अद्भुत..अलौकिक…अविश्वसनीय दर्शन
क्या आपने कभी ऐसी मूर्ति देखी है,
जो अपनी पलकें झुकाती हो?
ऐसी कलाकारी कि AI भी फेल
ये मूर्ति है या चमत्कार...जय माता दी 🙏🚩
मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं
राजस्थान मे 400 से ज़्यादा परीक्षाएँ
बग़ैर किसी पेपर लीक और धांधली के
शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीक़े से सम्पन्न हुई
अगर ये दावा पूरी तरह सही है…
तो छात्रों और युवाओं के लिए इससे बेहतर सरकार और क्या होगी…
लेकिन कुछ युवाओं के लखण ही पेपर लीक वाले है
दिन रात कांग्रेस कांग्रेस गाते रहते हैं…
हर त्रासदी और आपदा में..RSS सहायता के लिए सबसे पहले और सबसे आगे खड़ी रहती है!!
कहा जाए तो भारत एक तरह से RSS के सुरक्षित हाथों में है..!!!
लेकिन कांग्रेस की सरकार को... हिंदुत्व वादी RSS में भारत का हित और अपना नुकसान दिखाई देता है..!!
RSS बैन की मांग करने वाले और उसको सपोर्ट करने वाले... देशद्रोही की श्रेणी में आते हैं!!
राजदीप जी, JNU से यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बर्खास्त कांग्रेस सांसद को प्राइमटाइम पर सफाई का मंच मिला, लेकिन छात्राओं की आवाज़ और कमिटी की रिपोर्ट को कितना महत्व मिला? पत्रकारिता का धर्म आरोपी की छवि सुधारना नहीं, पीड़िताओं के सवालों पर जवाबदेही तय करना है। क्या यही निष्पक्ष पत्रकारिता है?
Shame on you @sardesairajdeep@BJP4India@BJP4Delhi
To all the beautiful young patriots in India:
This is not the time to be silent. @abhijeet_dipke and the @Cockroachisback are being funded by donors in the U.S. who are against Prime Minister @NarendraModi and your future under his leadership. Do not fear, my young patriots. Your Prime Minister, who has served India for 25 years, 12 years as Prime Minister, elected three consecutive terms, is not going to bow to disruptive forces from my country.
And these select donors have a pattern globally - target conservative global leaders, find an U.S. educated person from the country, radicalize them, send them back to the country, and fund them to start chaos and destruction. None of them have been successful but have impacted the development and governance of the country.
It is time for a new voice in #India, born, raised, educated on the soil of India, to RISE UP, organize, and peacefully protest the disruptive spirit of the Cockroach Party. There should always be a counter movement to uphold democracy and freedom.
Rise up, young patriots! Rise up!
The RSS has never been involved in any terrorist attacks,
yet Pawan Khera dares to label Hindus as terrorists. Meanwhile,
where is the same outrage against terror groups like Hamas and Jaish-e-Mohammed (JeM)?
Why the double standards?
Such reckless rhetoric exposes Congress's hypocrisy and is driving yet another nail into its own political coffin.
🧵THREAD
| Read every single post in this thread carefully. |
Independent journalists are being widely praised for their coverage of the ongoing protests in Delhi. But what lies behind this carefully cultivated image of independence?
These journalists openly give protesters a platform, take their side during confrontations, and even obstruct police action. Their conduct during protests is there for everyone to see.
I decided to put some of these self-proclaimed independent journalists to the test. Using a fake email ID, I approached several of them with a proposal to create Instagram videos for the SP ahead of the 2027 UP elections.
What happened next? They responded with work samples and quoted their prices for producing political content. I’m sharing screenshots of the email replies I received from each of them as evidence.
Meet journalist Mamta Singh. You may have frequently seen her videos on the media outlet News Capsule. Mamta Singh quoted ₹40,000 for a single reel. 1/
ओहो... भर्तियां ऐसे भी चल रही हैं क्या?
वैसे है तो यह भी रोजगार ही। भले ही रोजगार की श्रेणी में आए या नहीं आए। लेकिन मैं समझता हूं कि मजदूरी बहुत ही कम मिल रही है। हालांकि काम के घंटे पांच ही बताएं गए हैं तो फिर भी ठीक हैं और वैसे भी करके क्या देना है? प्रदर्शन में भीड़ ही तो बढ़ानी है। भारत का लोकतंत्र फलता-फूलता रहना चाहिए। फिर भले ही यह भाड़े की भीड़ से ही क्यों न फले-फूले।
कुछ भी नया नहीं है। यह सब बरसों से होता रहा है। पहले ऐसे मैसेज नहीं आते थे।
अभिजीत दीपके मीडिया के हाथों पूरी तरह एक्सपोज हो गए।
दीपके: आशू और सौरव को कस्टडी में क्यों भेजा? सिर्फ झंडा फहराने के लिए?
मीडिया: झंडा फहराने के लिए नहीं, बल्कि उस बॉन्ड का उल्लंघन करने के लिए जो तुम तीनों ने साइन किया था।
दीपके: कौन सा बॉन्ड? हमारी प्रोटेस्ट साइट छीन ली गई, और हम रिटैलिएट भी नहीं कर सकते?
मीडिया: अगर रिटैलिएट करना था तो पीस बॉन्ड क्यों साइन किया? अपनी बात पर टिके रहते। पुलिस अभी भी तुम लोगों के साथ नरमी बरत रही है। और ये देखकर हैरानी होती है कि 50 हजार तुम्हारे लिए इतनी छोटी रकम है कि एक दिन में ही बॉन्ड तोड़ दिया।
दीपके: तुम किस न्यूज चैनल के हो?
मीडिया: क्यों? अपनी दौलत दिखाने आना है कि 50 हजार तुम्हारे लिए कुछ नहीं?
दीपके चुप हो गए, और बाकी रिपोर्टर हंसने लगे।
सच्ची मीडिया से पंगा मत लेना।
ये वही औरत है ना?
जिसने ऑन कैमरा बैठकर पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज जी के केली कुंज आश्रम पर इतना बड़ा झूठा आरोप लगाया था…
आश्रम में एक गुफा है, मेरा बच्चा उसमें छिपा रखा है… आश्रम वालों ने मेरा बच्चा चुरा लिया है अब देख लो…
वही औरत अपने बच्चे के साथ वृंदावन में खुलेआम घूम रही है।
बच्चा साथ में है।
कोई गुफा नहीं, कोई अपहरण नहीं, सिर्फ झूठ और बदनामी का खेल था।
आश्रम को, महाराज जी को बदनाम करने के लिए इतना बड़ा झूठ बोला, और अब बेझिझक बच्चे के साथ घूम रही है।
इस औरत पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
झूठे आरोप लगाकर संत और आश्रम की साख को नुकसान पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
@mathurapolice
क्या अब भी कोई कार्रवाई नहीं होगी?
या फिर संतों को बदनाम करने वालों को खुली छूट है?
बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना…
क्या रुतबा हुआ करता था उस पार्टी का…
किंगमेकर की छवि होती थी…
मातोश्री में फ़ैसले होते थे…
संजय राऊत ने उस पार्टी की क्या हालत कर दी है…
जिस कांग्रेस की कभी मातोश्री मे No Entry होती थी
उस कांग्रेस के बग़ल में खड़े रहना आज शिवसेना का सौभाग्य बन चुका है…
सावरकर के नाम पर वोट मिलते थे इस पार्टी को…
आज सावरकर को गाली देने वालों के बग़ल में खड़ा रहना अपनी शान समझने लगे हैं…!!!
राजनीति क्या कुछ नहीं दिखाती….!!
राहुल गांधी…अखिलेश यादव…तेजस्वी यादव…ममता बनर्जी…लेफ़्ट लॉबी…
सबने मिलकर एक दिन पहले आह्वान किया था…
इस रैली में शामिल होने के लिए…
फिर भी दो तीन हज़ार लोग इकट्ठा कर पाए हैं…
हमारे हनुमान बेनीवाल जी या रविंद्र सिंह भाटी…
रात के बारह बजे किसी सड़क से निकल जाएँ…
तो इससे ज़्यादा भीड़ पहुँच जाती है….😂😂
🚨 BREAKING: Anti-drug activist Parvinder Singh Jhota shot dead in Mansa, Punjab.
The man who fought drug peddlers openly on the streets, silenced by bullets.
Has Punjab become a drug hub now?
राहुल गांधी ने यह हरकत क्यों की?
फिलहाल कांग्रेस में राहुल गांधी की बराबरी पर कोई नेता नहीं है लेकिन कांग्रेस के सबसे बड़े नेता भी अगर ऐसी हरकत करेंगे तो आप क्या कहेंगे?
दृश्य सुप्रीम कोर्ट का है। वीडियो में देखिए कि राहुल गांधी एक आदमी को जोर से धक्का देते हैं। उस आदमी के आगे एक महिला पत्रकार खड़ी है, जो धक्के से जमीन पर गिर जाती है। महिला पत्रकार गर्भवती बताई जा रही है।
क्या राहुल गांधी जैसे बड़े नेता को ऐसी हरकत शोभा देती है? लगता है अभी बहुत सुधार की जरूरत है।