Kerala ke Palakkad mein, ek jungle ke andar, ek waterfall hai jiska naam hai -Dhoni.
Koi seedha nahi pahunch sakta. Rasta mushkil hai https://t.co/PVGs0kr6GI chahiye. Teen ghante chalke jaao tab dikhta hai.
Aur jab dikhta hai?
Upar se bilkul shant. Andar se aag. Surface smooth, lekin kareeb jao toh pata chalta hai kitna powerful hai.
Kerala Forest Department ne iske saath ek rule banaya hai -
“Paani dikhta calm hai. Hai nahi.”
Mujhe nahi pata yeh rule waterfall ke liye tha ya No. 7 ke liye.
Aur yeh jagah ,yeh Dhoni Kerala mein tab se hai jab Mahendra Singh Dhoni paida bhi nahi hua tha.
Jaise nature ko pehle se pata tha. Koi aayega. Aisa hi hoga. Aise hi milega , mushkil raaste ke baad, bilkul unexpected jagah pe.
Aur ek baar jo mil gaya toh bhoolna mushkil hai.
Happy Birthday @msdhoni . Stay blessed forever
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने खुद खड़ा होकर राज्य में विपक्ष की खाली स्थिति पर निशाना साधा है!
चुनाव परिणाम जो हो,उनका निशाना यही है! RJD अभी भी खुद में वक़्त के हिसाब से बदलाव करने के मूड में नहीं दिख रही है अपने रवैये में!
कांग्रेस अधिक सक्रिय नहीं है!
ऐसे में राज्य विपक्ष शुन्य की स्थिति बनी सी है! ऐसे में इस चुनाव के माध्यम से प्रशांत किशोर इस शुन्य को भरते हुए मुख्या विपक्षी आवाज बनने का दावा कर रहे हैं यह चुनाव लड़कर!
"जिस तरह विजय सिन्हा, मिथलेश तिवारी, अश्वनी चौबे समेत तमाम भाजपाई सवर्ण नेताओं ने भरत तिवारी जी के पुलिस एनकाउंटर के बाद अपनी ही सरकार को घेरा, आलोचना की और सम्राट चौधरी को कटघरे में खड़ा किया,
क्या इस तरह नित्यानंद राय, रामकृपाल यादव, अशोक यादव, राम सूरत राय, विजेंद्र यादव सहित तमाम एनडीए के यादव नेता जुर्रत भी कर पाएंगे?
बीजेपी में दिक्कत यह है कि यादव नेता सिर्फ यादवों का वोट लेने के लिए हैं। जब कोई यादव मुसीबत में पड़ता है तो इनके मुंह से एक आवाज तक नहीं निकलती।
जगतवीर राय को बिहार पुलिस के एक दरोगा ने मुंह में गोली मार दी थी। एक भी यादव नेता खुलकर विरोध में नहीं बोला। अगर बोले होते तो आज रौशन आनंद सर को इंसाफ मिल गया होता, फैज़ल खान जेल में होता।
सवर्ण नेताओं से सीखने की जरूरत है बीजेपी के यादव नेताओं को। यादव नेता रहकर भी यादव समाज की आवाज नहीं उठाते, तो फिर इनके होने का फायदा क्या है?
इससे बेहतर है कि अगले चुनाव में इन्हें वोट न देकर सबक सिखाया जाए।"
Anjana Om Kashyap और टीचरों के बीच अब बवाल चरम सीमा पर पहुंच चुका है ।
इसी बीच Khan Sir Patna का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे वो अंजना ओम कश्यप के साथ रुबिका लियाक़त की धुलाई करते हुए दिख रहे हैं
ख़ान सर ने यह भी कहा की इनके साथ फोटो खिचवाने से पब्लिक आपको भी बिका समझती है😂
@RahulGandhi Thank you so much, LoP @RahulGandhi for amplifying this.
We need you and the Indian Media to stand up for Gen Z students like us and everyone affected by this.
the Central Board of Secondary Education, MUST answer for the discrepancies.
जिस तरह से पवन खेड़ा ने कांग्रेस की विचारधारा पर डटे रह कर जो लड़ाई RSS और पूरी भाजपा से लड़ी है उसे भुलाना अब नामुमकिन हैं तमाम कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेताओं की यह इच्छा है पवन खेड़ा को राज्यसभा में भेजा जाए ताकि RSS के ख़िलाफ़ डट कर राज्यसभा में वैचारिक लड़ाई का जोरदार जवाब दिया जाए !
2019 Mumbai T20 League final: Dube was on strike for the last 2 balls with 10 needed, against part-timer Shashank Singh. Dube couldn't pull off the chase.
We should be thankful that in the 2023 IPL final, it was Jadeja facing the last 2 balls 😭
Credit: T20 Mumbai League via YT
Apologies in advance, we are not getting a chance to press tweet with accurate scores, because Vaibhav is faster than the person typing behind this screen
😭
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
Congress choice of CM in Kerala will decide many things
Ramesh Chennithala - Congress Prefers development of state over Muslim League
KC Venugopal - Congress prefers a loyalist who can help in party funding
VM Sudheeran - Congress Prefers keeping state workers and Muslim league happy.
इसको कहते हैँ देश के पैसे की खुलेआम बर्बादी
- 90 लाख वोटर्स डिलीट किये गए
- SIR करने के लिए करोड़ों रूपये फूंके गए
- ED और एजेंसीस का प्रयोग करके विपक्ष कमजोर किया गया
- 550 करोड़ लोगों से जब्त किये गए
- 2.5 लाख सीआरपीएफ जवान तैनात किये
- 2700 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड लगाये गए
- 3100 से अधिक निगरानी टीमें लगाई गयीं
- ईवीएम मेंटेनेंस खर्चा प्रति बूथ लाखों रूपये खर्च किया गया
- 293 सीट्स पर कैंडिडेटस द्वारा 1500 करोड़ के करीब प्रचार पर खर्च किया गया.
इसके बावजूद भी आप इलेक्शन रिजल्ट के बाद राज्य में शन्ति नहीं क़ायम रख सके.
गृह मंत्री का फेलियर है, किसी मीडिया वाले में हिम्मत नहीं इस्तीफा मांग सके
देश के पैसे बर्बाद करने के लिए वित्त मंत्री से जवाब माँगा जाना चाहिए.
लेकिन नहीं, सब इसको मास्टरस्ट्रोक बताकर चरण चाटू बने घूमेंगे. 🙏