मोदी को सवालों से कितना डर लगता है, इसका सबूत देख लीजिए 👇
अमेरिकी राजदूत ने बताया - फ्रांस में G7 सम्मेलन में मोदी की ट्रंप से मुलाकात होनी थी।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने यह अनुरोध किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल ना लिए जाएं।
मने 56 इंच वाले पत्रकारों के सवालों से इतना डर रहे हैं कि मीटिंग से पहले गिड़गिड़ा रहे हैं - प्लीज कोई सवाल ना पूछ ले।
इसी डर की वजह से मोदी ने आज तक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।
एक बार अमेरिका के वाइट हाउस में सवालों से सामना हुआ था तो पसीना-पसीना हो गए थे, जबान लड़खड़ाने लगी थी।
CM Bhagwant Mann’s family shielding culprits for ₹5 crore exposes a complete collapse of justice. When the seat of power itself protects wrongdoers through bribery, what hope is left for the common people of Punjab?
Dear AAPian, Both BJP and AAP are to blame for this mess. This is your AAP legacy that is continuing under BJP.
You might try to divert all the blame onto BJP, but Delhiites who have seen Congress, AAP and BJP rule, know the truth.
काल सायंकाळी पुणे येथे काँग्रेस पक्षाचे नेते, लोकसभेतील विरोधी पक्षनेते मा. श्री. #राहुल_गांधी जी यांच्या उपस्थितीत पार पडलेल्या #छात्रों_की_गुंज या कार्यक्रमाला अभूतपूर्व प्रतिसाद मिळाला. मा. राहुल गांधीजी यांनी लाखोंच्या संख्येने जमलेल्या विद्यार्थिनींशी थेट संवाद साधला. यावेळी त्यांनी विद्यार्थिनींच्या प्रश्नांना, संघर्षांना आणि अपेक्षांना ऐकून घेतले. आपल्या देशाचे भविष्य विद्यार्थी-विद्यार्थिनींच्या आवाजात आणि युवक-युवतींच्या स्वप्नांमध्ये आहे याची जाणीव करून देऊन त्यांनी सर्वांची मने जिंकली आहेत.
राज्यभरातून आलेल्या विद्यार्थिनींच्या उत्स्फूर्त सहभागामुळे हा कार्यक्रम केवळ एक राजकीय सभा न राहता युवाशक्तीच्या आवाजाचे प्रभावी व्यासपीठ ठरला आहे.
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#छात्रों_की_गूंज
#ChhatronKiGoonj ✊️
लोकसभेतील विरोधी पक्षनेते मा. श्री. राहुलजी गांधी यांनी पुणे येथे आयोजित ‘छात्रों की गूँज’ या कार्यक्रमात विद्यार्थी-विद्यार्थिनींशी मनमोकळा संवाद साधला. त्यांच्या प्रश्नांना, अपेक्षांना आणि भविष्यातील आव्हानांना जाणून घेत शिक्षण, रोजगार, समान संधी आणि विद्यार्थ्यांच्या हक्कांबाबत आपली भूमिका त्यांनी मांडली.
या महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमास उपस्थित राहून देशाच्या युवा पिढीचा आवाज, त्यांची स्वप्ने आणि अपेक्षा जवळून अनुभवता आल्या.
विद्यार्थ्यांचा आवाज बुलंद झाला पाहिजे, त्यांच्या स्वप्नांना दिशा मिळाली पाहिजे आणि त्यांच्या भविष्यासाठी सक्षम भारत घडला पाहिजे हीच ‘छात्रों की गूँज’ची भावना आहे.
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#chhatrokigoonj #RahulGandhi #Pune #DhirajDeshmukh #Students
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राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही चल पड़े यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना
◆ वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
#SatishMahana | Satish Mahana | #UttarPradesh | Uttar Pradesh
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सतीश महाना को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था इस दौरान राष्ट्रगान बज रहा था, राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही सतीश महाना वहां से चल दिए. देखें वायरल वीडियो...
#uttarpradesh#satishmahana #nationalanthem #viralvideo #abpnews
राहुल गांधी की पॉलिटिक्स का एल्गोरिथम:
कल रात को पुणे में हुआ 'छात्रों की गूंज' आंखें खोल देने वाला कार्यक्रम था. भारत की राजनीति में शायद सबसे अनोखा. देश के मर्दों की ट्रेनिंग थी कि उन्हें समाज में कैसे रहना है. क्या क्या नहीं करना है.
कल कितने ही पिताओं, भाइयों, पतियों, साथ पढ़ने वाले या काम करने वाले पुरुषों ने देखा और सुना कि एक लड़की बस, ट्रेन में कैसे सफ़र करती है कैसे स्कूल, कॉलेज या काम पर जाती है.
थैंक्यू राहुल गांधी, और उन लड़कियों का भी शुक्रिया जिन्होंने हिम्मत और बेबाकी से अपनी आपबीती मंच पर सुनाई.
मंच पर कॉन्फिडेंस से अपनी बात रखने वाली लड़कियों के साथ राहुल गांधी खड़े हैं, सामने हज़ारों लड़कियां हैं और पीछे लिखा है "Smash Patriarchy" यानि "पितृसत्ता को ध्वस्त करो". ये शिक्षा से ही हो सकता है.
जो काम 1848 में पुणे में ही सावित्री बाई फुले ने शुरू किया था उसी का फल अब दिखाई दे रहा है.
नेक्स्ट लेवल सोशल इंजीनियरिंग:
जब भी सामाजिक न्याय की बात होती है, मनुस्मृति से पैदा हुये भेदभाव पर विमर्श में जातिगत अन्याय की बात तो होती है लेकिन 50% जनसंख्या पर मनुस्मृति जाति, धर्म से आगे जाकर लागू होती है इस पर चर्चा कम होती है. कल पुणे में खुल कर हुई.
पहली बार किसी राजनीतिक मंच पर, एक राष्ट्रीय नेता के सामने महिलाओं का इतना बोल्ड एक्सप्रेशन देखने को मिला.
जंतर मंतर आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठी नेहा, दानिश, मुंबई में पुलिस की वैन को रोकने वाली रिया अहीर, 56 इंच का छोटा बंदर नारा लगाने वाली सखी और मलीहा, पुलिस बर्बरता का जवाब गाली देकर मोदी को नॉन बायोलॉजिकल से बायोलॉजिकल बनाने वाली रुचिका जैसे सैकड़ों हिम्मती लड़कियों ने लीडरशिप दिखाई.
अब ये पहिया उल्टा नहीं घूम सकता.
राहुल गांधी की छापेमार राजनीति:
अचानक एक बड़ा राजनीतिक कदम उठा लेना भी राजनीति में नया एलिमेंट है. कांग्रेस भी शायद इसके लिए अब तैयार हो रही है.
प्रधानमंत्री निवास पर धरना और पेलेट गन के विक्टिम साहिल लोचब की FIR न दर्ज होने पर पुलिस थाने में 5 घंटे धरने पर बैठना और फिर FIR लेकर ही उठना इसके दो उदाहरण है. सरकार और मोदी इस पॉलिटिकल यॉर्कर के लिये तैयार नहीं थे. बुरी तरह बीट हो गये.
मोदी के पास जो औजार हैं उनमें प्रमुख है हिंदू मुस्लिम, गोदी मीडिया, झूठे वादे करना, विरोधियों पर ईडी सीबीआई छोड़ना. ये औजार अब पुराने पड़ चुके हैं.
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
देश में महिलाओं के खिलाफ Time को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
⦿ एक लड़की या महिला घर में औसतन 5.5 घंटे काम करती है, जबकि उसी घर में लड़के/पुरुष सिर्फ 30 मिनट काम में हाथ बंटाते हैं
⦿ रात में घर वापस आने का समय लड़कियों या महिलाओं के लिए 8 बजे तय होता है, जबकि लड़कों के मामले में ऐसा नहीं है
⦿ लड़के नौकरी के लिए कई बार परीक्षाएं दे सकते हैं, लेकिन लड़कियों को ज्यादा मौके नहीं दिए जाते और उनसे कहा जाता है- अब शादी की उम्र हो गई है!!
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 पुणे, महाराष्ट्र
मैं एक छोटे से गांव से आती हूं।
बेसिक शिक्षा के बाद मैं आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन घरवालों ने कहा- आगे पढ़ना है तो शादी कर लो और ससुराल जाकर पढ़ लेना।
मैंने ठान लिया कि मैं खुद काम करूंगी और अपनी पढ़ाई भी जारी रखूंगी। पिछले 5 साल से मैं नौकरी भी कर रही हूं और पढ़ाई भी।
मेरे हालात देखते हुए दोस्तों ने मुझे साइकिल दिलाई, लेकिन रास्ते में आए दिन छेड़छाड़ और बदतमीजी का सामना करना पड़ता है।
मैं आवाज उठाने से डरती हूं, क्योंकि जब देश की महिला रेसलरों की सुनवाई नहीं हुई, तो मेरी क्या ही होगी?
: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में तेजस्विनी ने नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi को अपनी कहानी बताई
📍 पुणे, महाराष्ट्र
Registering a false case against journalist Maninderjit Singh Sidhu exposes the Bhagwant Mann govt’s desperate attempt to crush freedom of speech and silence independent journalism in Punjab