#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
मैं शिक्षकों के सम्मान में राजस्थान से लिख रहा हूं , आप कहां से लिख रहे हो...??
कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों...
आज शिक्षकों ने सरकार को सड़क और सोशल मीडिया पर चित कर रखा है...💪
1M+ ट्वीट ✌️
#Boycottdigitalattendance
जरा सी बारिश में रास्ते , बन जाते स्विमिंग पूल,
बताइए अब कैसे 'एक्जैक्ट टाइम' ,मास्टरजी पहुंचे स्कूल।
ये हैं जौनपुर के सिटी एरिया का हाल,
तो गांवों का क्या होगा हाल,
हमारा एक ही है सवाल,
शिक्षक की मांगे पूरी कर
खत्म करिए ये बवाल।
फिर ऑनलाइन अटेंडेंस।
#Boycottdigitalattendance
शिक्षकों ने राज्य कर्मचारियों की भांति सामान्य सुविधाएं जैसे EL, कैश लेस चिकित्सा, अर्ध अवकाश आदि की मांग क्या कर ली,
सब लोग शिक्षकों को ताने मारने लगे।
एटेंडेंस लीजिए लेकिन उन मांगों पर भी तो बात कीजिए जो बाकी सभी को बिना मांगें मिल रही हैं।
#Boycottdigitalattendance
स्कूल बने तालाब।।।
गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति कब ??
हमको चाहिए हमारा अधिकार ,पेंशन, ट्रांसफर,EL , राज्य कर्मचारी पर करो विचार
#Boycottdigitalattendance