अगर जौहर यूनिवर्सिटी को गिरने से, तबाह होने से आप नहीं बचा पाए तो यक़ीन मानिये नेता जी आप सत्ता में आने के हक़दार नहीं होंगे।
इतनी ताक़त, इतना जनसमर्थन होने के बावजूद आपकी आँखों के आगे ये सब हो जाये... फिर तो आपसे किसी भी तरह की उम्मीद करना ही बेकार है।
जब जौहर युनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा था तब वो क्षेत्र रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के दायरे में नहीं आता था, बाद में प्राधिकरण ने अपना दायरा बड़ा कर लिया और अब रामपुर DM कह रहे हैं कि जौहर युनिवर्सिटी का नक्शा नहीं पास है तो गिराने का आदेश पारित कर दिया गया है।
वैसे नक्शा तो इस देश की किसी युनिवर्सिटी का पास नहीं है तो क्या सारे विश्वविद्यालयों पर बुलडोज़र चला दोगे ??
नक्शा तो इस देश के ज्यादातर DM ऑफिस का भी नहीं पास होगा तो क्या सब को ज़मींदोज़ कर दोगे ?
एैसे बेतुके और तानाशाही वाले आदेश पारित करते हुए इन अधिकारियों को सोचना चाहिये कि ये भी किसी एैसी ही युनिवर्सिटी से पढ़कर आये होंगे जहॉं का नक्शा नहीं पास होगा।
शिक्षा के इतने बड़े संस्थान को बचाने के लिये सभ्य समाज को आगे आना होगा वरना ये ज़ालिम सरकारें कुछ भी महफ़ूज़ नहीं रहने देंगी।
कानपुर का निवासी 'विपिन सिंह' सोशल मीडिया पर लगातार इस्लाम के खिलाफ भ्रामक और नफरत भरी वीडियो पोस्ट कर रहा है, जिससे हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। इससे समाज का माहौल बिगड़ सकता है।
@kanpurnagarpol@Uppolice और साइबर सेल से निवेदन है कि इस व्यक्ति के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
@adgzonekanpur@igrangekanpur@kanpurdehatpol
संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न गांव में कब्रिस्तान की भूमि पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है और उसे उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताया। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
छात्रों की गूँज कार्यक्रम में छात्रों से संवाद कर रहा था,
एक छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नारे
बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ
को बदलने की सलाह देते हुए कहा कि
“नेताओं को पढ़ाओ - देश भी बचाओ, बेटी भी बचाओ”
इस बेटी की बातें प्रधानमंत्री जी को सुननी चाहिये।
BJP वाले नरोत्तम मिश्रा के गुर्गे सड़क पर आतंक काटते रहे. पथराव किया, गाड़ियां जलाने की कोशिश की, जमकर बवाल काटा - पुलिस वाले घायल हो गए.
लेकिन..
DM बता रहे हैं कि उन्हें ख़ुशी है कि पुलिस ने बवालियों पर जरा भी बल प्रयोग नहीं किया, लाठीचार्ज नहीं किया.
नाम इसलिए नहीं बताए, क्योंकि सभी दरिंदे ‘अपने’ हैं। नोएडा के जिन चैनल्स की बात हो रही है, उनमें तो इतना भी माद्दा नहीं है कि बलात्कारी को संस्कारी बताने पर ही सवाल उठा पाते। उनकी औक़ात का तभी पता चल गया था जब बलात्कारी दरिंदों को मालाएँ पहनाई गईं और इन चैनल्स ने उस पर चर्चा तक करना ज़रूरी नहीं समझा। क्योंकि ऐसा निर्लज्ज कृत्य करने वाले ‘दूसरे’ नहीं थे।
देखिए, आधी अधूरी जानकारी परोसने वाले न्यूज़24 ने न आरोपी हेमल उर्फ दिलीप का नाम बताया और न ही मृतक महिला रेशमा उर्फ सना का नाम प्रकाशित किया। ऐसे में दर्शकों तक पूरी तस्वीर नहीं पहुंच पाती।
#Ghaziabad इसी को राजतंत्र कहते है, मांस को जांच के लिए भेजा गया है, जो सलीम पिटा है वही पुलिस हिरासत में है। उसी से पूछताछ हो रही है। पीटने वाले सरकारी दामाद बने गौरक्षक खुली हवा के सास ले रहे है। उन पर FIR कब होगी? क्या ये BNS कि धारा में मॉब लिंचिंग के दायरे में नहीं आता? सुनिये पुलिस का आधिकारिक बयान!
गोवा माइनरिटी अध्यक्ष वसीम खान को sस्पेंड कर दिया गया है।
रीजन उन्होंने माइनारिटी के लिए आवाज़ उठाई। उन्होंने भरी सभा में सीनियर लीडरों के सामने बोल दिया कि,
माइनारिटी का कोई नहीं नाम नहीं लेता, नहीं नाम लेना है तो डिपार्टमेंट बंद कर दो।
वसीम खान को सस्पेंड कर के उनका मुंह बंद करवाया जा रहा है।
दिल्ली के सागरपुर इलाके में बजरंग दल के जॉम्बी कार्यकर्ताओं ने महिलाओ और बच्चो पर लाठी-डंडे से जानलेवा हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटे आई है,
ये बजरंग दल गुंडे है, जो आए दिन मुस्लिमो को निशाना बनाते रहते है, प्रशासन द्वारा इन लोगो पर कठोर से कठोर कार्यवाही होनी चाहिए,
लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि पुलिस प्रशासन भी इन लोगो के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर पाती है क्योंकि ये बजरंग दल वाले सरकार के चमचे हैं।
लोकेशन: दिल्ली सागरपुर
सागरपुर को मणिपुर की तरह बजरंगदल के गुंडो द्वारा दंगे में झोंका जा रहा है।
लगातार 4 दिन से मुसलमानों पर हमला हो रहा है, पुलिस की मौजूदगी में मुस्लिम बच्चियों को घर से उठाने की बात हो रही है।
लेकिन पुलिस तबसींन होकर देख रही है।
ग़ाज़ियाबाद में हुए मोहम्मद ज़ैद हत्याकांड का दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बुलडोजर और एनकाउंटर से ‘न्याय’ दिलाने वाली पुलिस ने ज़ैद के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं किया है, उनकी संपत्तियों पर बुलडोज़र नहीं चलाया है। जिस मनीष प्रॉपर्टीज़ के ऑफिस में ले जाकर एक मासूम बच्चे को इन दरिंदों ने पीट-पीट कर मार डाला, उस ऑफिस पर भी बुलडोज़र नहीं चलाया गया है। जबकि वह ऑफिस ज़ैद की कत्लगाह है।
ज़ैद अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसकी सात बहने हैं। राहुल और अनुज नामी दरिंदों ने मामूली से विवाद में उस मासूम बच्चे की पीट-पीट कर हत्या कर दी। ज़ैद के बूढ़े पिता से इकलौता सहारा छीन लिया, उसकी बहनों से उसका भाई छीन लिया। यूपी के मुख्यमंत्री @myogiadityanath अपराध और माफियाओं के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का दंभ भरते हैं। लेकिन देखा यह गया है कि उनकी सरकार में धर्म और जाति आधारित भेदभाव चरम पर है।
जिस गाजियाबाद में राहुल और अनुज ने ज़ैद की हत्या की है, उसी गाजियाबाद में असद ने सूर्या की हत्या की थी। सूर्या की हत्या के कुछ ही घंटों बाद यूपी पुलिस ने असद को एनकाउंटर में मारकर सूर्या को ‘न्याय’ दिला दिया। यूपी सरकार ने सूर्या के परिवार को पांच लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नोकरी देने की घोषणा कर दी। सूर्या के घर सांसद, विधायक, मंत्री सांत्वना देने पहुंचे। हिन्दुवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स और ज़हरीले ‘यू-ट्यूबिए’ सूर्या की हत्या का दोष पूरे समुदाय पर मढने के षडयंत्र में शामिल हो गए।
लेकिन ज़ैद के लिए यह सब नहीं हो रहा है। सरकार की ओर से मुआवज़ा देना तो दूर सांत्वना के दो बोल तक नहीं कहे गए हैं। आरोपितों का फुल एनकाउंटर तो दूर हाफ एनकाउंटर भी नहीं किया गया है, और बुलडोज़र तो मानो ऐसे खामोश है जैसे उसका इंजन बैठ गया हो। एक ‘महंत’ के शासन में राज्य में न्याय के लिए की जाने वाली कार्रावाई कितनी निष्पक्ष हैं उसका पक्ष एक दम स्पष्ट नज़र आता है! सत्ता शिखर पर पहुंच कर भी यदि निष्पक्ष न्याय का माद्दा नहीं है, तो फिर वह पद ही कुर्सी पर बोझ है।
यह मामला भी उसी ग़ाज़ियाबाद का है, जिस गाजियाबाद में सूर्य की हत्या के बाद पुलिस ने हत्यारोपी असद को एनकाउंटर में मारकर सूर्या का ‘बदला’ ले लिया था। अब उसी गाजियाबाद में मोहित को गौरव, देव, हरि और अन्य दोस्तों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। अब सवाल यह है कि जिस तरह सूर्या को ‘इंसाफ’ दिलाया गया है, क्या उसी तरह मोहित को भी इंसाफ दिलाया जाएगा? क्या मोहित के हत्यारोपितों को एनकाउंटर में ढेर करके यूपी पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी गोली बगैर जाति धर्म देखे, बिना भेदभाव के चलती है।
देखना यह भी है कि हिन्दुवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स मोहित को न्याय दिलाने के लिए वैसा ही हंगामा करते हैं कि नहीं, जैसा सूर्या को न्याय दिलाने के लिए किया था। या फिर चढ़ावा चोरी की तर्ज़ पर @BHUPENDER_HRD कह देगा कि हिंदू को हिंदू ने मार दिया, तुम्हें क्यों मिर्ची लग रही हैं।