ऐसे होती evm हैक..
मुख्यमंत्री @pushkardhami बदरीनाथ स्थित बामणी गांव पहुंचे, उन्होंने देखा महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में छाछनी नृत्य कर रही थीं। ये देख मुख्यमंत्री खुद को रोक न पाए और सहजता से उनके बीच पहुंचकर छाछनी नृत्य में शामिल हो गए...
#trendingréels#BJP4ViksitBharat
आइआइटी रुडकी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने एक किस्सा सुनाया, जिसमें जिंदगी का सार निहित है. गुप्तचरी के अपने शुरुआती दिनों में एक बार वे बड़े उदास थे. अपने काम से और गुप्तचरी के क्षेत्र में जाने के अपने फैसले से निराश-जैसे थे. उनके एक साथी ने, जो तिब्बती मूल के थे, और गुप्तचरी के दौरान अनेक बार एवरेस्ट अभियान भी कर चुके थे, उनसे पूछा, उदास क्यों लग रहे हैं? इन्होने निराशा का कारण बताया. तो उसने कहा, ऐसा कुछ नहीं है. निराश होने की कोई बात नहीं है. पूछा, क्यों? तो बोले, ये जिंदगी एक मैप रीडिंग है. बोले, उन्होंने अपनी जिंदगी के ज्यादातर वर्ष इन पहाड़ियों में बिता दिए. इसलिए मैप रीडिंग की तीन बातें समझ जाइए तो जिंदगी में कभी फेल नहीं होंगे. वे कौन-सी तीन बातें हैं? पहली बात कि आप कहाँ पर हैं? दूसरी, कहाँ जाना है, और तीसरी- वहाँ पहुँचने का रास्ता कौन-सा है? सचमुच डोभाल जी का ये किस्सा बहुत काम का है.
मामला कथित भूमि कब्जा, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भी भेजा गया था और तभी से वह निलंबित है।
दिल्ली के आंदोलन में मंच से इस्तीफे का नाटक करने वाला शेर सिंह कोई सक्रिय पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक धाराओं में नामजद और लंबे समय से निलंबित चल रहा व्यक्ति है।
#GenZwithbharat#india#indiafirst
जिस शेर सिंह को आंदोलन के मंच से "इस्तीफा" दिलवाया गया, वह वर्ष 2025 से उत्तराखंड पुलिस से निलंबित चल रहा है। उसके खिलाफ थाना गंगनहर, हरिद्वार में मु०अ०सं० 415/2025 दर्ज है, जिसमें IPC की धाराएं 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा BNS की धाराएं 111(2)(बी), 351(2) और 352 लगाई गई हैं।
How did INS Dunagiri get its name? Hear the fascinating story behind the ship’s name from its Commanding Officer, Captain Divya Alok, as he shares the legacy, heritage, and significance of INS Dunagiri.@indiatvnews
@AmitShah भारत के पड़ोसी देश म्यांमार, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में सरकार को अस्थिर कर देश में सत्ता परिवर्तन किया गया। अब यही साजिश भारत में रची जा रही है। अमेरिका में बैठा #आतंकी, भारत में कॉकरोच ट्रेंड चला रहा है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए..
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में सरकार को अस्थिर कर देश में सत्ता परिवर्तन किया गया। अब यही साजिश भारत में रची जा रही है। अमेरिका में बैठा #आतंकी, भारत में कॉकरोच ट्रेंड चला रहा है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए..
जय हिंद
#cockroach
देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं।
इस वर्ष चारधाम यात्रा के आरंभ उत्सव पर, उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मैंने एक पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।
मेरी कामना है कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें।
हर-हर महादेव!
आपके द्वारा देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और प्रकृति से जुड़े फूलदेई पर्व की भावना को अत्यंत सुंदर शब्दों में अभिव्यक्त किया गया है। यह पर्व हमारी संस्कृति में प्रकृति के प्रति आस्था, सद्भाव और समृद्धि के संदेश का प्रतीक है।
विश्वास है कि आपके माध्यम से उत्तराखंड की यह अनूठी लोक परंपरा देश-दुनिया में और अधिक लोगों तक पहुँचेगी तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।
हार्दिक आभार..!
I must confess that until recently I had never heard of Phool Dei, a spring festival that was celebrated yesterday in the villages of Uttarakhand.
Children gather fresh flowers from the hills and go from house to house placing them on doorsteps, offering a blessing for the household:
“Phool Dei, Chhamma Dei,
Deni Dwar, Bhar Bhakar…” roughly wishing the home prosperity.
In return they receive sweets.
It reminded me a little of Halloween in the U.S., where children go door to door saying “trick or treat.” But what a lovely contrast. Here the children arrive not threatening a prank, or asking first, but giving first. Flowers.
In an age when we speak so much about environmental consciousness, this graceful celebration of spring and nature deserves to be far more widely known.
Just as Holi travelled across India and the world, perhaps Phool Dei should too.
For me, the children of Uttarakhand are my #MondayMotivation
समान नागरिक संहिता का एक वर्ष
संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के सपनों को साकार करते हुए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता, समान अधिकार और समान न्याय की दिशा में एक दृढ़ और ऐतिहासिक कदम है।