यह जानकर कल बेहद दुख हुआ की 2006 मैं मुंबई ट्रेन सीरियल ब्लास्ट के आरोपी निर्दोष साबित हुए.
2008 मैं मैंने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी मोहम्मद सादिक इसरार शैख़ का वीडियो कबूलनामा ब्रेक किया था.
इस ख़बर के बाद पूरे देश की एजेंसियों मैं हड़कंप मच गया था.
मोहम्मद सादिक़ यह क़बूल कर रहा था की कैसे मुंबई ट्रेन धमाके ही नहीं देश के बाक़ी धमाके भी उनकी टीम ख़ासकर सिमी से इंडियन मुजाहिदन नाम से बने ग्रुप ने किए थे.
अमेरिकन सेंटर पर हमले से लेकर मुंबई, वाराणसी, जयपुर,अहमदाबाद धमाके की सिलसिलेवार बातें बता रहा था.
उस वक्त मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और महाराष्ट्र ATS के वरिष्ठ अधिकारी के बीच का टकराव जगजाहिर था.
कबूलनामा टीवी पर चलने के बाद मुंबई पुलिस को सांप सूंघ गया था.
मुझे धमकी दी जा रही थी की वीडियो को डाउन किया जाए जांच को नुक़सान हो रहा है.
मुंबई पुलिस की हरकत तो देखिए सादिक़ के कबूलनामे पर बाक़ी आरोपियों को पकड़ने की बजाय जेल मैं जाकर सादिक़ पर दबाव डालकर यह पूछा जा रहा था की यह कबूलनामा किस एजेंसी ने रिकॉर्ड किया है और कैसे यह मेरे हाथ लगा.
अब मुंबई पुलिस सादिक की बात को मानने से इसलिए इनकार कर रही थी चूँकि सादिक की बात माने तो उनकी जाँच की गई अबतक की थ्योरी ग़लत साबित हो रही थी,जिनको अबतक पकड़ा गया था वो एक भी व्यक्ति सादिक़ के कबूलनामे मैं नहीं थे. यानी कोई और ही पकड़े गए थे.
हैरानी इस बात की हुई की मुंबई पुलिसने सादिक़ के कबूलनामे को कोर्ट मैं जूठा बताया इतना ही नहीं उसकी दिमाग़ी हालत भी ठीक नहीं होने को कहा.
समय बीतता गया आज जब पढ़ा की कोर्टने पुलिस की जांच को लेकर खूब फटकार लगाई और आरोपियों को निर्दोष बरी किया है तो 2009 का यह पूरा घटनाक्रम सामने आ गया.
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