगी, जिसका फ़ायदा देश की 95% फ़ीसदी आम जनता को मिलेगा।
लगातार झूठ बोलनेवाली भाजपा पर अब न तो जनता का विश्वास है, न ही भाजपा से जनता को कोई आस है।
अमीरों की कठपुतली भाजपा सरकार ढह गयी है।
#एक_थी_भाजपा
#कभी_नहीं_चाहिए_भाजपा
#इंडिया_की_जीत_ग़रीब_की_जीत
हमारी सीधी अपील के बाद जिस तरह से बहुजन समाज के लोग समर्थन देने के लिए लगातार आगे आ रहे हैं उससे भाजपा के ख़िलाफ़ हमारी ‘संविधान और आरक्षण’ बचाने की लड़ाई को नई ताक़त मिली है। पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं व सपा की ‘बाबासाहेब वाहिनी’ से लोग संपर्क करके अपना सहयोग दे रहे हैं।
बहुजन समाज के लोगों के साथ आ जाने से सामाजिक न्याय के हमारे संघर्ष में नया उत्साह आ गया है। ऐसा लग रहा है कि हमारी ताक़त कई गुनी बढ़ गयी है। हम फिर से दोहरा रहे हैं कि ‘संविधान ही संजीवनी’ है। जब तक संविधान सुरक्षित रहेगा, तब तक हम सबका मान-सम्मान-स्वाभिमान और अधिकार सुरक्षित रहेगा।
लोकसभा चुनाव के अगले चारों चरणों में सब एकजुट होकर ख़ुद भी और दूसरों को भी ‘इंडिया गठबंधन’ मे शामिल सपा, कांग्रेस व अन्य दलों के प्रत्याशियों को जिताने के लिए वोट डालने का संकल्प लें।
पीडीए की एकता ही सुनहरा भविष्य बनाएगी।
#PDA_हरायेगा_NDA
#जीत_रहा_है_INDIA
#इंडिया_की_जीत_में_देश_की_जीत
रेल मंत्री को तुरंत बुलवाओ
उनसे भी धक्का लगवाओ!
लगता है भाजपा की ‘डबल इंजन की सरकार’ में आज इलेक्टोरल बॉण्ड का ईंधन नहीं पड़ा तभी अमेठी के निहालगढ़ क्रॉसिंग पर लोग धक्का लगाने पर मजबूर हैं।
इस बार घोषित हुई लोक सभा चुनावों की तिथियों और सात चरणों का देश की जनता और हम सब मिलकर विशेष हर्षोल्लास के साथ अभूतपूर्व स्वागत करते हैं क्योंकि ये सात चरण दरअसल दुख, दर्द और दमन का प्रतीक बन चुकी भाजपा सरकार की सात चरणों में हो रही विदाई की क्रोनोलॉजी है!
सातों चरण हराओ, भाजपा हटाओ!
भाजपा की लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची बता रही है कि ‘प्रथम दृष्टया’ जिन सीटों पर भाजपा के जीतने की थोड़ी सी भी संभावना है केवल उन 195 सीटों पर ही ये सूची आई है। इसका मतलब साफ़ है बाकी पर भाजपा साफ़ है।
पहली सूची में ही भाजपा ने अपनी हार मान ली है क्योंकि वो बगावत के डर से उन लोगों को भी दुबारा उम्मीदवार बना रही है जो अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में कोई काम नहीं करवाने की वजह से या फिर भ्रष्टाचार में लिप्तता के कारण ख़ुद ही अपनी टिकट के लिए कोई उम्मीद नहीं कर रहे थे। जो बोरिया-बिस्तर बांध कर निकलना चाहते थे उन्हें दुबारा दबाव बनाकर लड़ने के लिए कहा जा रहा है। ये अनमने लोग क्या विपक्ष का सामना करेंगे।
भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच भी इस सूची के आने से गहरी हताशा है क्योंकि वो जनता के बीच अपने अधिकांश सासंदों के ख़िलाफ़ चल रही हवा से वाक़िफ़ हैं। जो युवा भाजपाई टिकट की उम्मीद में भाजपा के हर गलत काम में साथ दे रहे थे, वो भी निराश होकर, निष्क्रिय हो जाएंगे।
भाजपा की उम्मीदवारों की सूची, भाजपा की नाउम्मीदगी की घोषणा है।
सपा के कर्मठ नेताओं को नमन करते हुए हम बलिया की क्रांतिकारी ज़मीन से पीडीए की सामाजिक-आर्थिक क्रांति का संकल्प दोहराते हैं और देश को बाँटने वाली ताक़तों को हराने का आह्वान करते हैं।
#अस्सी_हराओ_भाजपा_हटाओ#पीडीए_एनडीए_को_हराएगा
दिव्यता के बीच दरिद्रता… जहाँ ग़रीबी दीयों से तेल ले जाने के लिए मजबूर करे, वहाँ उत्सव का प्रकाश धुंधला हो जाता है।
हमारी तो यही कामना है कि एक ऐसा पर्व भी आये, जिसमें सिर्फ़ घाट नहीं, हर ग़रीब का घर भी जगमगाए।
अब कुछ भाजपाई संविधान से ‘इंडिया’ शब्द हटाने की बात कर रहे हैं, फिर तो ‘रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया’ से भी उसे हटाने को कहेंगे फिर आर.बी.आई द्वारा जारी हर नोट से भी… फिर क्या भाजपाई एक और नोटबंदी लेकर आएंगे!
भाजपा सरकार द्वारा सरकारी सम्पत्ति बेचने की क्रोनोलॉजी :
- पहले ‘शाम-ए-अवध मॉल’ बेचा
- फिर ‘गोमती नगर अपना बाज़ार’ बेचा
- अब ‘जेपीएनआईसी’ बेचने की तैयारी है
भाजपा पार्टी है या….