🌷🌹🌺 || सूर्य स्तुति मंत्र || 🌺🌹🌷
क्रोध लोभ विहीनाय लोकानां स्थिति हेतवे।
शुभाय शुभ रूपाय शुभदाय शुभत्मने।।
शान्ताय शान्त रूपाय शान्त येस्मासुवै नम:।
नमस्ते ब्रह्म रूपाय ब्राह्मणाय नमो नम:।।
🌺🌷🐚 || सूर्य नारायण भगवान की कृपा से,आपका कल्याण हो। || 🐚🌷🌺
🌹🥀🌺|| मन्त्र ||🌺🥀🌹
ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च।
हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन।
🥀🌺🌷|| सूर्य नारायण भगवान के आशीर्वाद से,आपका कल्याण हो। ||🌷🌺🥀
धूमावती देवी जयंति:-
हिन्दू कलेंडर के अनुसार,
ज्येष्ठ मास की अष्टमी को माँ भवानी ने देवी धूमावती रूप में अवतार लिया था।
माँ 10 महाविद्याओं में,7वी महाविद्या है।
यह माँ का विधवा उग्र रूप है।
इनकी उपासना से,शत्रु भय से मुक्ति,युद्ध में विजय मिलता है।
जो कि 22 जून 2026 के दिन है।
🥀🌷🪷🌹🔱|| मंत्र ||🔱🌹🪷🌷🥀
ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।।
ॐ ह्रीं बटुकाय आप दुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।
🌺🌷🥀🪷🔱|| भगवान बटुक भैरव के आशीर्वाद से,आपका कल्याण हो। ||🔱🪷🥀🌺🌷
🥀🌷🌹🐚🔱 || मँत्र || 🔱🐚🌹🌷🥀
ऊँ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमा ग्रजम्।
छाया मार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।
🌺🍁🌹🥀🐚🔱 || भगवान शनि की कृपा से आपके जीवन की समस्त बाधाएँ दूर हो। ||🔱🐚🥀🌹🏵️💮
गायत्री माँ जयंति:-
हिन्दू कलेंडर के अनुसार,
ज्येष्ठ मास,शुक्लपक्ष की एकादशी को माँ गायत्री का जन्म हुआ था।
जो कि 25जून(गुरुवार)2026 को पड़ रहा है।
जिन्हें वेदमाता,ज्ञान गंगा भी कहा जाता है।
जो ब्रह्माजी की धर्मपत्नी है।
जिनकी उपासना से,विधा की प्राप्ति,कष्टों से मुक्ति मिलती है
🌹🥀🌷🔱🪷|| मन्त्र ||🔱🪷🌷🥀🌹
ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्रयंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते।।
🌺🌷🐚🪷🔱|| माँ आदिशक्ति की कृपा से आपकी समस्त मनोकामना पूर्ण हो। ||🔱🪷🐚🌷🌺
त्यागी कौन है?
किसी भी देहदारी प्राणी के लिये,अपने नियत कर्म का परित्याग करना सम्भव नही हैं।
परन्तु जो मनुष्य अपने कर्मो के फल का परित्याग करता है।
वह वास्तव में त्यागी है।
जो अपने कर्म के फल का त्याग नही करता है।
उसे मुत्यु के बाद,अपने द्वारा किये गये कर्म का फल भुगतना पड़ता है।
🥀🌷🌹🐚🔱 || मँत्र || 🔱🐚🌹🌷🥀
ऊँ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमा ग्रजम्।
छाया मार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।
🌺🍁🌹🥀🐚🔱 || भगवान शनि की कृपा से आपके जीवन की समस्त बाधाएँ दूर हो। ||🔱🐚🥀🌹🏵️💮
🌼🌺🌷🐚🔱|| माँ गायत्री मंत्र ||🔱🐚🌷🌺🌼
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्स वितुर्वरेण्यम्।
भर्गो देवस्य धीमहि,धियो यो नः प्रचोदयात्।।
🌹🥀🌺🔱🐚|| माता गायत्री के आशीर्वाद से,आपका कल्याण हो।||🔱🐚🌺🥀🌹