ये कैसा लोकतंत्र है ?
हाथरस की घटना ने सारे देश को शर्मशार किया और हमें झकझोर दिया। सामूहिक बलात्कार , फिर दरिंदों के दिये गहरे जख्मों की वजह से मौत। बिना माता-पिता और रिश्तेदारों के जला दी चिता। सरकार कहती है , पीड़ित परिवार से कोई नहीं मिलेगा। आखिर क्या छुपाना चाहती है सरकार?
आज हर सच्चा भारतीय,दुष्प्रचार करने वालों से पूछता है-
-जब चीन घुसा ही नहीं तो 20 जवानों की शहादत क्यों
-जब हाथरस की बेटी के साथ दरिंदगी हुई ही नहीं तो रात को बिटिया की लाश को जलाया क्यों
-जब स्व. सुशांत राजपूत ने खुदकुशी की तो 2 माह तक उनकी मर्डर की असत्य खबर TV चैनलों पर क्यों
क्रूरता का अभिप्राय बनचुकी अधर्मी आततायी अजय बिष्ट सरकार की कठपुतली पुरुष पुलिस की जुर्रत कैसे हुई कि वो एक महिला नेता के वस्त्रों पर हाथ डाल सके ! इसका जवाब आपको मिलेगा ।