Only ₹15 per delivery! By calling the app workers partners, the companies aren't even liable to give minimum wages, nor is the 8-hour work day applicable, our silence is a passive acceptance of this injustice!
#StandWithBlinkitWorkers
When Swiggy-Zomato, etc show fascinating dreams of delivering in 10 min, who bears the brunt of the unrealistic goals? The riders!
#StandWithBlinkitWorkers
काम के निश्चित घंटे नहीं + न्यूनतम मजदूरी नहीं = श्रमिकों का शोषण!
क्या न्यू इंडिया में यही चलन है, जहां कारपोरेट लूट बेरोकटोक हो रही है और मजदूरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
@LabourMinistry#StandWithBlinkitWorkers
क्या आप जानते हैं?
इंडिया का लास्ट मिनट ऐप @letsblinkit भारत की सबसे कम भुगतान करने वाली कंपनी में से एक है, जो अपने कर्मचारियों को प्रति डिलीवरी 15 रुपये का भुगतान कर रही है!
#StandWithBlinkitWorkers
यह सिर्फ @letsblinkit के कर्मचारियों पर हमला नहीं है, यह संगठित या असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी प्रकार के मजदूरों पर हमला है!
#StandWithBlinkitWorkers
काम के निश्चित घंटे नहीं + न्यूनतम मजदूरी नहीं = श्रमिकों का शोषण!
क्या न्यू इंडिया में यही चलन है, जहां कारपोरेट लूट बेरोकटोक हो रही है और मजदूरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
@LabourMinistry#StandWithBlinkitWorkers
काम के निश्चित घंटे नहीं + न्यूनतम मजदूरी नहीं = श्रमिकों का शोषण!
क्या न्यू इंडिया में यही चलन है, जहां कारपोरेट लूट बेरोकटोक हो रही है और मजदूरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
@LabourMinistry#StandWithBlinkitWorkers
काम के निश्चित घंटे नहीं + न्यूनतम मजदूरी नहीं = श्रमिकों का शोषण!
क्या न्यू इंडिया में यही चलन है, जहां कारपोरेट लूट बेरोकटोक हो रही है और मजदूरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
@LabourMinistry#StandWithBlinkitWorkers
यह सिर्फ @letsblinkit के कर्मचारियों पर हमला नहीं है, यह संगठित या असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी प्रकार के मजदूरों पर हमला है!
#StandWithBlinkitWorkers
इंडिया का लास्ट मिनट ऐप @letsblinkit हजारों करोड़ रेवेन्यू कमाते हुए अपने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन भी सुनिश्चित नहीं कर सकता!
#StandWithBlinkitWorkers
क्या आप जानते हैं?
इंडिया का लास्ट मिनट ऐप @letsblinkit भारत की सबसे कम भुगतान करने वाली कंपनी में से एक है, जो अपने कर्मचारियों को प्रति डिलीवरी 15 रुपये का भुगतान कर रही है!
#StandWithBlinkitWorkers
काम के निश्चित घंटे नहीं + न्यूनतम मजदूरी नहीं = श्रमिकों का शोषण!
क्या न्यू इंडिया में यही चलन है, जहां कारपोरेट लूट बेरोकटोक हो रही है और मजदूरों के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
@LabourMinistry#StandWithBlinkitWorkers