Is desh me general hona sabse bada gunah h reservation se sabko aage karo aur general ko peeche Naukri me promotion me bhi reservation kyu @PMOIndia@ews_army
एक लड़का एक फैक्ट्री में काम करता था। सुबह 9 बजे ड्यूटी पर जाता और शाम 5 बजे घर लौट आता?
महीने की ₹12,000 सैलरी थी और लगभग 23 दिन काम करना पड़ता था। बाकी रविवार और कुछ छुट्टियां आराम से निकल जाती थीं
उसकी जिंदगी सादी थी लेकिन सुकून भरी थी। न कोई कर्ज था और न किसी किस्त की टेंशन
एक दिन उसके दोस्त ने कहा, "यार, ऐसे नौकरी करके कब तक गुजारा करेगा?"
"बड़े लोग अपनी जेब से नहीं, लोन लेकर बड़े बने हैं?"
यह बात लड़के के दिमाग में बैठ गई
कुछ दिनों बाद उसने ₹10 लाख का Loan ले लिया। उसका प्लान था कि कोई बिजनेस शुरू करेगा और महीने के ₹80,000 से ₹1 लाख तक कमाएगा
Loan Approved हुआ और कुछ ही दिनों में पूरे ₹10 लाख उसके Account में आ गए
लेकिन यहीं से कहानी बदलने लगी
उसने सोचा बिजनेस बाद में देखेंगे, पहले एक बढ़िया गाड़ी ले लेते हैं ताकि लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़े
उसने लगभग ₹7 लाख की एक सेकेंड हैंड कार खरीद ली
फिर इधर-उधर घूमने, मिलने-जुलने और दूसरे खर्चों में लगभग ₹2.5 लाख और निकल गए
अब ₹10 लाख में से सिर्फ ₹50,000 बचे थे
यानी जिस बिजनेस के लिए Loan लिया था, उसके लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा था?
उधर बैंक की EMI शुरू हो चुकी थी
मान लो ₹10 लाख के Loan पर हर महीने लगभग ₹30,000 की EMI बन रही थी
अब समस्या यह थी कि उसकी नौकरी की सैलरी सिर्फ ₹12,000 थी
यानी EMI भरने के लिए हर महीने लगभग ₹18,000 और चाहिए थे
उसने बिजनेस शुरू करने की बहुत कोशिश की। लेकिन बिना प्लान और बिना तैयारी के कुछ खास नहीं हो पाया
धीरे-धीरे बचा हुआ पैसा भी खत्म हो गया
फिर एक दिन बैंक का फोन आया
"सर, आपकी इस महीने की ₹30,000 वाली EMI Pending है?"
अब उसे समझ नहीं आ रहा था कि EMI भरे या घर का खर्च चलाए
कुछ समय बाद Recovery की प्रक्रिया शुरू हो गई और उसकी गाड़ी भी खतरे में पड़ गई
तब उसे अपनी सबसे बड़ी गलती समझ आई
गलती Loan लेने की नहीं थी
गलती यह थी कि उसने Income पैदा करने वाले काम की बजाय Loan का पैसा शौक और दिखावे में खर्च कर दिया
अगर वही ₹10 लाख किसी सोची-समझी योजना, दुकान, मशीन, बिजनेस या स्किल में लगाए जाते
और वहां से हर महीने ₹40,000 से ₹50,000 की कमाई आती
तो ₹30,000 EMI देने के बाद भी कुछ पैसा बच सकता था
लेकिन जब Loan का पैसा कमाई बनाने की जगह खर्च बन जाए
तो वही Loan बोझ बन जाता है?
आखिर में लड़का फिर नौकरी ढूंढने निकल पड़ा
और उसे एहसास हुआ कि Loan बुरा नहीं होता
लेकिन Loan लेने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि उससे EMI से ज्यादा कमाई कैसे होगी?
@SANKIREPORTER1@Uppolice@dgpup@fatehgarhpolice@upprpb Admit card me km se km 2 se 3 page hote h aur har jagah 10 rupaye colour print hota h. Aur chlo maan bhi liya to usne jayda paise le liye to student gadha h usko pta ni h ki admit card lgta h entry k liye admit card me saaf saaf likha hota h. No entry without admit card
थाना खोडा क्षेत्रान्तर्गत 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की चाकू से गोदकर हत्या करने का मुख्य आरोपी व 50 हजार रु0 के इनामी असद पुत्र नबाव नि0 मदरसे वाली गली थाना खोडा गाजियाबाद थाना खोडा व इन्दिरापुरम पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ मे ढेर
@Uppolice
Every Padma awardee has had an inspiring life journey. The official Padma Awards Instagram page highlights some of their fascinating efforts. Do have a look.
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इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।
निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज देशवासी इसी भावना से भारतवर्ष को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात् ।
अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते ।।
मेरे प्यारे बच्चों,
गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं।
प्रिय अभिभावकों, मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। ग्रीष्मावकाश में आप बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें।
मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।