सुना है जेल रिटर्न तिहाड़ी चौधरी मेरे और रवीश जैसे पत्रकारों के लिए कुछ बोल रहा है .
जो आदमी सीधे- सीधे सौ करोड़ की ब्लैकमेलिंग करने के मामले में जेल जा चुका है .
जो आदमी स्टिंग कैमरे में अपनी करतूतों के साथ क़ैद है .
जो आदमी सरकार के तलवे चाटने की प्रतियोगिता में पहले पायदान पर बने रहने के लिए हर रोज़ जतन कर रहा है .
जो आदमी सत्ता की सरपरस्ती में अपनी ज़ुबान और ज़ेहन को गिरवी रखकर काम कर रहा है .
जो आदमी पत्रकारिता के चोले में रहकर हर दौर में सरकारों से सेटिंग करके
अपना धंधा कर रहा हो .
जो आदमी मोदी की चाटूकारिता करके करोड़ों के सरकारी अुनदान पर बीजेपी का भोंपू बना हो .
जो आदमी विपक्ष और विरोध की आवाजों के ख़िलाफ़ सुपारी लेकर दिन रात काम कर रहा हो .
जो आदमी पत्रकारिता के सबसे कलंकित चेहरों में से एक हो .
वो आदमी बोल रहा है .
छोड़ो यार .
इस बंदे को एक बार जंतर - मंतर आना चाहिए था .
ये न किसानों के आंदोलन में गया . न पहलवानों के आंदोलन में गया . न नौजवानों के आंदोलन में आया क्योंकि इसे पता है कि आया तो क्या लेकर जाएगा .
ऐसे लोगों ने देश के जनमानस को ख़राब करने में बहुत अहम भूमिका निभाई है .
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS