धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो!
शिक्षा मंत्री को हमने चुन कर भेजा है, हमारे टैक्स से उनको तनख्वाह मिलती है!
उनके शासन काल में करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है।
cockroach आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं!
#cjpprotest#CockroachJantaParty#CJP#AbhijitDipke#delhi
This was a fun chat! We also got into more of the serious stuff. Check Hanna’s journalism out. Also on other topics! I will be watching for her byline when I read.
Rajpal bhai aap 30 yrs se kaam kar rahe ho aur hum sabne aapko repeat kiya hai baar baar kyunki aap apna kaam jante ho aur ek value laate ho , kaam toh aapko bohot milega aur issi dollar rate pe milega aur milte rahega . Hakikat yeh hai .
Aur yeh yaad rakhna ke kabhi kabhi flow mai kuch nikal aata hai ,dena hi hai toh dimag mai rakho dil se kaam karo , dollar upar ho ya neeche kya farak padta hai dena toh India mai hi hai @rajpalofficial
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) का सभापति श्री रवि लामिछाने र रास्वपाका वरिष्ठ नेता श्री बालेन्द्र शाहसँग टेलिफोनमा सौहार्दपूर्ण कुराकानी भयो।
वहाँहरुको निर्वाचनमा प्राप्त जित र नेपालको निर्वाचनमा रास्वपाको शानदार सफलताका लागि दुवै नेताहरूलाई बधाई दिएँ। वहाँहरूको आगामी नयाँ सरकारका लागि शुभकामना व्यक्त गर्दै हामी दुई देशबीचको आपसी समृद्धि, प्रगति र हितका लागि वहाँहरूसँग मिलेर काम गर्ने भारतको प्रतिबद्धता समेत व्यक्त गरेँ।
हाम्रो संयुक्त प्रयासले आगामी वर्षहरूमा भारत र नेपालको सम्बन्धले नयाँ उचाइ प्राप्त गर्नेछ भन्ने कुरामा म विश्वस्त छु ।
@hamrorabi@ShahBalen@party_swatantra
आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं। आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले। आज हर ईमानदार आशा भरी साँस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे। भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है।
जो कपटजीवी सनातनी शंकराचार्य जी, साधु, संतों, संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का महापाप करते हैं, वो भला किसी सरकार, दल या किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी कल्पना कोई शरीफ़ आदमी कर ही नहीं सकता है।
आज़ादी से पहले, वर्तमान सत्ता के जो ‘संगी-साथी’ देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों को फाँसी के फंदों तक पहुँचाने के लिए, आज़ादी के दीवानों के ख़िलाफ़ मुख़बिरी जिनका काम रहा है और जो देश को गुलाम बनानेवाले साम्राज्यवादियों के माफ़ी-वज़ीफ़े पर रहकर अपनी भूमिगत भूमिका निभाते रहे हैं, छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।
भाजपा के लिए ये समाचार किसी ‘नैतिक मृत्युदंड’ से कम नहीं है।
मैं राजनीति में ताकत के लिए नहीं आया। मैंने ज़िंदगी भर ईमानदारी कमाई है। जब कोई बेईमान कहता है, तो चोट लगती है। इसलिए तय किया था कि देश के सामने निर्दोष साबित होकर ही बोलूंगा। आज दिल का बड़ा बोझ उतर गया।