HA HA HA ...... ........!
WHERE ARE SUBMARINES?
HOW MANY IN PLAN?
HOW MANY NEAR DESIRED LOCATIONS?
OTHERS ARE 7 DAYS AWAY FROM DESIRED LOCATIONS?
शुभम्।
@nishikant_dubey@RahulGandhi क्यों पंडितों को बदनाम करने पर तुले हो?
कर्म जो किये वो जगह जाहिर है
अब यह सब करके क्या साबित करना चाहते हो?
तो तुम्हारी नजरों में यह सनातन है?
तुम्हारी औलादें भी तुम्हारी कारस्तानीयाॅ देखती, पढ़ती होंगी, कभी पूछती भी होंगी? क्या जवाब देते होगे?
पैसे के लिए?
शुभम्।
शुभम्।
अरे ये क्या हुआ...स्पीकर ओम बिरला आए वंदे मातरम करवाया और बैठते ही बोले सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित❓
क्या सभी लोग सिर्फ वंदे मातरम् करने गाने के लिए सदन में आए थे❓
और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री आखिरी दिन क्या सदन में सिर्फ अपना चेहरा दिखाने आए थे
कल संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू बार-बार विपक्ष से कह रहे थे कि हमारे पास सिर्फ दो दिन बचे हैं तो सत्तापक्ष की तरफ से आज का दिन क्यों बर्बाद किया गया❓
फिर तो आज ये साफ हो गया कि सरकार ने विपक्ष के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए हैं और सरकार के लोग विपक्ष से डरे हुए हैं।
अराफात,फिदेल और उनकी दिलेर बहन
---------------------------.---
1983 साल था, महीना मार्च का। दिल्ली से सर्दी विदा हो चुकी थी लेकिन 140 देशों से मेहमानों का आना जारी था। इंदिरा गांधी और नटवर सिंह के कंधों पर सातवें गुटनिरपेक्ष आंदोलन की भारी ज़िम्मेदारी थी। नटवर इस सम्मेलन के सेक्रेटरी जनरल थे इसलिए वो खासतौर से परेशान थे। जल्दबाज़ी में भारत को मेज़बानी मिली थी और ये उन पर था कि वो किसी तरह कार्यक्रम को कामयाबी से निपटा दें। अचानक उन्हें खबर मिली कि फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के नेता यासिर अराफात नाराज़गी में वापस लौटना चाहते हैं। नटवर सिंह के तो हाथ पांव ही फूल गए।
नाराज़गी की वजह जाननी चाही तो पता चला कि जॉर्डन के शाह को पहले भाषण देने का मौका मिलने की वजह से अराफात गुस्सा गए थे। नटवर सिंह अराफात के तेवरों से परिचित थे। जानते थे कि वो उनके मनाने से नहीं माननेवाले। उन्होंने तुरंत इंदिरा गांधी से विज्ञान भवन आने की विनती की जहां आयोजन हो रहा था। नटवर सिंह ने उनसे फिदेल कास्त्रो को भी साथ लेते आने को कहा। फिदेल कास्त्रो पहुंचे और यासिर अराफात को फोन करके बुलाया। नाराज़ अराफात से फिदेल ने पूछा कि वो इंदिरा गांधी को अपना दोस्त मानते हैं या नहीं..अराफात ने तपाक से कहा कि वो मेरी दोस्त नहीं, बड़ी बहन हैं।
बस, कास्त्रो को मौका मिल गया, बोले- फिर छोटे भाई की तरह बर्ताव करो जैसे मैं बड़े भाई की तरह करता हूं और सम्मेलन में हिस्सा लो। यासिर अराफात दोनों का ही बहुत सम्मान करते थे। उन्होंने ज़िद छोड़ दी और सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसी सम्मेलन के दौरान एक फोटो बहुत ही मशहूर हुआ। ये फोटो तब लिया गया जब फिदेल कास्त्रो ने इंदिरा गांधी को गले लगा लिया। फिदेल कास्त्रो जवाहरलाल नेहरू की बहुत ज़्यादा इज़्ज़त करते थे और इंदिरा गांधी को छोटी बहन की तरह हमेशा स्नेह देते थे।
यह वो दौर था जब मेलोडी खिलाकर उसका विश्वमंच पर प्रदर्शन नहीं किया जाता था न तो खें खें खें खें हँसा जाता था।
उत्तर प्रदेश अब बिहार बनेगा. अब उत्तर प्रदेश में भी पैसे देकर वोट ख़रीदे जाएँगे; फिर उस पैसे की वसूली होगी. पूरे प्रदेश को अशिक्षा और बेरोजगारी के दलदल में फँसाने के बाद चुनाव जीतने के लिए सरकार मतदाताओं को घूस देगी. उत्तर प्रदेश अब और तबाह होगा.
खड़गे जी आख़िर खड़गे जी है 🤣🔥
नरेंद्र मोदी - प्रियंका जी, कैसी हैं आप?
प्रियंका गांधी - अच्छी हूं! आप कैसे हैं?
नरेंद्र मोदी - मैं तो वैसा ही हूं।
खरगे जी - नहीं वैसे तो नहीं हो, थोड़ा बदल गए 🤣🤣
संतोष सिंह पत्रकार लिखते हैँ कि :-
"विश्वास मुझे खुद नहीं हो रहा है बिहार में इस स्तर का खेल चल रहा है,
कल एक जानकारी मुझे मिला की स्वास्थ्य विभाग 15 हजार में एक डस्टबिन खरीदा है!
खबर करने से पहले वाकाई में डस्टबिन और काला वाला पन्नी मिलता कितने में है!
1240 रुपया में डस्टबिन और 110 रुपया में एक बंडल पन्नी मैं हैरान रह गया पन्नी 95 रुपया पर पीस और 15.460 रुपया में एक ड्राम विभाग खरीदा है!
तीन सौ छह करोड़ का खरीदारी हुई है और भुगतान दवा खरीद वाले मद से किया गया है!
समझ से पड़े है भाई कहाँ 1500 सौ और कहाँ 15,000 बताइए बिहार के मेहनतकश जनता की गाढ़ी कमाई का किस स्तर पर लूट मचा है"
दुनिया AI बना रही है बिहार घोटाले का स्कोप खोज रहा है। एक्सप्रेस वे से लेकर कूड़ेदान तक में लूट है। राम मंदिर के चढ़ावे में लूट हो गई है। बचा क्या है? संतोष सिंह को भी विश्वास नहीं हुआ कि बाल्टी के जैसा कूड़ेदान 15000 का हो सकता है। लूटने वाले को यकीन होगा कि धर्म के नशे में डूबी पब्लिक को बेवकूफ बनाया जा सकता है।
BJP Leaders and Godi Anchors during Students protest at Jantar Mantar: 'Please don't politicise the Students protest'.
Meanwhile goons from the BJP in Jharkhand 👇🏼