पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।
पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल साम���े आ गया - केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।
इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए।
आज उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही माँगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती।
यह एक भयावह साज़िश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहाँ और भी बेटियाँ शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आँखें मूँद कर बैठी है।
यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।
आज अगर प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा।
यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है।
यह किताब किसी विदेशी लेखक की नहीं है।
यह किताब है देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की - और हैरानी की बात यह है कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के हिसाब से मौजूद ही नहीं है।
इस किताब में साफ़ लिखा है कि जब चीनी सेना हमा��ी सीमा में घुस आई थी, ऐसी नाज़ुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतजार करवाया।
और जब निर्णय लेने का वक़्त आया, तो प्रधानमंत्री ने बस इतना कहा - “जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।”
यानी देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट में, मोदी जी ने राजनीतिक ज़िम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए।
जनरल नरवणे खुद लिखते हैं कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
यही वह सच्चाई है जिसे बोलने से ���ुझे संसद में रोका जा रहा है।
देश सवाल पूछ रहा है और सरकार जवाब देने से भाग रही है।
आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य और सफलताएं लेकर आए।
Wishing everyone a very Happy New Year 2026!
आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस पर हर कांग्रेसजन को हार्दिक शुभकामनाएं।
हम उस ऐतिहासिक विरासत और उन महान बलिदानियों को नमन करते हैं जिन्होंने भारत को आज़ादी दिलाई, संविधान की नींव रखी और लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय व समानता के मूल्यों को मजबूत किया।
कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, भारत की आ��्मा की आवाज़ है - जो हर कमजोर, हर वंचित और हर मेहनतकश के साथ खड़ी रही है।
संकल्प है कि नफ़रत, अन्याय और तानाशाही के ख़िलाफ़ सत्य, साहस और संविधान की रक्षा की लड़ाई और अधिक मज़बूती से लड़ेंगे।
जय हिंद। जय कांग्रेस।
Saddened by the passing of former Prime Minister of Bangladesh, Begum Khaleda Zia. Over her long career in public life, she played a significant role in Bangladesh’s political journey.
My heartfelt condolences to her family, supporters, and the people of Bangladesh.
"हमारा व्यापार खत्म होने की कगार पर है” - व्यापार संवाद में वैश्य समाज की इस पीड़ा ने सच में झकझोर कर रख दिया।
जिस समाज ने देश की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक योगदान दिया, आज वही हताश है - ये खतरे की घंटी है।
सरकार ने Monopoly को खुली छूट दे दी है, और छोटे-मध्यम व्यापारियों को bureaucracy और गलत GST जैसी खराब नीतियों की जंजीरों में बांध दिया है।
ये सिर्फ नीति की गलती नहीं - ये उत्पादन, रोज़गार और भारत के भविष्य पर सीधा हमला है।
BJP सरकार की इसी सामंतवादी सोच के खिलाफ लड़ाई है। और इस लड़ाई में देश के व्यापार की रीढ़ - वैश्य समाज के साथ मैं पूरी ताकत से खड़��� हूं।
न जनसंवाद, न संसद में चर्चा, न राज्यों की सहमति - मोदी सरकार ने मनरेगा और लोकतंत्र दोनों पर बुलडोज़र चला दिया है।
यह विकास नहीं, विनाश है - जिसकी कीमत करोड़ों मेहनतकश भारतीय अपनी रोज़ी रोटी गंवा कर चुकाएंगे।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी का इस गंभीर मुद्दे के हर पहलू का पर्दाफाश करता हुआ ये लेख ज़रूर पढ़ें।
क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज़ उठाने की हिम्मत कर रही है?
उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है - खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।
बलात्कारियों को ज़मानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार - ये कैसा न्याय है?
हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं - ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं।
लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध।
पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए - न कि बेबसी, भय और अन्याय।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
अपने दूरदर्शी नेतृत्व से उन्होंने भारत को आर्थिक रूप से सशक्त किया। देश के वंचितों और गरीबों के ���िए उनके ऐतिहासिक प्रयासों और साहसिक निर्णयों ने भारत को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाई।
उनकी विनम्रता, कर्मठता और ईमानदारी हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी।
माजी मंत्री शालिनीताई पाटील यांच्या निधनाचे वृत्त अत्यंत दुःखद आहे. स्व. वसंतदादा पाटील यांच्या साथीने आणि त्यानंतरही स्वतःच्या कर्तृत्वाने त्यांनी महाराष्ट्राच्या राजकारणात आपला वेगळा ठसा उमटवला. कणखर आणि स्पष्टवक्तेपणा असलेले न���तृत्व महाराष्ट्राने गमावली. त्यांना भावपूर्ण श्रद्धांजली!
Modi ji has a deep dislike for two things - the ideas of Mahatma Gandhi and the rights of the poor.
MGNREGA is the living embodiment of Mahatma Gandhi’s vision of Gram Swaraj. It has been a lifeline for millions of rural Indians and proved to be a crucial economic safety net during the COVID pandemic.
Yet, this scheme has always unsettled PM Modi. For the past ten years, his government has systematically tried to weaken it. Today, he is determined to erase MGNREGA altogether.
MGNREGA was built on three fundamental principles:
1. Right to employment - anyone who demands work must be provided employment
2. Autonomy for villages to decide their own development works
3. Full wage support by the Central Government and 75% of material costs
Now, Modi ji wants to transform MGNREGA into a tool of centralised control:
1. Budgets, schemes, and rules will be dictated by the Centre
2. States will be forced to bear 40% of the costs
3. Once funds run out, or during harvest season, workers will be denied employment for months
This new bill is a direct insult to the ideals of Mahatma Gandhi. After destroying the future of India’s youth through massive unemployment, the Modi Government is now targeting the secure livelihood of poor rural families.
From Sadak to Sansad, we will oppose this anti-people bill.
Air pollution has become a national catastrophe that demands a comprehensive and immediate national action plan.
This is not a political issue but a bipartisan responsibility, for which we are ready to work with the PM to combat it, solve it and protect the future of our people.
वायु प्रदूषण एक राष्ट्रीय आपदा बन चुका है, जिसके खिलाफ़ एक तत्काल, व्यापक और निर्णायक राष्ट्रीय योजना की ज़रूरत है।
यह राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है जिसके नियंत्रण, समाधान और हमारे लोगों के भविष्य की रक्षा के लिए हम प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्��ान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि।
भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।
चोरी BJP के DNA में है।
पैसे चोरी - ज़मीन चोरी - संस्था चोरी - अधिकार चोरी - रोज़गार चोरी - जनादेश चोरी - सरकार चोरी - चुनाव चोरी - वोट चोरी
जनता से चोरी ही BJP के लिए सत्ता की सीढ़ी है।