न हिंदू बुरा है न मुसलमान बुरा है जो नेताओं की बातों में आकर देश में उत्पात मचाए वो इंसान बुरा है____
चेतावनी जिस भाषा में बोलोगे उसी भाषा में जवाब मिलेगा
वाराणसी: BJP पार्षद की नाव पर गंगा में पकाया गया चिकन, परोसी गई शराब
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा के बीच नाव पर मांस पकाने और शराब पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और नाव सीज कर दी. वायरल वीडियो के मैसेज में नाव को बीजेपी के एक पार्षद से जुड़ा बताया गया है.
पूरी ख़बर- https://t.co/8Uihb4XJ6q
#VaranasiNews #DashashwamedhGhat #GangaRiver #ATCard #AajtakSocial
अपने मासूम निर्दोष बच्चों का बदला लेना सीखो
वर्ना ऐसे ही रोज़ जिह!दी उनका क़त्लl करते रहेंगे
महाकाली की बेटी हो गला क!ट कर असुरों का रक्त पी जाओ
जय महाकाली ⚔️
मुस्लिमों के खिलाफ माहौल बनाने के लिए खतरे में आए हुए तनातनियो ने गोवंश की हत्या की इससे पहले किसी पर इल्जाम डाल पाते पकड़े गए ।
अधिकतर गोवंश के मामलों में मुस्लिमों को प्लानिंग के तहत फसाया जाता है । ऐसे सबूत भरे पड़े है जहां ये खुद गो हत्या करके मुस्लिमों पर इल्जाम डालते है।
संभल के कसेरवा गांव की मुस्तफ़ा क़ादरी मस्जिद में I Love Mohammad लिखे पोस्टर और इस्लामिक झंडा मिलने पर पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली सहित 8 मुस्लिम व्यक्तियों के खिलाफ़ FIR दर्ज की थी, एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बरामद सामग्री में हिंदू समुदाय के बीच आक्रोश पैदा करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता थी। BNS की धारा 353(2) जिसका मतलब झूठी अफवाहें, भड़काऊ समाचार या गलत जानकारी फैलाते है, इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के बीच नफरत और दुश्मनी पैदा करने से रोकना होता हैं।
बीबीसी ने जब इस FIR पर संभल के एसपी के०के बिश्नोई से सवाल किया तो साहब ने जवाब ऐसा दिया जिसमें साफ़ साफ़ दिख रहा है कि FIR जबरन की गई हैं बिना वजह की गई है और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला किया गया है। FIR एल आई यू की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज करना बताया गया है, वाह जी वाह।
जो यूपी पुलिस एक ट्वीट पर FIR कर देती है,
जो यूपी पुलिस एक मुहावरे पर FIR कर देती है,
जो यूपी पुलिस धरना-प्रदर्शन पर FIR कर देती है,
जो यूपी पुलिस आई लव मोहम्मद लिखने पर FIR कर देती है।
वो यूपी पुलिस राम मंदिर में हुए दान की चोरी पर अभी तक कोई FIR क्यों नहीं की है..?
बिहार के सारण जिले के माझी में सरयू नदी में एक 8 वर्षीय मासूम के डूबने की सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर शमीम खान बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे नदी में कूद पड़े। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ उन्होंने करीब 45 मिनट तक लगातार तलाश अभियान चलाया। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की यह कहानी आज हर किसी का दिल जीत रही है।
ऐसे लोगों को हमारा सलाम....!!
भरत भूषण तिवारी खुलेआम हिन्दू राष्ट्र की वकालत करता था। उसे संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्ष भारत मंज़ूर नहीं था। उस पर अवैध पिस्टल रखने और पुलिस पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप भी रहे।
इसके बावजूद आज कुछ लोग उसे हीरो और मसीहा बनाकर पेश कर रहे हैं। सवाल यह है कि अगर क़ानून और संविधान की बात होती है, तो उसका पैमाना सबके लिए एक जैसा क्यों नहीं होना चाहिए? भोले-भाले लोगों को जज़्बात नहीं, हक़ीक़त देखकर राय बनानी चाहिए।
भरत भूषण तिवारी खुलेआम हिन्दू राष्ट्र की वकालत करता था। उसे संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्ष भारत मंज़ूर नहीं था। उस पर अवैध पिस्टल रखने और पुलिस पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप भी रहे।
इसके बावजूद आज कुछ लोग उसे हीरो और मसीहा बनाकर पेश कर रहे हैं। सवाल यह है कि अगर क़ानून और संविधान की बात होती है, तो उसका पैमाना सबके लिए एक जैसा क्यों नहीं होना चाहिए? भोले-भाले लोगों को जज़्बात नहीं, हक़ीक़त देखकर राय बनानी चाहिए।
@AnilYadavmedia1 तुम जैसे दल्ला को क्रांतिकारी और आतंकवादी में फर्क नहीं पता है
शाहरुख पठान दंगा कर रहा था
Jo आम इंसान की जान ले रहा था
Bारत तिवारी जनता की भलाई कर रहा था
तुम जैसे दोगले नहीं समझ सकते हैं
तुमको यहाँ तक नहीं मालूम की तुम्हारा असली बाप कौन है
तू अन्तर न समझा
@WasimAkramTyagi क्यूंकि पंचर छाप बाज नहीं आरहे ये जानते हुए कि पिछवाड़े लाल हो जाएंगे....लेकिन पंचर और मदरसा छाप में जब तक लात घुसे नहीं padte..ये बाज नहीं आते...
स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी की खुशी सवर्णों द्वारा नहीं देखी जा रही।
भरत तिवारी स्वर्ग का लुत्फ उठा रहा हैं।
और यहां ब्राह्मण, भूमिहार, लाला विधवा विलाप कर रहे हैं सब।
अरे यार, वह इतनी मेहनत के बाद स्वर्ग गया हैं,उसे अप्सराओं,नर्तकियों,तरह-तरह के भोज-व्यंजनों का आनंद लेने दो भाई।
एक सच्चाई आपको बता रहा हूँ। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने का एक भी आरोपी ‘दूसरे’ समुदाय से नहीं है। इसलिए जघन्य अपराध पर किसी भी हिन्दुवादी संगठन के फ्रिंज एलिमेंट्स को कोई गुस्सा नहीं आएगा। दूसरी सच्चाई यह भी है कि यह घटना जिस राज्य में हुई है उस राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री है। इसलिए इस जघन्य अपराध पर शायद ही कोई ‘टीबी’ चैनल डिबेट कर पाए।