छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। सिर्फ चुनाव के समय कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टी प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों को छलने के लिए नियमितीकरण के वा��ें करती हैं और चुनाव जितने के बाद संविदा कर्मचारियों को उनको दयनीय स्थिति में छोड़ के खुद सत्ता का सुख भोगने लग जाते हैं।
कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा करके उनसे वोट तो लिए पर 5 साल सत्ता का सुख भोगने के बाद भी संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की याद नहीं आयी, 2023 में कांग्रेस के विधानसभा चुनाव हारने के मुख्य कारणों में से एक था। स��विदा कर्मचारियों की अनदेखी कांग्रेस को भारी पड़ी।
भाजपा ने भी विपक्ष में रहते हुए संविदा कर्मचारियों की रैली और आंदोलनों में जाकर खूब रोटियां सेंकी है। भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने संविदा कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति दिखाकर, सरकार में आने पर नियमितीकरण करने करने के सपने दिखाकर एकतरफा वोट लिए और वो नेता लोग आज सरकार में शीर्ष पदों पर विराजमान हैं। बड़े-बड़े मंत्री पदों पर बैठे हैं। वर्तमान ��ाजपा सरकार संविदा कर्मचारियों के साथ कमेटी-कमेटी खेल रही है।
भाजपा भी कांग्रेस के जैसे संविदा कर्मचारियों के प्रति अनदेखी कर रही है। भाजपा की ये गलती उसे कांग्रेस के जैसे ले डूबेगी। मैं आज भी संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण नहीं करने को कांग्रेस के हार का मुख्य कारण मानता हूँ और इस बात को कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता स्वीकार करते हैं। भाजपा भी अब कांग्रेस की राह पर है।
@vishnudsai @ArunSao3 @vijaysharmacg @ChhattisgarhCMO @ShyamBihariBjp @bhupeshbaghel
@DeepakBaijINC @TS_SinghDeo
@DrCharandas @INCChhattisgarh @BJP4CGState @brijmohan_ag @vijaybaghelcg @ShrivasGouri
हमारे प्रदेश के बहुत ही प्रतिभाशाली, होनहार, दमदार प्रांताध्यक्ष श्री प्रफुल पाल सर जी की बहाली होने पर प्रदेश के सभी सामुदायिक स्व���स्थ्य अधिकारियों के तरफ़ से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ💐💐🙏
आदरणीय स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा का अवसर प्रदान करें। आपके मार्गदर्शन ��र प्रयासों से समाज में स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे।
@ShyamBihariBjp
कुछ दिन पूर्व छत्तीसगढ़ में NHM संविदा कर्मियों ने आंदोलन किया उसके बाद सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 25 प्रतिनिधियों को बर्खास्त कर दिया,
जिसमें हमारे all india cho forum or cho federation Bharat के राष्ट्रीय प्रतिनिधि और संघर्ष के साथी प्रफुल्ल भाई व उनके साथी भी शामिल थे ।
प्रफुल्ल भाई व उनके प्रदेश प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ में 16000 NHM कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए।
सरकार ने 16000 नई भर्ती निकालने की बात कह डाली ।
परंतु प्रफुल्ल भाई और उनके सीनियर प्रदेश प्रतिनिधियों के प्रयासों से स्थानीय स्तर पर मजबूती से बात रखी गई और हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ भाजपा के पूर्व प्रभारी और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर जी से मुलाकात की गई ओम प्रकाश माथुर जी ने भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जी और स्���ास्थ मंत्री जी से बात की है व जल्द उनकी जायज मांगों को पूरा करने व बर्खास्त सभी प्रतिनिधियों को बहाल करने का विश्वास दिलाया है ।
आज हेल्थ सेक्रेट्री से उनकी वार्ता भी कुछ देर बाद रखी गई है ।
#bharatbeniwal
"हड़ताल की मार: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताला,ग्रामीणों की सेहत पर खतरा! 🚫 गाँवों में स्वास्थ्य सेवाएँ ठप होने से मरीज़ों को हो रही भारी असुविधा। इलाज के अभाव में लोग परेशान, इस असुविधा के लिए खेद है🙏। कब तक चलेगा यह संकट?@PMOIndia@JPNadda@RahulGandhi@ChhattisgarhCMO@ANI
गर्भवती माताओं को हड़ताल के कारण नियमित स्वास्थ्य जाँच के लिए जिला अस्पताल तक की यात्रा में हो रही असुविधा के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। कृपया हमारी न्यायोचित मांगों को शीघ्रता से पूरा करें, ताकि माताओं, बच्चों और आम जनता को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। 🙏@JPNadda@ANI
आदरणीय @JPNadda@ShyamBihariBjp जी हम भी हड़ताल करना नहीं चाहते।हमारी मांगें पूरी करें ताकि आम जनता को किसी प्रकार की हानि न हो क���पया हमारी मांगों पर ध्यान दें और शांतिपूर्ण समाधान निकालें, जिस��े समाज में सौहार्द और सुचारु व्यवस्था बनी रहे। 🙏
@ChhattisgarhCMO @OPChoudhary_Ind
डिप्टी सीएम श्री विजय शर्मा जी @vijaysharmacg से आग्रह निवेदन है NHM कर्मचारी, जो स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, अपनी मांगों के ���िए केवल न्याय चाहते हैं। डिप्टी सीएम श्री विजय शर्मा जी से अनुरोध है कि वे इन मांगों पर तत्काल संज्ञान लें और लिखित आदेश के साथ समाधान सुनिश्चित करें।
प्रांत अध्यक्ष की बर्खास्तगी सिर्फ एक कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक पूरे समुदाय के विश्वास पर किया गया प्रहार है। हड़ताल हमारा जवाब है जो बताता है कि हमारे साथियों का आक्रोश सत्ता के तख्त को हिलाने की ताकत रखता है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा,यह आग ठंडी नहीं होगी यह लड़ाई रुकेगी नही!
*केंद्र सरकार का जवाब छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए*
*नियमितीकरण का निर्णय राज्य सरकार के अधीन है यह केंद्र सरकार का विषय नहीं है*।
@ChhattisgarhCMO@ShyamBihariBjp