सवर्ण का बच्चा SCST, OBC से पहले बूढ़ा हो जाता है, अधिक फ़ीस भरता है, अधिक नंबर लाता है उसके बावजूद भी वो अयोग्य हो जाता है और बात संविधान और समान अवसर की होती है।
आज शाम को प्रयागराज में फर्जी ScSt एक्ट मामले में आवाज उठाई जायेगी।
पीड़ित परिवार के साथ ही मार पीट की गई और उल्टा ScSt एक्ट लगा दिया गया।
आप सभी से विशेष आग्रह है कि आवाज को बुलंद करें।
हम पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
#प्रयागराज_ScStAct_का_दुरुपयोग
"आपने नीतीश कुमार का चेहरा देखकर वोट दिया तो उनका बेटा मंत्री बनेगा। आपने मोदी जी के नाम पर वोट दिया तो जिसको वो चाहेंगे वो मुख्यमंत्री बनेगा। आपने (वोट देते वक्त) अपने बच्चों का चेहरा नहीं देखा तो आपका बच्चा मज़दूर बनेगा। आपके बच्चे अनपढ़ रहेंगे। आपके बच्चों को बेरोज़गारी का दर्द झेलना पड़ेगा। इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है" - प्रशांत किशोर
31 महीने जेल, कंपनी हाथ से गई, और अंत में अदालत ने कहा—सबूत नहीं थे। अगर आरोप साबित ही नहीं हुए, तो एक कारोबारी की ₹3300 करोड़ की कंपनी किस आधार पर बिक गई? सवाल सिर्फ एक कंपनी का नहीं, सिस्टम की निष्पक्षता और जवाबदेही का है।
Video by - @Geet_reports
विपक्ष यहाँ है…इस भीषण गर्मी में जनता की लड़ाई लड़ रहा है.
मेलोडी चबाने वाला गोदी मीडिया एक तरफ़ विपक्ष की सक्रियता पर सवाल उठाता है, दूसरी तरफ़ पूरी बेहयाई से सरकार की फैलाई गंदगी साफ़ करने में लग जाता है. उसे सिर्फ़ यही दो काम दिए गए हैं.
मैं अन्ना आंदोलन के टाइम हिंदुस्तान में नहीं था। मैं (Cannes festival) देखने के लिए गया था। वहाँ पर अन्ना का मोबाइल पे फ़ोन आया। तब उनका दिल्ली वाला जो अनशन था, तो वो ख़त्म हुआ था। और अन्ना, रेहान के हॉस्पिटल से मेधा पाटकर की मदद लेकर भाग गए थे और रालेगण पहुँचे थे। क्योंकि केजरीवाल चाहते थे वो शहीद हो जाएँ यहीं पे। और अन्ना डर गए थे।
तो उन्होंने ये सोचकर मुझे बुलाया कि उनको कोर कमेटी को भंग करना है। अन्ना का प्रॉब्लम क्या था? कि धन का बरसात हो रही थी इनके ऊपर, केजरीवाल, अन्ना इन लोगों पे, देश की। आरएसएस को पॉलिटिकल पावर से मतलब था। इनके एनजीओस (NGOs) थे, केजरीवाल और बेदी मैडम के, तो वो एनजीओस के एफसीआरए (FCRA) थे। कांग्रेस चाहती तो देशद्रोह के मुक़दमे लगा सकती थी, लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया ये। शीला दीक्षित जैसी बेहतरीन मुख्यमंत्री दिल्ली को नहीं मिली आज तक।
ये स्थिति थी, कांग्रेस इतना दुर्बल हो चुकी थी कि शीला जी जैसी मुख्यमंत्री होने के बाद यहाँ एफआईआर नहीं लेते थे अरविंद के ख़िलाफ़? तो यानी सरकारी अधिकारी अंदर से संघी ही थे, जो अभी तो पूरी ओपनली काम कर रहे हैं, दिल्ली पुलिस जिस तरह से, वैसे वो उस टाइम भी कर रही थी, आरएसएस की हुकुम वही सर-आँखों पे थी। लेकिन इससे मैं पहले जानता नहीं था ये सब। जब मैं वापस आया और अन्ना के पास गया, तो अन्ना से बात की। तो अन्ना को अपॉर्चुनिज्म (opportunism) ज़्यादा इम्पोर्टेंट था, उसमें पैसे दिख रहे थे अन्ना को शायद, कि बटवारा ठीक से नहीं हो रहा था, केजरीवाल की तरफ़ से। क्योंकि 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की, जैसे आरएसएस है वही स्ट्रेटेजी थी केजरीवाल की। 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' नाम की कोई संस्था ही नहीं थी कागज़ पे।
वरिष्ठ पत्रकार @rajuparulekar जी
@arman712121@kapil_parod@umarmukhtar2u योग्यता के आधार पर ऐसा कैसे संभव है की 50 में से 44 मुसलमानों का सलेक्शन हो जाए अगर हम ऐसा कहते हैं तो यहां कोई मुसलमान विरोध का मामला नही है किसी षड्यंत्र के तहत ऐसा किया गया है इसका विरोध हो रहा है जांच मे षड्यंत्र सामने आया भी है और अगर षड्यंत्र नही है तो लोग कोर्ट जा सकते हैं
@arman712121@kapil_parod@umarmukhtar2u आपका यह सब तर्क अगर सही है तो सही है बशर्ते वह सत्य पर आधारित हो हम केवल इस बात का विरोध कर रहे हैं कि किसी धार्मिक एजेंडा के तहत गलत तरीके से सलेक्शन हुआ है इसका विरोध हो रहा है अगर योग्यता के आधार पर होता है नियमतः होता है तो उसका हम विरोध नहीं करते केवल धार्मिक आधार गलत है।
Breaking News 🔥
अमेरिका से भारतीयों को निकालने की तैयारी हो गई है...
60 दिन में नौकरी ढूंढो या भारत वापस जाओ।
अमेरिका में बड़ी टेक कंपनियों में बड़ी छंटनी चल रही है, जिससे प्रभावित होने वाले एक तिहाई भारतीय हैं।
सालों से अमेरिका में बसे लोगों के लिए बेहद भयावह हालात हो गए हैं। 25,000 भारतीय आईटी प्रोफेशनल अमेरिका में बेरोजगार हैं।
अब ज्यादातर को भारत पैक करके भेज दिया जाएगा, जो नहीं आएगा उसे हथकड़ी लगाकर भेजा जाएगा।
#USA #Immigration
छात्र सड़कों पर लाठियाँ खा रहे हैं — NEET, BPSC, TRE protests में युवा पीटे जा रहे हैं।
गोदी मीडिया “Melody Diplomacy” का PR चला रहा है, जैसे सब ठीक है।
पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा देरी चरम पर। युवा देश का भविष्य हैं, उनकी आवाज़ दबाओ मत।
#StudentProtests#Modi#NEETPaperLeak #GodiMedia
सपनों का सौदागर हूं और जुमलों से बहलाऊंगा
आज की रोटी छोड़ दो, कल चांद दिखलाऊंगा
ये है 2047 विकसित भारत की हकीकत।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कहा, मुझे 60 दिन दे दो, फिर 60 हफ्ते मांगे, फिर 60 महीने।
जब कुछ नहीं हुआ तो कहा- 2022 तक सबके सिर पर छत होगी, किसानों की आय दोगुनी होगी, 2 करोड़ रोजगार हर साल दूंगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अब नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर अपने 2-3 साल शांति से गुजारना चाहते हैं, लेकिन ये हो नहीं पाएगा।
क्योंकि ये परीक्षा ठीक से करा नहीं पा रहे, तेल दे नहीं पा रहे। अब देश को इनके 2047 वाले लॉलीपॉप में कोई इंट्रेस्ट नहीं है।
नरेंद्र मोदी की विदेश नीति देखें तो विदेशों में कोई आपका दोस्त ही नहीं बचा। ईरान से दुश्मनी ले ली और गैस का संकट खड़ा हो गया।
हमारा निवेदन है कि एक अच्छा सलाहकार लाइए, जो आपको अगले 2-3 साल तक मार्गदर्शन दे सके या फिर खुद मार्गदर्शन मंडल में शामिल हो जाइए।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
इस हिसाब तो अगले 500 साल बाद भी देश में समानता नहीं आ पाएगी !
छात्र - जज साहब हमें आरक्षण चाहिए !
जज साहब -आपके माता पिता क्या करते हैं ।
छात्र - जी साहब दोनों IAS हैं
जज साहब- तो फिर आरक्षण क्यूं चाहिए ।
छात्र -साहब हम पिछड़े समाज से आते हैं सवर्णों जीतना संसाधन हमारे पास नहीं है ,
जज साहब- माता पिता IAS हैं तो संसाधन की क्या कमी ।
छात्र - साहब आरक्षण की गरीबी हटाओ योजना नहीं है बस चाहिए हमको हमारे पास उनके जैसी बुद्धि नहीं है ।
समानता के नाम पर कब तक सवर्णों के साथ ये सरकारी भेदभाव होगा ।
BJP काफी ज्यादा परेशान हो गई है।
कॉकरोच पार्टी ने मजाक-मजाक में BJP को आसमान से जमीन पर पटक दिया है।
भारत के Gen Z तक ये बात पहुंच चुकी है कि बीजेपी ने युवाओं के साथ छल किया है।
बीजेपी इस बात को अच्छी तरह समझती है कि इंस्टाग्राम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
और उसी इंस्टाग्राम पर, कॉकरोच पार्टी के फॉलोअर्स, BJP से ज्यादा हो गए हैं।
@Editor_SanjayS
@arman712121@kapil_parod@umarmukhtar2u हम तुम्हारी बात समझ रहे हैं तुम सही कह रहे हो हमें यहां कोई भेदभाव नहीं है और ना ही हम किसी मुस्लिम के सिलेक्शन के विरोध में है हमें केवल इस बात का विरोध है की नियम से होना चाहिए था बिना किसी आरक्षण के योग्यता के आधार पर ना की धार्मिक आरक्षण के आधार पर हमारा विरोध इसलिए है।