दरअसल हम अभ्यस्त हो गए हैं अध्यापक का जो ट्रिपिकल प्रारूप 60,70, के दशक में गढ़ा गया वह यह था कि अध्यापक समाज का सबसे निरीह प्राणी है जो टूटी साइकिल स्कूल में पढ़ाने आ रहा हो, जिसके पास फटा हुआ छाता हो, जो अपनी सैलरी से सिर्फ दो लोगों का जीवन निर्वाह कर सकता हो, जिससे बच्चा पैदे होने पर वो अपने बच्चों की परवरिश खुद न कर पाये और उनकी परवरिश के लिए उनको ननिहाल भेजें।, बच्चों की परवरिश ननिहाल में हो, उसको अध्यापक कहा जाता था, ठीक है क्या हुआ जो एक अध्यापक इन सब दुसवारियों से निकल कर आधुनिक हुआ है उसने अपना घर बना लिया। उसके कपड़े पहनने का अंदाज बदल गया, अब वो कभी कभी जींस टी शर्ट भी पहन लेता है बुलेट से भी चलता है उसने कार भी ले ली है, आंखों में काला चश्मा भी लगाता है, ये सब बातें हमें फंस नहीं रही हैं क्योंकि हमें आदत है उसके संसत्तावन का अध्यापक देखने की हमें जलन है। हमें चिढ़ है उसने अपने आपको इतना कैसे बदल लिया, कितनी सैलरी आ गई, लेकिन आपने एक बार भी उसकी मेहनत की तरफ देखने का प्रयास नहीं किया, यदि आप देखते तो आपकी रूह काँप जाती इसका मतलब ये नहीं कि सन् 57 वाले नजरिए से ही हम अध्यापक को देखें, ओ भी एक इंसान है और मानव रूप में अवतरित होकर के इस जीवन के संसाधनों का उपयोग उपभोग करना सबका अधिकार है तो एक अध्यापक का भी ये ही अधिकार है उसको समाज से आप अलग क्यों करते हैं, केवल अध्यापक पे तोहमत लगाना ये उचित बात नहीं, आज पूरा समाज संक्रमण के दौर से गुजरा रहा है परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, अध्यापक ने भी अपनी आर्थिक उन्नति की है लेकिन अध्यापक की आंखों में काला चश्मा, जींस, टीशर्ट गाड़ियों से चलना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है, जिनको रास नहीं आ रहा है वही कहते हैं कि अध्यापक स्कूल नहीं जाता, पढ़ाता नहीं, कुछ करता नहीं, जबकि हकीकत ये है कभी आपने देखा है कि प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले किसी बच्चे के लिए ट्यूटर लगे हों नहीं न, जो ट्यूटर पढ़ाता है उसकी भी पढ़ाई प्लस अपनी भी पढ़ाई हमारा शिक्षक अकेले ही इस अपने सरकारी स्कूल में करा देता है, लेकिन यदि आपने प्राइवेट स्कूल में आपने बच्चे का नामांकन कराया है, वो चाहे कितना भी नामचीन शहर का सबसे महंगा स्कूल हो, कितने बड़े शहर का हो, लेकिन यदि बच्चे के लिए आपने 1, 2 ट्विटर नहीं रखे तो फिर उसका बेड़ा राम ही पार करेंगे, उसका क्या होगा, कोई नहीं जानता, इसलिए मेरा आप सभी से अनुरोध है कि इन सरकारी स्कूल के शिक्षकों की महत्ता को पहचानिए वो अच्छे से जीवन जीना चाह रहे हैं उनको जीवन जीने दीजिए, उनके लिए और बेहतर संसाधन हम सभी को देना है, ताकि समाज को एक सुशिक्षित मानव संसाधन हमारे अध्यापक दे सके, जय हिंद जय भारत, जय शिक्षक, राकेश सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ 7/8/25
समझ नहीं आती मनसे वालों की सोच,जहां स्वयं को हिंदूवादी कहलवाते है वहीं हिंदुत्व की जान हिंदी से नफरत करते है,कौन विश्वास करता है इन दोगलों पर।इसीलिए शायद पिछले चुनावों में वे एक भी सीट नहीं जीत सके।
है किंतु देश कीआधे से ज्यादा आबादी द्वारा बोली जाने वाली हिंदी से घृणा।
स्पष्ट है कि इन लोगो को हिंदी से ही नहीं देश से ही घृणा है,ऐसी घृणित मानसिकता को प्राथमिकता से खत्म करना होगा।ऐसे विवादपैदा करने वालों से निपटना होगा।
भारत विविधताओं का देश है यहां बहुमत का शासन चलता है।हिंदीभाषी यूपी से एक गुजराती तीन बार सांसद बनकर पीएम बना,जो गुजरातियों से उनका प्रेम दिखाता है जबकि इसके विपरीत गुजरात और महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों के साथ बर्बरता ही होती है।बेशर्मी ए कि इन्हें विदेशी भाषा इंग्लिश से प्यार
मिशन ज्योतिर्गमय के तहत चयनित विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्यों व शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए संबंधितों को निर्देशित किया कि कार्य को शीघ्र पूर्ण कराये तथा शिक्षा के ग्राफ को ऊपर उठाये।
@DMAuraiya PS VIKRAMPUR Airwakatra, its been 6 years and we have this in the name of school. Right one is anganwadi building, the contractor left this incomplete and no one is ready to listen. Pls Sir🙏🙏apka hi sahara hai ab.
नाम सुशासन बाबू,मची चारो ओर लूट।पहले कोई निर्माण हुआ था तो सौ,दो सौ साल बाद भी सुरक्षित है क्योंकि तब थोड़ी ईमानदारी रहती थी या फिर दाल में नमक जितना भ्रष्टाचार था।जबकि आज उद्घाटन से पहले निर्माण ध्वस्त हो जाता है क्योंकि आज भ्रष्टाचार के नमक में निर्माण की दाल होती है।कही कही तो
मेरठ लोकसभा में जबरन स्लो काउंटिंग कर भाजपा प्रत्याशी की बढ़त दिखा रहा प्रशासन।
संज्ञान ले चुनाव आयोग, निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित हो।
सपा ने नेता एवं कार्यकर्ता जवाब देने को तैयार हैं, कोई भी बेईमानी नहीं करने देंगे।
@ecisveep@ceoup@DmMeerut
फर्रुखाबाद लोकसभा में जबरन स्लो काउंटिंग कर भाजपा प्रत्याशी की बढ़त दिखा रहा प्रशासन।
संज्ञान ले चुनाव आयोग, निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित हो।
सपा ने नेता एवं कार्यकर्ता जवाब देने को तैयार हैं, कोई भी बेईमानी नहीं करने देंगे।
@ecisveep@ceoup@DMFarrukhabadUP